इंदौर: डूब प्रभावितों ने सात घंटे तक घेरे रखा एनसीए मुख्यालय, मेधा पाटकर ने रखा विस्थापितों का पक्ष
गुजरात में बने सरदार सरोवर बांध की बाहरी दीवार से टकराकर लौटने वाले पानी के कारण मध्य प्रदेश में आयी डूब के खिलाफ सैकड़ों विस्थापितों ने सोमवार को इंदौर में नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) के मुख्यालय में करीब सात घंटे तक लंबा घेराव किया।
मध्य प्रदेश के बड़वानी, धार, अलीराजपुर और खरगोन के सैकड़ों डूब प्रभावित इंदौर के विजय नगर क्षेत्र स्थित एनसीए मुख्यालय पहुंचे और एनसीए भवन में मुख्य द्वार को घेर कर धरने पर बैठ गये। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरदार सरोवर बांध को इसकी 138.68 मीटर की पूर्ण क्षमता तक भरने की तैयारी की जा रही है, जबकि मध्य प्रदेश में हजारों बांध विस्थापितों का न तो उचित पुनर्वास किया गया है, न ही उन्हें सही मुआवजा दिया गया है।
इस बीच, प्रदेश के नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल 'हनी' ने यहां बांध विस्थापितों के प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब आठ घंटे लंबी बैठक कर उनकी आपबीती सुनी। बैठक में मौजूद नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर ने विस्थापितों का पक्ष रखते हुए आरोप लगाया कि मुआवजे, पुनर्वास और पर्यावरण की शर्तों को पूरा किये बगैर सरदार सरोवर बांध को भरा गया है। उन्होंने कहा कि बांध के बैक वाटर से आयी डूब के कारण मध्य प्रदेश के कई इलाके जलमग्न हो गये हैं और हजारों लोगों को उनके पीढ़ियों के पुराने आशियानों को अलविदा कहना पड़ा है।
मध्य प्रदेश सरकार के नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के दफ्तर में संपन्न बैठक के बाद राज्य के नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल ने बांध विस्थापितों को संबोधित करते हुए कहा, 'बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, जिसमें लगभग सभी संबंधित बिंदुओं पर चर्चा हुई। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि प्रदेश सरकार आगे भी डूब प्रभावितों की हरसंभव मदद करेगी।'
उन्होंने डूब क्षेत्र के आक्रोशित विस्थापितों को शांत करते हुए यह भरोसा भी दिलाया कि प्रदेश सरकार पुनर्वास स्थलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर वहां जल्द से जल्द तमाम समस्याएं दूर करेगी। बैठक में मध्य प्रदेश के नर्मदा घाटी विकास विभाग एवं जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम. गोपाल रेड्डी और एनवीडीए के आयुक्त पवन कुमार शर्मा समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे। इन अधकारियों ने प्रदेश सरकार द्वारा बांध विस्थापितों के हित में उठाये गये कदमों का विस्तृत ब्योरा दिया और डूब प्रभावितों की समस्याएं सुनीं।
