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गूगल और व्हाट्सएप की मदद से 43 साल बाद अपने परवार से मिली 90 साल की बुजुर्ग महिला

Sat, 20 Jun 2020 01:04 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आसिम खान Updated Sat, 20 Jun 2020 01:04 PM IST
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Google and WhatsApp helped reunite 90 year old woman with family after 43 years
सांकेतिक तस्वीर

गूगल और व्हाट्सएप की मदद से महाराष्ट्र की रहने वाली एक 90 साल की बुजुर्ग महिला अपने परिवार से मिली। पंचुबाई चार दशक के भी अधिक समय तक मध्यप्रदेश के दमोह जिले के कोटा ताल गांव में इसरार खान के साथ अच्चन मासी के रूप में रहीं। लेकिन इस सप्ताह वे अपने पोते से दोबारा मिलीं। 

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इसरार को पिछले महीने पता चला कि उनकी अच्चन मौसी दरअसल महाराष्ट्र से हैं। इसरार ने गूगल और व्हाट्सएप की मदद से पंचुबाई के पोते को ढूंढ निकाला। जिसके बाद पंचुबाई के पोते पृथ्वी कुमार शिंदे अपनी 90 साल की दादी को अपने घर ले गए। 
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महाराष्ट्र के अमरावती जिले के एक गांव से लगभग 500 किमी की दूरी तय कर पंचुबाई दमोह तक कैसे पहुंचीं ये कोई नहीं जानता। 

दरअसल, इसरार खान के ट्रक ड्राइवर पिता ने पंचुबाई को तब देखा था जब मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक उनपर हमला कर दिया था। खान ने बताया कि 43 साल पहले जब मेरे पिता पिता स्वर्गीय नूर खान अपने घर जा रहे थे तो उन्होंने पंचुबाई को बुरे हाल में देखा था। 
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उन्होंने मधुमक्खियों के डंक से होने वाले दर्द से राहत के लिए उन्हें कुछ जड़ी-बूटियां दीं। खान ने बताया कि उनके पिता ने कुछ दिनों बाद उन्हें फिर से सड़क के किनारे देखा और उनसे उनके ठिकाने के बारे में पूछा, लेकिन वह कुछ नहीं कह सकीं। जिसके बाद वो उन्हें घर ले आए। तब से वह हमारी अच्चन मौसी बन गईं और पूरे गांव की भी। 

खान ने बताया कि ये मेरे पिता द्वारा दिया गया नाम था। वह अक्सर मराठी बोलती थीं। मेरे पिता और बाद में मैंने और मेरे दोस्तों ने उनके गांव को खोजने की बहुत कोशिश की, लेकिन हमारे प्रयास बेकार रहे क्योंकि हमें उससे कोई सुराग नहीं मिला या शायद हम यह समझने में असफल रहे कि वे क्या कह रहीं थीं। 

उन्होंने कहा कि चार मई को, लॉकडाउन के दौरान, खान परिवार एक साथ बैठा था। मासी ने जो कहा खान ने अपने मोबाइल फोन पर रिकॉर्ड किया और पता लगा कि मासी ने खानम नगर बोला है। बाद में, मुझे अमरावती जिले में एक खानजम नगर पंचायत मिली। 


खान ने कहा, गूगल की मदद से मुझे खानम नगर में एक कियोस्क मालिक अभिषेक का मोबाइल नंबर मिला। मैंने उनसे बात की और  व्हाट्सएप के माध्यम से मौसी की फोटो को प्रसारित करने के लिए उनकी मदद मांगी। जिसके बाद उनकी पेहचान कर ली गई। 

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