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Lumpy Virus: मध्यप्रदेश में लंपी वायरस से हड़कंप, एक दर्जन से ज्यादा गायों में मिले लक्षण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Fri, 05 Aug 2022 10:16 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के रतलाम में गायों में लंपी वायरस के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गई है। जिले में करीब एक दर्जन से ज्यादा गायों में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं।
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रतलाम में गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण मिले।
- फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश के रतलाम में गायों में लंपी वायरस के लक्षण मिलने से हड़कंप मच गई है। जिले में करीब एक दर्जन से ज्यादा गायों में लंपी वायरस के लक्षण मिले हैं। जानकारी के अनुसार रतलाम जिले के सेमलिया और बरबोदना के आसपास के गांवों में गाय के शरीर पर छोटी गठानें बनने के बाद घाव में बदल गए। फिलहाल पशु चिकित्सा विभाग ने गायों में लंपी वायरस की पुष्टि नहीं की है। विभाग ने लक्षण वाले पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। पशुओं को आइसोलेट कर उनके उपचार की बात कही है।
लंपी वायरस को ऐसे पहचाने
पशु चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार लंपी वायरस की चपेट में आने पर पशु को बुखार आ जाता है। आंख एवं नाक से स्राव, मुंह से लार निकलती है, शरीर में गांठों जैसे नरम छाले पड़ जाते हैं। पशु दूध देना बंद कल देता है। गर्दन और सिर के पास गाठें दिखाई देती हैं। बीमारी पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती है।
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एक दर्जन से ज्यादा गायों के शरीर पर गाठें मिली हैं।
- फोटो : अमर उजाला
एक सप्ताह तक नहीं पता चलते लक्षण
राजस्थान में लंपी वायरस फैलने से हजारों की तादाद में गायों की मौत हो गई है। अब मध्यप्रदेश में इसकी दस्तक से दहशत का माहौल है। लंपी वायरल तेजी से फैलने के पीछे पशु चिकित्सकों का कहना है कि इस वायरस की चपेट में आने के बाद पशु में सात दिनों तक कोई लक्षण नहीं दिखते, यहीं वजह है कि वायरस तेजी से पशुओं में फैल रहा है। एक पशु में लक्षण होने पर यह दूसरे में फैल जाता है और संपर्क में आने से तेजी से पशु संक्रमित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लंपी वायरस का कारण कैप्रिपॉक्स वायरस है। जब कोई जानवर कैप्रिपॉक्स वायरस की चपेट में आता है तो वह धीरे धीरे कमजोर हो जाता है। खाना पीना छोड़ देता है। वायरस का असर पहले शरीर फिर खून और आखिर में दूध पर होता है।
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रतलाम में गायों में लंपी वायरस जैसे लक्षण मिले
- फोटो : सोशल मीडिया
मक्खी-मच्छर कर रहे ट्रांसमिट
लंपी वायरस तेजी से फैलने का एक कारण मच्छर और मक्खियों को भी बताया जा रहा है। मक्खी मच्छर एक पशु से दूसरे पशु पर बैठते हैं, जब कोई पशु लंपी वायरस से संक्रमित होता है तो उसके शरीर की गाठों से सफेद पानी बहता है। मक्खी मच्छर इन्हीं गाठों पर बैठते है और फिर जाकर दूसरे पशु पर बैठ जाते हैं, जिससे लंपी वायरस एक से दूसरे में फैल रहा है।
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