किसान परिवार पर बर्बरता : राहुल ने शिवराज को घेरा, मायावती भाजपा-कांग्रेस पर भड़कीं
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मध्यप्रदेश के गुना में मंगलवार को अतिक्रमण हटाने के लिए गई पुलिस ने किसान दंपती की लाठियों से पिटाई कर दी। इसके बाद दंपती ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की है। इस घटना के बाद राजनीति शुरू हो गई है।
जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस मुद्दे पर घेरा है। वहीं, बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी भाजपा और कांग्रेस पर हमला बोला है। दूसरी तरफ, भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि सरकार ने इस मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दे दिया है।
राहुल गांधी ने गुरुवार को इस घटना का वीडियो ट्वीटर पर साझा करते हुए लिखा, 'हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के खिलाफ है।' वहीं, प्रदेश कांग्रेस भी इस मुद्दे को भुनाने में लगी हुई है।
हमारी लड़ाई इसी सोच और अन्याय के ख़िलाफ़ है। pic.twitter.com/egGjgY5Awm
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 16, 2020
वहीं, इस मामले पर मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राहुल गांधी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब मध्यप्रदेश में राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी की सरकार थी तब अधिकारियों को प्रीपेड प्रणाली के तहत तैनात किया गया था। ऐसे अधिकारियों के समय समस्याएं थीं। जैसे ही हमें घटना का पता चला, हमने कलेक्टर और एसपी को हटा दिया।
दूसरी तरफ, बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट कर कहा, 'मध्यप्रदेश के गुना पुलिस व प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के नाम पर दलित परिवार को कर्ज लेकर तैयार की गई फसल को जेसीबी मशीन से बर्बाद करके उस दंपति को आत्महत्या का प्रयास करने को मजबूर कर देना अति-क्रूर व अति-शर्मनाक है। इस घटना की देशव्यापी निंदा स्वाभाविक है। सरकार सख्त कार्रवाई करे।'
2. एक तरफ बीजेपी व इनकी सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है जबकि दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं उसी तरह से आम हैं जिस प्रकार से पहले कांग्रेस पार्टी के शासन में हुआ करती थी, तो फिर दोनों सरकारों में क्या अन्तर है? खासकर दलितों को इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati) July 16, 2020
एक अन्य ट्वीट में मायावती ने कहा, 'एक तरफ भाजपा व इनकी सरकार दलितों को बसाने का ढिंढोरा पीटती है जबकि दूसरी तरफ उनको उजाड़ने की घटनाएं उसी तरह से आम हैं, जिस प्रकार से पहले कांग्रेस पार्टी के शासन में हुआ करती थी, तो फिर दोनों सरकारों में क्या अंतर है? खासकर दलितों को इस बारे में भी जरूर सोचना चाहिए।'
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अधिकारियों का तबादला सिर्फ दिखावा: कमलनाथ
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुना मामले को लेकर कहा है कि यह घटना बेहद विचलित करने वाली है। अधिकारियों का तबादला करना किसी काम का नहीं है, यह केवल दिखावे के लिए किया गया है। जिन अधिकारियों को हटाया गया है कि कल उन्हें किसी अच्छी जगह फिर से तैनात कर दिया जाएगा।
दूसरी तरफ, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया गया है।
उन्होंने कहा, 'गुना की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुना के कलेक्टर और एसपी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दे दिए है।'
क्या है मामला
गुना में मॉडल कॉलेज के निर्माण के लिए शासकीय कॉलेज प्रबंधन को जगनपुर चक क्षेत्र में 20 बीघा जमीन आवंटित की गई थी। जमीन पर काफी लंबे समय से गब्बू पारदी नाम के व्यक्ति का कब्जा था। कुछ समय पहले राजस्व और पुलिस की टीम ने मिलकर अतिक्रमण हटवा दिया था।
हालांकि विभाग की लापरवाही के चलते जमीन पर निर्माण नहीं हो सका। इसकी वजह से अतिक्रमणकारियों ने दोबारा जमीन को घेरना शुरू दिया था। वहीं, जब दलित दंपति को यहां से हटाया गया तो उन्होंने इस मुहिम के विरोध में कीटनाशक पी लिया। कीटनाशक पी लेने के बाद पुलिस द्वारा दंपति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां फिलहाल उनकी हालत में सुधार है।
