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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Gwalior News ›   Rain turns fatal: Roof of mud house collapses in Dabra; mother and 2-year-old son die.

डबरा में दर्दनाक हादसा: बारिश के कारण किराए के जर्जर मकान की छत ढही, मां और मासूम की मौत; 15 साल से रह रहे थे

Thu, 03 Sep 2026 04:23 PM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2026 04:23 PM IST
सार

मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।

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Rain turns fatal: Roof of mud house collapses in Dabra; mother and 2-year-old son die.
मां-बेटे की मौत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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ग्वालियर जिले के डबरा में तेज बारिश के दौरान बुधवार देर रात दर्दनाक हादसा हो गया। जंगीपुरा इलाके में स्थित दो मंजिला कच्चे और जर्जर मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय मकान में एक ही परिवार के पांच सदस्य मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। हादसे में मां और उसके दो साल के मासूम बेटे की मौत हो गई, जबकि पिता और दो बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गईं।

जानकारी के मुताबिक, हादसा बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे हुआ। तेज बारिश के बीच अचानक मकान की छत गिरने की जोरदार आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस टीम ने मिलकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मलबे में दबे परिवार के पांचों सदस्यों को बाहर निकाला गया और डबरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।

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हादसे में दो वर्षीय आदित्य रजक उर्फ गुन्नू की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। वहीं, उसकी मां सीमा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सीमा के पति जागेंद्र रजक (38) और उनकी दो बेटियां वैशाली (5) एवं रागनी (8) गंभीर रूप से घायल हैं। तीनों को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

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हादसे के बाद अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों ने हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। पड़ोसी वीरू रजक का कहना है कि जब सीमा को अस्पताल लाया गया था, तब उसकी सांसें चल रही थीं। आरोप है कि समय पर बेहतर इलाज मिलता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।

मामले की जानकारी मिलते ही एसडीएम नवकिरण कौर, एसडीओपी सौरभ कुमार और तहसीलदार नवीन भारद्वाज अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। एसडीएम ने मामले की जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

बताया जा रहा है कि जागेंद्र रजक का परिवार करीब 15 साल से इस मकान में किराए पर रह रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर जागेंद्र ग्वालियर की एक जूता फैक्टरी में काम करता है और रोज ट्रेन से डबरा से ग्वालियर आता-जाता था। उसकी पत्नी सीमा घरों में झाड़ू-पोंछा कर परिवार की आर्थिक मदद करती थी।

परिवार की दो अन्य बेटियां नैंसी और गौरी हादसे के समय अपने चाचा राघवेंद्र के घर पर थीं, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, बारिश की एक रात इस परिवार से मां और दो साल के मासूम बेटे को हमेशा के लिए छीन ले गई।

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