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Gwalior: वॉटर टैक्स नहीं भरा तो खोल ले गए भैंस, ग्वालियर नगर निगम के वसूली का अजब तरीका
Fri, 24 Mar 2023 05:39 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 Mar 2023 05:39 PM IST
सार
ग्वालियर नगर निगम के अफसर बकायादार की भैंस खोल ले गए। जब तक वह बकाया जमा नहीं करेगा, भैंस जब्त रहेगी। मामले का वीडियो भी वायरल हो रहा है।
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ग्वालियर में जलकर नहीं भरने पर नगर निगम अफसर भैंस जब्त कर ले गए।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश के ग्वालियर से अजब मामला सामने आया है। नगर निगम के अधिकारी जल कर की वसूली के लिए पहुंचे थे, जब बकायादार ने रुपये नहीं दिए तो अफसर उसके घर से भैंस खोल ले गए। मामले का वीडियो सामने आया है।
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जानकारी के मुताबिक इस समय ग्वालियर नगर निगम शहर में संपत्ति कर, जलकर के बकायादारों के खिलाफ वसूली अभियान चला रहा है। शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारी वार्ड क्रमांक 35 के डलिया वाला मोहल्ले में रहने वाली डेरी संचालक बाल कृष्ण पाल के घर पर पहुंच गए। उस पर पानी का करीब एक लाख 29 हजार बकाया है। जब नगर निगम के अधिकारियों ने डेरी संचालक बालकृष्ण पाल को जलकर की बकाया राशि एक लाख 29 हजार जमा कराने के लिए कहा तो डेयरी संचालक ने पैसे न होने का हवाला देते हुए मना कर दिया। उसने कहा कि मेरे पास बिल जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं।
उसी दौरान नगर निगम के अधिकारियों की नजर उसके घर बनी एक भैंस पर पड़ गई और नगर निगम के अधिकारियों ने डेयरी संचालक से कहा कि अगर आप जलकर काबिल नहीं भर रहे हैं तो उसकी भैंस को ले जाएंगे और उसके बाद अधिकारियों ने घर पर बनी भैंस को जब्त किया और उसे खोल कर ले गए। नगर निगम की वसूली स्टाफ के सहायक यंत्री केसी अग्रवाल ने बताया है कि नगर निगम के कर्मचारियों ने पहले भैंस को जब्त किया और उसके बाद नगर निगम द्वारा संचालित लाल टिपारा स्थित आदर्श गौशाला में छोड़ दिया है। जब तक वह जलकर बिल नहीं भरता है तब तक उसकी भैंस को वापस नहीं किया जाएगा।
इसलिए सख्ती बरती जा रही
नगर निगम के कमिश्नर किशोर कन्याल का कहना है कि ग्वालियर लगातार वसूली अभियान में पिछड़ता जा रहा है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उपभोक्ता संपत्ति कर और जलकर को भरने में आनाकानी कर रहे हैं। यही कारण है कि अबकी बार वसूली अभियान में कड़ाई से शक्ति दिखाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा वसूली हो सके। इसी को लेकर नगर निगम की टीम ने डेयरी संचालक से बिल भरने के लिए कहा और उसने मना किया तो उसकी भैंस को जब्त कर लिया, जिसकी कीमत लगभग एक लाख से ऊपर है।
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जलकर नहीं भरा तो खोल ले गए भैंस, ग्वालियर नगर निगम के वसूली का अजब तरीका#Gwalior #nagarnigam #watertax #MadhyaPradesh #MPNews #AmarUjala #AmarUjalaNews #amarujalamp https://t.co/yXth1d7HRi pic.twitter.com/XbIs5nNWnu
— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) March 24, 2023विज्ञापन
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जानकारी के मुताबिक इस समय ग्वालियर नगर निगम शहर में संपत्ति कर, जलकर के बकायादारों के खिलाफ वसूली अभियान चला रहा है। शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारी वार्ड क्रमांक 35 के डलिया वाला मोहल्ले में रहने वाली डेरी संचालक बाल कृष्ण पाल के घर पर पहुंच गए। उस पर पानी का करीब एक लाख 29 हजार बकाया है। जब नगर निगम के अधिकारियों ने डेरी संचालक बालकृष्ण पाल को जलकर की बकाया राशि एक लाख 29 हजार जमा कराने के लिए कहा तो डेयरी संचालक ने पैसे न होने का हवाला देते हुए मना कर दिया। उसने कहा कि मेरे पास बिल जमा करने के लिए पैसे नहीं हैं।
उसी दौरान नगर निगम के अधिकारियों की नजर उसके घर बनी एक भैंस पर पड़ गई और नगर निगम के अधिकारियों ने डेयरी संचालक से कहा कि अगर आप जलकर काबिल नहीं भर रहे हैं तो उसकी भैंस को ले जाएंगे और उसके बाद अधिकारियों ने घर पर बनी भैंस को जब्त किया और उसे खोल कर ले गए। नगर निगम की वसूली स्टाफ के सहायक यंत्री केसी अग्रवाल ने बताया है कि नगर निगम के कर्मचारियों ने पहले भैंस को जब्त किया और उसके बाद नगर निगम द्वारा संचालित लाल टिपारा स्थित आदर्श गौशाला में छोड़ दिया है। जब तक वह जलकर बिल नहीं भरता है तब तक उसकी भैंस को वापस नहीं किया जाएगा।
इसलिए सख्ती बरती जा रही
नगर निगम के कमिश्नर किशोर कन्याल का कहना है कि ग्वालियर लगातार वसूली अभियान में पिछड़ता जा रहा है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उपभोक्ता संपत्ति कर और जलकर को भरने में आनाकानी कर रहे हैं। यही कारण है कि अबकी बार वसूली अभियान में कड़ाई से शक्ति दिखाई जा रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा वसूली हो सके। इसी को लेकर नगर निगम की टीम ने डेयरी संचालक से बिल भरने के लिए कहा और उसने मना किया तो उसकी भैंस को जब्त कर लिया, जिसकी कीमत लगभग एक लाख से ऊपर है।
