फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: Three acquitted including Yuvraj Ustad in Jitu Thakur murder case, two get life imprisonment

इंदौर: जीतू ठाकुर हत्याकांड में युवराज उस्ताद समेत तीन बरी, दो को आजीवन कारावास

Mon, 25 Apr 2022 04:57 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Mon, 25 Apr 2022 04:57 PM IST
सार

बहुचर्चित जीतू ठाकुर हत्याकांड में सोमवार को जिला न्यायालय ने फैसला सुनाया। आरोपी युवराज उस्ताद समेत तीन को बरी कर दिया। दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एक आरोपी की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। 

विज्ञापन
Indore: Three acquitted including Yuvraj Ustad in Jitu Thakur murder case, two get life imprisonment
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

करीब 15 साल पहले हुए जीतू ठाकुर हत्याकांड के मामले में सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने युवराज उस्ताद सहित तीन को बरी कर दिया और दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
विज्ञापन


घटनाक्रम 2007 का है। 23 जनवरी 2007 को महू उपजेल में जीतू ठाकुर की हत्या कर दी गई थी। जीतू ठाकुर से मुलाकात करने के बहाने आरोपी जेल में घुसे और वहीं पर गोली मार दी। घटना के बाद आरोप लगे थे कि युवराज उस्ताद अपना वेश बदलकर जेल में घुसा था और जीतू को गोली मारी। यह बात सामने आई थी कि अपने पिता विष्णु उस्ताद की हत्या का बदला लेने के लिए युवराज उस्ताद ने यह हत्या की है। इस हत्याकांड के बाद युवराज उस्ताद कई दिनों तक फरार रहा। बाद में उसने मिल क्षेत्र की एक बस्ती में सरेंडर किया था। प्रकऱण में छह आरोपी बनाए गए थे, जिनमें युवराज उस्ताद का नाम भी शामिल था। कोर्ट में केस चलने के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी। पांच आरोपी शेष थे। इनमें से तीन को कोर्ट ने बरी कर दिया और दो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 
विज्ञापन


युवराज उस्ताद के वकील ने रखे ये तर्क
कोर्ट में पैरवी के दौरान युवराज की ओर से वकील अविनाश सिरपुरकर ने तर्क रखे कि उसका हत्याकांड से कुछ लेना देना नहीं है। 23 जनवरी 2007 को जिस दिन जीतू ठाकुर की महू की उपजेल में गोली मारकर हत्या की गई थी उस दिन युवराज एक अन्य मामले में महाराष्ट्र की जेल में बंद था। जब वह जेल में बंद था तो फिर हत्या कैसे कर सकता है। कोर्ट ने एडवोकेट सिरपुरकर के इस तर्क को सही मानते हुए युवराज को बरी कर दिया। यशवंत और करण को भी बरी किया। अशोक सूर्यवंशी और विक्की उर्फ विनोद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी अशोक मराठा की प्रकरण के विचारण के दौरान मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed