{"_id":"61f0105fe2580c1c4e56aa91","slug":"embarrassing-act-in-bhind-could-not-pay-bribe-therefore-pulled-out-six-months-pregnant-from-hospital-delivery-on-the-road-newborn-died","type":"story","status":"publish","title_hn":"भिंड में शर्मसार करने वाली हरकत: रिश्वत नहीं दे सकती थी इसलिए अस्पताल से छह माह की गर्भवती को बाहर निकाला, सड़क पर हुआ प्रसव, नवजात ने दम तोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भिंड में शर्मसार करने वाली हरकत: रिश्वत नहीं दे सकती थी इसलिए अस्पताल से छह माह की गर्भवती को बाहर निकाला, सड़क पर हुआ प्रसव, नवजात ने दम तोड़ा
Tue, 25 Jan 2022 08:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भिंड
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 25 Jan 2022 08:29 PM IST
सार
भिंड के जिला अस्पताल के बाहर एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया, देखभाल न हो पाने की वजह से नवजात ने दम तोड़ दिया। आरोप है कि पांच हजार रुपये की रिश्वत नहीं दे पाने की वजह से हमें अस्पताल से बाहर कर दिया गया था। अस्पताल प्रशासन जांच की बात कह रहा है।
विज्ञापन
Bhind: जिला अस्पताल की नर्स पर पांच हजार की रिश्वत मांगने का आरोप है।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भिंड के जिला अस्पताल के बाहर एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया, देखभाल न हो पाने की वजह से नवजात ने दम तोड़ दिया। बच्चे की दादी ने आरोप लगाया है कि नर्स ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी, नहीं दे पाने की वजह से हमें अस्पताल से बाहर कर दिया गया था। अस्पताल प्रशासन जांच की बात कह रहा है।
जानकारी के अनुसार घटना सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। बरासो थाना क्षेत्र के ग्राम रजूपुरा की रहने वाली कल्लो रामलखन मिर्धा अपनी सास मिथला और पति के साथ रात्रि करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल पहुंची थी। महिला छह माह की गर्भवती थी। उसे दर्द हो रहा था। अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने 5 हजार मांगे थे। पैसा नहीं देने पर बाहर से अल्ट्रासाउंड करने की बात कहकर बाहर निकाल दिया।
प्रसूता की सास मिथला का कहना है कि रिश्वत दे देती तो इलाज शुरू हो जाता। काफी देर तक परेशान किया गया। जब बहू का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर निकले तो दर्द तेज हो गया और बहू सड़क पर गिर गई, जहां बच्चे को जन्म दिया। मेरे पास कोई कपड़ा भी नहीं था नवजात को ढंकने के लिए, बेटे से तौलिया लिया था। प्रसूता का कहना है कि हम लोग गरीब हैं यदि 5 हजार रुपए दिए होते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जिला अस्पताल भिंड के सिविल सर्जन डॉ. अनिल गोयल का कहना है कि सड़क पर हुई डिलीवरी को लेकर जांच करा रहे हैं, चिकित्सकों की कमेटी बनाई गई है। जो भी दोषी पाया जाएगी, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार घटना सोमवार रात करीब साढ़े 11 बजे की है। बरासो थाना क्षेत्र के ग्राम रजूपुरा की रहने वाली कल्लो रामलखन मिर्धा अपनी सास मिथला और पति के साथ रात्रि करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल पहुंची थी। महिला छह माह की गर्भवती थी। उसे दर्द हो रहा था। अस्पताल के स्टाफ ने प्रसूता को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने 5 हजार मांगे थे। पैसा नहीं देने पर बाहर से अल्ट्रासाउंड करने की बात कहकर बाहर निकाल दिया।
विज्ञापन
प्रसूता की सास मिथला का कहना है कि रिश्वत दे देती तो इलाज शुरू हो जाता। काफी देर तक परेशान किया गया। जब बहू का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए बाहर निकले तो दर्द तेज हो गया और बहू सड़क पर गिर गई, जहां बच्चे को जन्म दिया। मेरे पास कोई कपड़ा भी नहीं था नवजात को ढंकने के लिए, बेटे से तौलिया लिया था। प्रसूता का कहना है कि हम लोग गरीब हैं यदि 5 हजार रुपए दिए होते तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। जिला अस्पताल भिंड के सिविल सर्जन डॉ. अनिल गोयल का कहना है कि सड़क पर हुई डिलीवरी को लेकर जांच करा रहे हैं, चिकित्सकों की कमेटी बनाई गई है। जो भी दोषी पाया जाएगी, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेंगे।
विज्ञापन
