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इंदौर: प्रशासन का सख्त रवैया, बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही बरतने पर चार स्कूलों को किया सील
Mon, 31 Jan 2022 06:51 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 31 Jan 2022 06:51 PM IST
सार
बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही बरतने के मामले में कलेक्टर ने सख्त रवैया अपनाया है। नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है और स्थिति को देखने के लिए औछक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को चार स्कूलों को सील किया गया है।
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स्कूल को सील करने की कार्रवाई करता प्रशासनिक अमला
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही बरतने के मामले में कलेक्टर ने सख्त रवैया अपनाया है। नियमित रूप से इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है और स्थिति को देखने के लिए औछक निरीक्षण भी किया जा रहा है। इस क्रम में सोमवार को चार स्कूलों को सील किया गया है।
दरअसल कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में सोमवार को विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 15 से 17 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण करवाए जाने के कार्य में लापरवाही करना पाए जाने पर चार स्कूलों को सील किया गया। अपर कलेक्टर पवन जैन ने बताया कि छावनी के सेंट अर्नाल्ड स्कूल को सील किया गया। इस स्कूल में पात्र कुल 741 बच्चों में से 647 का टीकाकरण हो चुका है। शेष 94 बच्चे टीकाकरण से शेष है। अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा द्वारा टैगोर पब्लिक स्कूल की जांच की गई। जांच में पाया गया कि 310 विद्यार्थियों में से 208 विद्यार्थियों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। शेष 102 बच्चों के वैक्सीनेशन बाकी है। आगामी आदेश तक प्राचार्य का कार्यालय सील किया गया। विद्यालय से अपेक्षा की गई कि अति शीघ्र वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण कर रिकॉर्ड उपलब्ध करवाएं। अपर कलेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छावनी स्थित बेगम खान बहादुर विद्यालय में 15 से 17 वर्ष तक के 414 बच्चे प्रवेशित हैं। इनमें से 116 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। इस स्कूल को सील किया गया। इसी तरह अपर कलेक्टर आरएस मण्डलोई ने भी कार्रवाई करते हुए पलासिया स्थित सेंट उमर हायर सेकंडरी स्कूल को सील किया। इस स्कूल में 15 से 17 वर्ष तक के 953 बच्चे हैं। इनमें से अभी तक 235 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। गौरतलब है कि कलेक्टर मनीष सिंह ने टीएल बैठक में निर्देश दिये थे कि ऐसे स्कूल जिन्होंने बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही की है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आकस्मिक जांच का सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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दरअसल कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में सोमवार को विभिन्न स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 15 से 17 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण करवाए जाने के कार्य में लापरवाही करना पाए जाने पर चार स्कूलों को सील किया गया। अपर कलेक्टर पवन जैन ने बताया कि छावनी के सेंट अर्नाल्ड स्कूल को सील किया गया। इस स्कूल में पात्र कुल 741 बच्चों में से 647 का टीकाकरण हो चुका है। शेष 94 बच्चे टीकाकरण से शेष है। अपर कलेक्टर अजय देव शर्मा द्वारा टैगोर पब्लिक स्कूल की जांच की गई। जांच में पाया गया कि 310 विद्यार्थियों में से 208 विद्यार्थियों का वैक्सीनेशन किया जा चुका है। शेष 102 बच्चों के वैक्सीनेशन बाकी है। आगामी आदेश तक प्राचार्य का कार्यालय सील किया गया। विद्यालय से अपेक्षा की गई कि अति शीघ्र वैक्सीनेशन का कार्य पूर्ण कर रिकॉर्ड उपलब्ध करवाएं। अपर कलेक्टर राजेश राठौर ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छावनी स्थित बेगम खान बहादुर विद्यालय में 15 से 17 वर्ष तक के 414 बच्चे प्रवेशित हैं। इनमें से 116 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। इस स्कूल को सील किया गया। इसी तरह अपर कलेक्टर आरएस मण्डलोई ने भी कार्रवाई करते हुए पलासिया स्थित सेंट उमर हायर सेकंडरी स्कूल को सील किया। इस स्कूल में 15 से 17 वर्ष तक के 953 बच्चे हैं। इनमें से अभी तक 235 बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है। गौरतलब है कि कलेक्टर मनीष सिंह ने टीएल बैठक में निर्देश दिये थे कि ऐसे स्कूल जिन्होंने बच्चों के टीकाकरण में लापरवाही की है, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। आकस्मिक जांच का सिलसिला आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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