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Shefali Jariwala: कभी ग्वालियर से भी था 'कांटा लगा गर्ल' शेफाली का गहरा रिश्ता, 2009 में आखिरी बार आई थीं शहर
Sun, 29 Jun 2025 09:47 AM IST
ग्वालियर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: ग्वालियर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jun 2025 09:47 AM IST
सार
कम लोगों को पता है कि शेफाली का मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गहरा रिश्ता रहा है। साल 2004 में उन्होंने ग्वालियर के मीत ब्रदर्स के हरमीत सिंह से शादी की थी।
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ग्वालियर में शेफाली जरीवाला की शादी का फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कांटा लगा गर्ल के नाम से मशहूर अभिनेत्री शेफाली जरीवाला की हार्ट अटैक से निधन की खबर सुनकर उनके फैन्स काफी दुखी हैं। कम ही लोगों को पता होगा कि शेफाली का मध्य प्रदेश से गहरा रिश्ता रहा है। शेफाली जरीवाला मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बहू थीं। उनकी पहली शादी ग्वालियर में मीत ब्रदर्स के हरमीत सिंह से हुई थी। मीत ब्रदर्स दोनों भाई मनमीत सिंह और हरमीत सिंह ग्वालियर के एक शराब कारोबारी गुलजार सिंह के बेटे हैं, जिन्होंने अपना फैमिली बिजनेस ज्वाइन करने की बजाय संगीत की दुनिया में मशहूर होने का फैसला किया और अपनी मेहनत की दम पर सफलता पाई।
बता दें कि साल 2004 में हरमीत और शेफाली जरीवाला की शादी हुई। बताया जाता है कि दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और शादी करने का फैसला ले लिया, लेकिन हरमीत के घर वाले ज्यादा खुश नहीं थे। बाद में वह तैयार हो गए। शादी के बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं रहीं। वे शादी के तुरंत बाद पति हरमीत के साथ मुंबई चली गई थीं। उनके ससुर को भी अंदाजा था कि शायद यह शादी ज्यादा दिन नहीं चलेगी और वैसा ही हुआ। कुछ साल बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद पैदा हो गए और ग्वालियर फैमिली कोर्ट में उन्होंने तलाक की अर्जी लगा दी।
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बताया जाता है कि तलाक की अर्जी के बाद शेफाली कई बार ग्वालियर कोर्ट में तारीखों पर पेशी के लिए आती रही थीं। साल 2009 में दोनों पक्षों ने एक मत होकर फैमिली कोर्ट में तलाक ले लिया। इसके बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं लौटीं। वहीं उनके ससुर गुलजार भी यहां से अपनी फैमिली जमीन जायदाद को बेचकर मुंबई चले गए और उनका परिवार आज भी मुंबई रहता है। इसलिए शेफाली जरीवाला का ग्वालियर से बेहद करीबी नाता है, क्योंकि एक तरह से उनकी यह पहली ससुराल थी। इसलिए उनके निधन पर ग्वालियर वासी भी दुखी हैं।
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बता दें कि साल 2004 में हरमीत और शेफाली जरीवाला की शादी हुई। बताया जाता है कि दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और शादी करने का फैसला ले लिया, लेकिन हरमीत के घर वाले ज्यादा खुश नहीं थे। बाद में वह तैयार हो गए। शादी के बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं रहीं। वे शादी के तुरंत बाद पति हरमीत के साथ मुंबई चली गई थीं। उनके ससुर को भी अंदाजा था कि शायद यह शादी ज्यादा दिन नहीं चलेगी और वैसा ही हुआ। कुछ साल बाद पति-पत्नी के बीच मतभेद पैदा हो गए और ग्वालियर फैमिली कोर्ट में उन्होंने तलाक की अर्जी लगा दी।
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बताया जाता है कि तलाक की अर्जी के बाद शेफाली कई बार ग्वालियर कोर्ट में तारीखों पर पेशी के लिए आती रही थीं। साल 2009 में दोनों पक्षों ने एक मत होकर फैमिली कोर्ट में तलाक ले लिया। इसके बाद शेफाली कभी ग्वालियर नहीं लौटीं। वहीं उनके ससुर गुलजार भी यहां से अपनी फैमिली जमीन जायदाद को बेचकर मुंबई चले गए और उनका परिवार आज भी मुंबई रहता है। इसलिए शेफाली जरीवाला का ग्वालियर से बेहद करीबी नाता है, क्योंकि एक तरह से उनकी यह पहली ससुराल थी। इसलिए उनके निधन पर ग्वालियर वासी भी दुखी हैं।
