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Gwalior: जिला मलेरिया अधिकारी साढ़े तीन घंटे डिजिटल अरेस्ट, लांड्रिंग केस, यौन चैट सहित कई केस में बनाया आरोपी

Fri, 06 Dec 2024 05:06 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 06 Dec 2024 05:06 PM IST
सार

ग्वालियर के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद दोनेरिया को शातिर ठगों ने वॉइस और वीडियो कॉल के जरिए 3.5 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा आरोप लगाकर 50,000 रुपये की मांग की। आईपीएस अधिकारी राकेश सगर की सलाह से ठगी का प्रयास विफल रहा।

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Gwalior: District malaria officer accused in many cases including three and a half hours of digital arrest
ग्वालियर में जिला मलेरिया अधिकारी को डिजिटल अरेस्ट किया गया। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ग्वालियर के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनोद दोनेरिया को शातिर ठगों ने 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया। अनजान नंबर से आए वॉइस कॉल और बाद में वॉइस ऐप पर वीडियो कॉल के जरिए ठगों ने उन्हें 3.5 घंटे तक मानसिक रूप से बंधक बनाकर परेशान किया। ठगों ने दावा किया कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग, यौन चैट और पोर्नोग्राफी जैसे मामलों में ट्रेस हुआ है।
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ठगों की रणनीति
डॉ. दोनेरिया को झांसा देते हुए ठगों ने पहले उनसे आधार कार्ड और परिवार से जुड़ी जानकारी मांगी। इसके बाद 50,000 रुपये की मांग की, यह दावा करते हुए कि यह रकम जांच के लिए है और यदि उनका बैंक खाता निर्दोष पाया गया, तो धन वापस कर दिया जाएगा।
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सीनियर IPS अधिकारी ने बचाई स्थिति
डॉ. दोनेरिया को शक हुआ और उन्होंने तुरंत सीनियर आईपीएस अधिकारी राकेश सगर से संपर्क किया। उन्होंने ठगों के नंबर को ब्लॉक करने और सतर्क रहने की सलाह दी। इसके बाद ठगों की चाल नाकाम हो गई।
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पुलिस की प्रतिक्रिया
डॉ. दोनेरिया ने ठगी की शिकायत थाटीपुर थाने में दर्ज कराई। हालांकि, पुलिस कर्मियों ने ठगी करने वालों के दूर बैठे होने का हवाला देकर कार्रवाई की संभावना को नकारा।


कैसे हुआ ठगी का प्रयास?
डॉ. दोनेरिया ने बताया कि लंच के दौरान घर लौटते समय उन्हें 8707261198 नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का अधिकारी बताया और कहा कि उनका सिम कार्ड ब्लॉक हो जाएगा। इसके बाद उन्हें वीडियो कॉल पर एक फर्जी पुलिस अधिकारी से बात कराई गई, जिसने मुंबई पुलिस का बोर्ड दिखाकर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया।
 
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