Gwalior News: CM यादव को कहे गए आपत्तिजनक शब्दों से नाराज OBC वर्ग ने SP ऑफिस घेरा, आनंदस्वरूप पर FIR की मांग
संत आनंद स्वरूप और अनिल मिश्रा के आपत्तिजनक बयानों के विरोध में ओबीसी महासभा व एससी-एसटी वर्ग ने एसपी ऑफिस का घेराव कर एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न होने पर बड़ा आंदोलन होगा। SSP ने कहा, दोषियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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संत आनंद स्वरूप द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और ओबीसी वर्ग के खिलाफ बोले गए आपत्तिजनक शब्दों को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग महासभा और एससी-एसटी के लोगों ने सोमवार को एसपी ऑफिस का घेराव कर दिया है। संत आनंद स्वरूप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। तो वहीं, एससी-एसटी के लोग ग्वालियर की हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए प्रदर्शन किया है।
अनिल मिश्रा ने बीते दिनों बाबा अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर टिपण्णी की थी। प्रदर्शन के दौरान OBC महासभा ने चेतावनी दी है, हमें पुलिस का नोटिस देने से काम नहीं चलेगा। बल्कि दोनों की गिरफ्तारी चाहिए, नहीं तो सबको पता है 2 अप्रैल को ग्वालियर-चंबल में क्या हुआ था अब वही होगा।
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SSP धर्मवीर यादव ने कहा है कि सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने आपत्तिजनक टिपण्णी की है, उन्हें नोटिस दिया गया है। आपको बता दें कि कथित संत आनंद स्वरूप ने ओबीसी को कैंसर बताया था और मुख्यमंत्री के बारे में भी आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था।
बता दें कि ओबीसी प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी एडवोकेट धर्मेन्द्र कुशवाह और विश्वजीत रतोंनिया ने किया। उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार देखने को आ रहा कि आनंद स्वरूप नामक व्यक्ति जिसका ग्वालियर और मध्य प्रदेश से कोई लेना देना नहीं है, वो आरक्षण के खिलाफ, बाबा साहब के खिलाफ बोलने का काम कर रहा है और अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ भी अब अभद्र भाषा में बोलने का काम कर रहे हैं। पिछड़ों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। आनंद स्वरूप हमेशा से सोशल मीडिया पर सामाजिक न्याय के खिलाफ बोलने का काम करते हैं और सामाजिक न्याय और संविधान के खिलाफ बोलने वाले व्यक्ति हैं। ओबीसी प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि आनंद स्वरूप द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए भी आपत्तिजनक शब्द कहे, जो कि सीधे अपराध की श्रेणी में आता है। इनके खिलाफ एफआईआर कर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

ओबीसी वर्ग ने किया घेराव
