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मध्य प्रदेश: नर्मदा जयंती पर होशंगाबाद हुआ नर्मदापुरम, बाबई को मिला नया नाम- माखन नगर
Mon, 07 Feb 2022 07:55 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 07 Feb 2022 07:55 PM IST
सार
मध्य प्रदेश सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम कर दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 फरवरी को इसकी घोषणा की थी।
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होशंगाबाद का नया नाम नर्मदापुरम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार ने होशंगाबाद जिले का नाम नर्मदापुरम और होशंगाबाद के बाबई का नाम महान कवि माखन लाल चतुर्वेदी के नाम पर माखन नगर कर दिया है। राजस्व विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इन दोनों ही जगहों के नाम बदलने की घोषणा 3 फरवरी को सोशल मीडिय पर की थी। उसी को आगे बढ़ाते हुए नर्मदा जयंती पर होशंगाबाद का नाम बदला गया है।
मध्य प्रदेश के राजस्व विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी चंद्रशेखर वालिंबे के हवाले से नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र आने के बाद होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया जा रहा है। वालिम्बे ने ही बाबई का नाम बदलकर माखन नगर किए जाने की अधिसूचना भी जारी की है।
मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर लिखा था कि -"पवित्र नर्मदातट पर बसे होशंगाबाद शहर को अब मध्यप्रदेश की प्राणदायिनी मैया नर्मदा की जयंती के शुभ दिन से 'नर्मदापुरम' कहा जायेगा। पूर्व में ही संभाग का नाम नर्मदापुरम किया जा चुका है। होशंगाबाद में स्थित बाबई महान कवि, लेखक और पत्रकार आदरणीय माखनलाल चतुर्वेदी जी की जन्मस्थली है। मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक! मातृभूमि पर शीश- चढ़ाने, जिस पथ पर जावें वीर अनेक... जैसी पंक्तियों के रचयिता के गृह नगर बाबई को हम अब माखन नगर के नाम से जानेंगे। होशंगाबाद को 'नर्मदापुरम' और बाबई को 'माखन नगर' करने का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। जनआकांक्षाओं के अनुरूप इस सुखद निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
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और भी शहरों के नाम बदलने की मांग
होशंगाबाद और बाबई का नाम बदलते ही अन्य शहरों के नाम बदलने की मांग भी उठने लगी है। शिवपुरी को कुंडेश्वर धाम, भोपाल को भोजपाल, ग्वालियर को गोपांचल और जबलपुर को जबालिपुरम नाम देने की मांग की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन शहरों के नाम बदलने की मांग हो रही है। इसके अलावा भोपाल को भू-पाल, महेश्वर को महिष्मति, ओंकारेश्वर को मांधाता, विदिशा को भेलसा या विदावती, सीहोर को सीधापुर और दतिया को दिलीप नगर करने की मांग भी सामने आई है।
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मध्य प्रदेश के राजस्व विभाग में डिप्टी सेक्रेटरी चंद्रशेखर वालिंबे के हवाले से नोटिफिकेशन जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र आने के बाद होशंगाबाद का नाम बदलकर नर्मदापुरम किया जा रहा है। वालिम्बे ने ही बाबई का नाम बदलकर माखन नगर किए जाने की अधिसूचना भी जारी की है।
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मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 फरवरी को सोशल मीडिया पर लिखा था कि -"पवित्र नर्मदातट पर बसे होशंगाबाद शहर को अब मध्यप्रदेश की प्राणदायिनी मैया नर्मदा की जयंती के शुभ दिन से 'नर्मदापुरम' कहा जायेगा। पूर्व में ही संभाग का नाम नर्मदापुरम किया जा चुका है। होशंगाबाद में स्थित बाबई महान कवि, लेखक और पत्रकार आदरणीय माखनलाल चतुर्वेदी जी की जन्मस्थली है। मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक! मातृभूमि पर शीश- चढ़ाने, जिस पथ पर जावें वीर अनेक... जैसी पंक्तियों के रचयिता के गृह नगर बाबई को हम अब माखन नगर के नाम से जानेंगे। होशंगाबाद को 'नर्मदापुरम' और बाबई को 'माखन नगर' करने का प्रस्ताव मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है। जनआकांक्षाओं के अनुरूप इस सुखद निर्णय के लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्र सरकार के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
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और भी शहरों के नाम बदलने की मांग
होशंगाबाद और बाबई का नाम बदलते ही अन्य शहरों के नाम बदलने की मांग भी उठने लगी है। शिवपुरी को कुंडेश्वर धाम, भोपाल को भोजपाल, ग्वालियर को गोपांचल और जबलपुर को जबालिपुरम नाम देने की मांग की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन शहरों के नाम बदलने की मांग हो रही है। इसके अलावा भोपाल को भू-पाल, महेश्वर को महिष्मति, ओंकारेश्वर को मांधाता, विदिशा को भेलसा या विदावती, सीहोर को सीधापुर और दतिया को दिलीप नगर करने की मांग भी सामने आई है।
