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इंदौर: सामाजिक कार्यों के लिए संस्था दानपात्र को मिला सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट सम्मान, वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ नाम
Mon, 13 Dec 2021 02:26 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Mon, 13 Dec 2021 02:26 PM IST
सार
इंदौर की संस्था दानपात्र को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (स्विट्ज़रलैंड) ने सामाजिक कार्यों के लिए सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट से सम्मानित किया है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के नेशनल सेक्रेटरी संजय पंजवानी ने दानपात्र टीम को यह पुरस्कार दिया है।
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सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट सम्मान के साथ दानपात्र के सदस्य।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उपलब्धियों के शहर इंदौर की संस्था दानपात्र ने शहर का मान बढ़ाया है। संस्था को वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्ड (स्विट्ज़रलैंड) ने सामाजिक कार्यों के लिए सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट से सम्मानित किया है। वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड के नेशनल सेक्रेटरी संजय पंजवानी ने दानपात्र टीम को यह पुरस्कार दिया है। टीम के सदस्यों का कहना है कि इस सफलता का श्रेय इंदौरवासियों को जाता है।
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मदद करने का जुनून
बच्चों के बीच खुशियां बांटती दानपात्र की टीम।
- फोटो : सोशल मीडिया
संस्था की संस्थापक आकांक्षा गुप्ता हैं और यश गुप्ता इसके सह संस्थापक हैं। इसके कामकाज को यश देखते हैं और पूरी टीम उनका सहयोग करती है। यश गुप्ता के अनुसार टीम के सदस्यों ने कोरोनाकाल में भी बिना रुके सतत कार्य कर लगभग 50 हजार से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट एवं अन्य जरूरत का सामान पहुंचाकर उनकी मदद की। हाल ही में दिवाली के उपलक्ष्य में संस्था दानपात्र द्वारा 1 ही दिन में इंदौर एवं इंदौर से बाहर के अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले जरुरतमंद परिवारों तक कपड़े, राशन, खिलौने, किताबें, जूते एवं घर का अन्य सामान पहुंचाकर लगभग 2.51 लाख परिवारों की मदद की गई। इसके लिए दानपात्र का नाम एक्सक्लूसिव वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। इससे पहले भी संस्था के हजारों वालंटियर्स द्वारा स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 1 ही दिन में 1.51 लाख जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई गई थी। संस्था के सामाजिक कार्यों और समर्पण को देखते हुए वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड ने संस्था दानपात्र को सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट से सम्मानित किया है।
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ऑनलाइन निशुल्क प्लेटफॉर्म है दानपात्र, सेवा है लक्ष्य
सामान एकत्र कर पहुंचाया जाता है जरुरतमंद लोगों तक।
- फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल संस्था दानपात्र एक ऑनलाइन निःशुल्क प्लेटफॉर्म है, जिसकी मदद से घरों में उपयोग में नहीं आ रहे सामान जैसे कपड़े, खिलौने, किताबें, जूते, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री को संग्रह किया जाता है। इसे उपयोग के लायक बनाकर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाता है। अब तक सेवा कार्य कर 11.5 लाख से ज्यादा जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई जा चुकी है एवं लगभग 1 लाख से ज्यादा इंदौरवासी इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं।
इस प्लेटफॉर्म से 7 हजार से ज्यादा वालंटियर्स जुड़े हुए हैं, जो अपना समय देकर सहयोग करते हैं। दानपात्र के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे सिर्फ एक कॉल पर या दानपात्र के मोबाइल एप में रिक्वेस्ट डालने पर सामान दान कर सकता है। दानपात्र टीम के सदस्यों द्वारा रिक्वेस्ट मिलने पर घर जाकर वह सामान एकत्र किया जाता है और फिर उसे फ़िल्टर कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाता है। साथ ही उसका फोटो, वीडियो दानपात्र के सोशल मीडिया पेजेस पर जाकर अपलोड कर दिया जाता है जिससे जिसने भी सामान दान किया है वह देख सके कि उसका दिया सामान किस जरूरतमंद परिवार तक पहुंचा है।
इस प्लेटफॉर्म से 7 हजार से ज्यादा वालंटियर्स जुड़े हुए हैं, जो अपना समय देकर सहयोग करते हैं। दानपात्र के माध्यम से कोई भी व्यक्ति घर बैठे सिर्फ एक कॉल पर या दानपात्र के मोबाइल एप में रिक्वेस्ट डालने पर सामान दान कर सकता है। दानपात्र टीम के सदस्यों द्वारा रिक्वेस्ट मिलने पर घर जाकर वह सामान एकत्र किया जाता है और फिर उसे फ़िल्टर कर जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जाता है। साथ ही उसका फोटो, वीडियो दानपात्र के सोशल मीडिया पेजेस पर जाकर अपलोड कर दिया जाता है जिससे जिसने भी सामान दान किया है वह देख सके कि उसका दिया सामान किस जरूरतमंद परिवार तक पहुंचा है।
