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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Indore: Bhaiyyu Maharaj's wife applied for revision in the High Court, demanding to increase the punishment to the perpetrators as insufficient

इंदौर: भय्यू महाराज की पत्नी ने हाईकोर्ट में लगाई रिवीजन, मुजरिमों को सजा को नाकाफी बताते हुए बढ़ाने की मांग

Thu, 10 Mar 2022 04:47 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Thu, 10 Mar 2022 04:47 PM IST
सार

भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में मुजरिमों को सुनाई गई सजा को भय्यू महाराज की पत्नी ने नाकाफी बताया है। उन्होंने हाईकोर्ट में रिवीजन दायर कर सजा बढ़ाने की मांग की है। इस पर कोर्ट ने संबंधितों को नोटिस जारी किए हैं। 

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Indore: Bhaiyyu Maharaj's wife applied for revision in the High Court, demanding to increase the punishment to the perpetrators as insufficient
भय्यू महाराज - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

 बहुचर्चित भय्यू महाराज आत्महत्या मामला फिर से गरमाया है। भय्यू महाराज की पत्नी ने कोर्ट पहुंचकर मुजरिमों की सजा बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में याचिका दायर की है, जिस पर संज्ञान लेकर कोर्ट ने संबंधितों को नोटिस जारी किए हैं।
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जानकारी के मुताबिक भय्यू महाराज की पत्नी डॉ. आयुषी देशमुख ने नौकरानी पलक पुराणिक, सेवादार विनायक दुधाड़े व शरद देशमुख को मिली छह साल की सजा को नाकाफी बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।  रिवीजन लगाकर 28 जनवरी को सेशन कोर्ट के जज धर्मेंद्र सोनी द्वारा सुनाए फैसले को चुनौती दी है और मुजरिमों की सजा बढ़ाए जाने की मांग की है। गौरतलब है कि कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने व उसकी साजिश रचने के जुर्म में पलक पुराणिक, विनायक दुधाड़े व शरद देशमुख को छह-छह साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। भय्यू महाराज की पत्नी डॉ.  आयुषी का कहना है कि जिस धारा में सजा सुनाई गई है, उसमें 10 साल तक की सजा दी जा सकती थी। ऐसे में छह साल की सजा कम है, लिहाजा उन्हें ज्यादा से ज्यादा सजा दी जाए। इस पर हाईकोर्ट ने संबंधित मुजरिमों व तेजाजी नगर पुलिस को नोटिस जारी किए हैं। 23 मार्च को हाईकोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई होगी। इधर तीनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं और उन्होंने भी हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है कि सुनवाई पूरी होने तक उन्हें जमानत पर छोड़ा जाए। 
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150 गवाहों के हुए थे बयान
बता दें कि फरवरी माह में भय्यू महाराज आत्महत्या मामले में फैसला आया था जिसमें तीन मुजरिमों को छह-छह साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। 150 गवाहों के बयान हुए थे और 32 सुनवाई के बाद फैसला आया था। करीब तीन साल से ज्यादा समय तक सुनवाई चली थी। कोर्ट ने माना था कि सेवादारों ने भय्यू महाराज को इतना प्रताड़ित किया था कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। ब्लैकमेल कर उनसे रुपये मांगे जाते थे, जिस कारण भय्यू महाराज परेशान हो चुके थे। इसी के चलते 12 जून 2018 को खुद को गोली मारकर उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। 
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