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Babbar Lion Death: दुनिया छोड़ गया बब्बर शेर 'जय', ग्वालियर उद्यान में काफी कष्टकारी रहे बीते कई दिन

Sat, 08 Apr 2023 05:32 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 08 Apr 2023 05:32 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में स्थित गांधी प्राणी उद्यान का राजा बब्बर शेर की मौत हो गई। बब्बर शेर लंबे समय से बीमार चल रहा था। शनिवार सुबह बब्बर शेर ने अंतिम सांस ली।

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Babbar Lion Death King Babbar Lion of Gwalior Gandhi Zoological Park died was ill for long time
दुनिया छोड़ गया बब्बर शेर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर में स्थित गांधी प्राणी उद्यान में आज गम का माहौल है। चिड़ियाघर का राजा कहे जाने वाले बब्बर शेर 'जय' की मौत हो गई। जय काफी लंबे समय से बीमार चल रहा था। लगभग 15 दिनों से उसने खाना-पीना कम कर दिया था, जिससे शरीर में काफी कमजोरी भी हो गई थी। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि यह उम्र का भी प्रभाव है, जिसके चलते पाचन क्रिया में भी कमी आने लगती है। यही कारण था कि अब उसने खाना बेहद कम कर दिया था।

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ग्वालियर चिड़ियाघर के क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया, बब्बर शेर जय को साल 2012 में ग्वालियर के चिड़ियाघर में लाया गया था, तभी से यहीं पर रह रहा था। वर्तमान में भी यहां पर फिलहाल पांच लाइन मौजूद हैं, जिनमें एक एडल्ट तीन बच्चे और एक मादा शेर मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि जय और मादा शेर परी द्वारा हाल ही में तीन बच्चों को जन्म दिया गया था, जिनके नाम अर्जुन, तमन्ना और रानी हैं।
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शेर के बच्चे काफी उदास...
बब्बर शेर की मौत हो जाने के बाद से मादा और उनके बच्चे काफी उदास नजर आ रहे हैं। दिन भर अठखेलियां करने वाले बच्चे आज काफी उदास हैं। डॉक्टर उपेंद्र यादव कहना है, जानवर सामूहिक रूप से अधिक रहते हैं। इसलिए उन्हें भी कहीं न कहीं किसी को खोने का एहसास तो होता ही है। लेकिन यह जल्दी ही भूल जाते हैं, इसलिए कुछ दिन बाद यह अपने आप रिकवर करने लग जाएंगे।
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लगभग 12 साल के दौरान उससे और भी जनरेशन ने जन्म लिया। शेरों के गुंडे को बढ़ाया था। उन्होंने बताया कि लगभग 15 दिनों से जय ने मटन खाना बंद कर दिया था और लगभग सूप के सहारे ही था और कभी-कभी वह भी नहीं पीता था। यह सब उम्र का प्रभाव था, जिसके चलते उसने भोजन बंद कर दिया था।


वन विभाग की टीम के समक्ष किया जाएगा अंतिम संस्कार...
चिड़ियाघर के क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया, शेर का अंतिम संस्कार पोस्टमॉर्टम के बाद वन विभाग की टीम के समक्ष किया जाएगा। इस दौरान जय का दाह संस्कार कर उसे अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दौरान सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हमारे पास हमारे क्षेत्र के हिसाब से शेरों की संख्या पर्याप्त है। इसलिए बाहर से किसी को लाने की आवश्यकता फिलहाल तो नहीं है। वर्तमान में भी हमारे पास पांच शेर मौजूद हैं।

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