MP Elections 2023: ग्वालियर में सत्ता का संग्राम, जानिए कैसे राजनीतिक दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप?
Gwalior: मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा को होने वाले चुनावी रण को कवर करने के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ एमपी के विधानसभा क्षेत्रों में जाकर चुनावी मुद्दों को जान रहा है। इसी को लेकर आज ग्वालियर में 'सत्ता का संग्राम' हुआ, जहां कई मुद्दों को लेकर चर्चा की गई।
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विस्तार
अमर उजाला ने सबसे पहले भाजपा के मीडिया सलाहकार ब्रजराज सिंह से बातचीत की। उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी संभव और असंभव नहीं होता है। 2018 में कांग्रेस ने एक झूठ की सरकार बनाई और कुछ वादें किये। वो वादे पूरे नहीं हुए, उनका एक कद्दावर नेता जिनका संपर्क हमारे ग्वालियर से है, ज्योतिरादित्य सिंधिया उसके खिलाफ गए। खिलाफ जाने के बाद उन्होंने पार्टी का विलय भाजपा में किया। क्योंकि उनको भरोसा था कि भारतीय जनता पार्टी ऐसी पार्टी है जो वादा करती है और उसे पूरा करके दिखाती है। साढ़े तीन साल में उन्होंने देखा कि जो-जो वादे किये गए थे उनको पूरा किया गया है।
इसी कड़ी में समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सज्जन से सवाल पूछा गया कि क्या हकीकत में सियासतदानों ने किसी का ध्यान रखा है? इस सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि जिस प्रकार से ग्वालियर में 2018 में जिस विश्वास के साथ सरकार दी गई थी। उसके बाद जिन लोगों ने करोड़ों रुपये लेकर सरकार को गिराया और दूसरी सरकार में गए। इससे पूर्ण रूप से हम जैसे लोग तो छल गए, क्योंकि जिस प्रकार से शिवराज सिंह ने दलित, पिछड़े और वंचितो के लिए वादा किया था कि वो 27 प्रतिशत आरक्षण देंगे, वो पूरे नहीं हुए।
नहीं कराई गई जातिगत जनगणना
उन्होंने कहा कि इससे पहले उनकी सरकार में गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने संसद के अंदर कहा था कि हम जातिगत जनगणना कराएंगे। लेकिन आज तक जातिगत जनगणना नहीं कराई गई। 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए बोलते नहीं है। उन्होंने कहा कि आप खुद देख लीजिए कि चंबल संभाग में कितने टिकट दिए गए है? अगर ये दलितों और पिछड़ों की बात करते है, यहां तक की आप ग्वालियर की स्थिति को देख लीजिए हर तरफ धूल है, रोड खुदी पड़ी हुई है, क्या इसी को विकास कहते है।
आज एमपी अर्थव्यवस्था में आगे
भाजपा पर आरोप लगने पर दोबारा से मीडिया सलाहकार ब्रजराज सिंह से बातचीत की गई। जिसपर उन्होंने जबाव देते हुए कहा कि ग्वालियर में धूल इसलिए उड़ रही है क्योंकि यहां कि मौजूदा पार्षद ने लंबी लड़ाई लड़कर एक सीवर लाइन डलवाई है जिसके कारण ये धूल उड़ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले तीन प्रतिशत कृषि दर था। हमारी सरकार आने के बाद आज 18 प्रतिशत पर आए है। आज जिस राज्य में बिजली नहीं आती थी वहां हम 28 हजार मेगावाट की बिजली बना रहे हैं और दूसरे राज्यों को सप्लाई कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था के हिसाब से आज हमारा प्रदेश देश में दसवें नंबर पर है। पांच लाख सड़कें बना चुके है, 65 लाख घरों में नल-जल से पानी दे चुकें है। जिन सरकारों की ये बात कर रहे हैं, उस सरकार में आज तक शौचालय नहीं मिला।
नियमित भर्तियां पूरी तरह से बंद
सवालों के सिलसिले को बढ़ाते हुए एक सज्जन ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने कर्मचारियों की पेंशन को खत्म कर दिया। मोदी जी आये तो उन्होंने निजीकरण के नाम पर आरक्षण को खत्म कर दिया। प्राइवेटीकरण हर तरफ कर दिया गया, इतना ही नियमित भर्तियां पूरी तरह से बंद कर दी गई है। मध्य प्रदेश से 1 लाख 60 हजार मां-बेटियां लापता है। ये सब ऐसे महत्तवपूर्ण मुद्दे है जिनका किसी के पास जवाब नहीं है। आज सिर्फ धर्म जाति हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर वोट मांगे जा रहे हैं। अब जब कांग्रेस आएगी तो इसका हल निकलेगा।
