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Diwali 2022: इकलौता मंदिर जहां भक्तों के गहनों-नोटों से होता है लक्ष्मीजी का श्रृंगार,पांच दिन ही खुलते हैं पट
Mon, 24 Oct 2022 06:53 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रतलाम
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 24 Oct 2022 06:53 PM IST
सार
Diwali 2022: इकलौता मंदिर जहां भक्तों के गहनों-नोटों से होता है लक्ष्मीजी का श्रृंगार,पांच दिन ही खुलते हैं पट
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रतलाम स्थित महालक्ष्मी का बड़ा मंदिर
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश के कई शहरों में मां लक्ष्मी के प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जहां दिवाली के मौके पर काफी भव्य रूप से पूजा अर्चना की जाती हैं। धन की देवी मां लक्ष्मी का एक मंदिर रतलाम जिले में स्थित हैं, जो कि साल में केवल पांच दिनों के लिए खुलता है। इस मंदिर की प्रसिद्धि काफी दूर-दूर तक है। आइए आपको इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें बताते हैं।
दिवाली पर की गई आकर्षक सजावट को देखने आते हैं लोग
- फोटो : सोशल मीडिया
करोड़ों को आभूषणों से सजता है मंदिर
दिवाली के मौके पर देश के सभी मंदिरों में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा और फूलों की सजावट की जाती है, लेकिन रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में फूलों से नहीं बल्कि भक्तों द्वारा लाई गई नोटों की गड्डियों और उनके गहनों से मंदिर और मां लक्ष्मी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर की आकर्षक सजावट को देखने के लिए लोग दूर-दूर से रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर में लगे आभूषणों की कीमत 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की होती है।
ये भी पढे़ं: Dhanteras 2022: यहां 200 वर्षों से आरोग्य का आशीष दे रहे हैं धन्वंतरि देव, जड़ी-बूटियों से होता है अभिषेक
प्रसाद में मिलते हैं आभूषण और पैसे
दिवाली के दिन से पहले लोग इस मंदिर में नोटों की गड्डियां और आभूषण लेकर आते हैं। जिन्हें मंदिर में एंटी कराकर जमा कराया जाता है, लोगों को उनके गहनों और पैसों के बदले टोकन दिया जाता है। भक्तों द्वारा जमा किए गए पैसों और आभूषणों से मां लक्ष्मी और मंदिर को सजाया जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन टोकन लाने वाले भक्तों को गहने और पैसे प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं। भक्त मंदिर से मिलने वाले प्रसाद को हमेशा संभालकर रखते हैं, उनका मानना है कि जो गहने और पैसे मंदिर में चढ़ते हैं वो समृद्धि लाते हैं। मंदिर में महिलाओं के प्रसाद के रुप में श्रीयंत्र, सिक्का, कौड़ियां, अक्षत, कंकूयुक्त कुबेर पोटली दी जाती है, जिन्हें घर में रखना शुभ माना जाता है।
दिवाली के मौके पर देश के सभी मंदिरों में आकर्षक विद्युत साज-सज्जा और फूलों की सजावट की जाती है, लेकिन रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर में फूलों से नहीं बल्कि भक्तों द्वारा लाई गई नोटों की गड्डियों और उनके गहनों से मंदिर और मां लक्ष्मी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। मंदिर की आकर्षक सजावट को देखने के लिए लोग दूर-दूर से रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर में लगे आभूषणों की कीमत 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की होती है।
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प्रसाद में मिलते हैं आभूषण और पैसे
दिवाली के दिन से पहले लोग इस मंदिर में नोटों की गड्डियां और आभूषण लेकर आते हैं। जिन्हें मंदिर में एंटी कराकर जमा कराया जाता है, लोगों को उनके गहनों और पैसों के बदले टोकन दिया जाता है। भक्तों द्वारा जमा किए गए पैसों और आभूषणों से मां लक्ष्मी और मंदिर को सजाया जाता है। गोवर्धन पूजा के दिन टोकन लाने वाले भक्तों को गहने और पैसे प्रसाद के रूप में दिए जाते हैं। भक्त मंदिर से मिलने वाले प्रसाद को हमेशा संभालकर रखते हैं, उनका मानना है कि जो गहने और पैसे मंदिर में चढ़ते हैं वो समृद्धि लाते हैं। मंदिर में महिलाओं के प्रसाद के रुप में श्रीयंत्र, सिक्का, कौड़ियां, अक्षत, कंकूयुक्त कुबेर पोटली दी जाती है, जिन्हें घर में रखना शुभ माना जाता है।
देश का इकलौता मंदिर जहां नोटों से होती है सजावट
- फोटो : सोशल मीडिया
देश का इकलौता मंदिर
रतलाम में स्थित महालक्ष्मी मंदिर इकलौता मंदिर है जहां भक्तों के लाए हुए गहनों से मां का श्रृंगार किया जाता है। ऐसा मंदिर देश में कहीं और नहीं है। इस मंदिर में दिवाली पर की गई नोटों और गहनों की सजावट देखने लायक होती है। बीते कई वर्षों से मंदिर में सजावट इसी तरह से की जा रही है, लेकिन आज तक मंदिर से कभी किसी का एक भी कहना कम नहीं हुआ।
रतलाम में स्थित महालक्ष्मी मंदिर इकलौता मंदिर है जहां भक्तों के लाए हुए गहनों से मां का श्रृंगार किया जाता है। ऐसा मंदिर देश में कहीं और नहीं है। इस मंदिर में दिवाली पर की गई नोटों और गहनों की सजावट देखने लायक होती है। बीते कई वर्षों से मंदिर में सजावट इसी तरह से की जा रही है, लेकिन आज तक मंदिर से कभी किसी का एक भी कहना कम नहीं हुआ।
