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मध्यप्रदेश: गुंडों और हिस्ट्री शीटर ने खाई कसम, न तो हम और न ही दूसरों को करने देंगे अपराध
Tue, 06 Aug 2019 08:30 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 06 Aug 2019 08:30 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
पुलिस रिकॉर्ड्स में जिन लोगों के नाम गुंडे और हिस्ट्री शीटर के तौर पर दर्ज हैं वह पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां इन्हें पुलिस अधिकारियों ने इज्जत देते हुए बैठने के लिए कुर्सियां दीं। उनकी काउंसिलिंग की गई और उनसे शपथ ली गई कि न तो वे और न ही वह किसी और को अपराध करने देंगे। यह नजारा भोपाल में पुलिस की पहल के बाद देखने को मिला। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि वह गुंडों और हिस्ट्री शीटर को मुख्यधारा में आने की इजाजत देते हुए उनके नाम को सूची से हटा दिया जाएगा यदि वह पांच सालों तक किसी तरह का अपराध नहीं करते हैं।
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हालांकि भोपाल के पुलिस उपमहानिरीक्षक इरशाद वली ने काउंसिलिंग के लिए ऐसे लोगों का चुनाव किया है जिनकी उम्र 50-55 साल के बीच है और उनसे शपथ ली गई है कि वह पांच सालों तक किसी तरह का अपराध नहीं करेंगे। डीआईजी के अनुसार काउंसिलिंग के दौरान गुंडों और हिस्ट्रीशीटर ने बताया कि कैसे सामान्य जीवन उनके और उनके परिवार के लिए लाभदायक है। पुलिस अधिकारियों ने उनसे वादा किया है कि वह उन्हें नियमित अंतराल पर पुलिस स्टेशन नहीं बुलाएगी जैसा कि वह करती थी और यदि अपने आपरधिक रिकॉर्ड के कारण उन्हें नौकरी पाने में दिक्कत होती है तो वह रोजगार पाने में उनकी मदद भी करेंगे।
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वली ने कहा, 'एक तरह से एक-दूसरे पर विश्वास करने के लिए यह टू वे कम्युनिकेशन है। पुलिस उन्हें बेहतर नागरिक बनाएगी और उनकी मदद से अपराध को रोकेगी। वहीं उन्हें इस बात का विश्वास होगा कि पुलिस उन्हें बेवजह परेशान नहीं करेगी और वह समाज में एक शांतिपूर्ण जिंदगी जिएंगें।' अपर पुलिस अधीक्षक दिनेश कौशल जो शहर के कम से कम छह पुलिस स्टेशनों में गतिविधियों की देखरेख कर रहे हैं उन्होंने कहा, 'शपथ में उनका एक वादा भी शामिल है कि वे लोगों को अपराधों और अपराधियों के बारे में जानकारी देंगे ताकि पुलिस ऐसे तत्वों के खिलाफ समय पर कार्रवाई कर सके।'
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कौशल ने कहा कि हिस्ट्री शीटर से अच्छी प्रतिक्रिया मिली जो पुलिस की निगरानी में सूची से अपने नाम को बाहर करने के लिए उत्सुक दिखे और अपने नाम को 'माफी रजिस्टर में दर्ज करवाया। अभी तक पुलिस स्टेशन में लगभग 200 लोग शपथ ले रहे हैं। हालांकि उन्हें चेतावनी भी दी गई है कि यदिवह दोबारा किसी तरह के अपराध में शामिल होते हैं तो उनका नाम दोबारा सूची में शामिल किया जाएगा और उन्हें संबंधित पुलिस स्टेशन पर नियमित जाना होगा। एक हिस्ट्रीशीटर ने कहा कि जब भी मेरे क्षेत्र में कोई अपराध होता तो मैं पुलिस की नजर में हमेशा संदिग्ध बना रहता था। बेशक मैंने कोई अपराध न किया हो। पुलिस का यह कदम मेरे लिए काफी उत्साहजनक है।
