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कृषि कानूनों पर दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी को घेरा, कहा- किसान तो भोला-भाला, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे

Sat, 26 Dec 2020 03:02 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 26 Dec 2020 03:02 PM IST
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Digvijaya Singh Congress on Farmers Protest Madhya Pradesh are innocent but even Congressmen are sleeping
दिग्विजय सिंह - फोटो : ANI

दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी पर तंज कसते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश के किसान तो भोले-भाले हैं, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को उठना चाहिए और कानूनों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। 

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मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के तलेन में एक रैली को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, हरियाणा, पंजाब, यूपी और राजस्थान के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं क्योंकि पीएम मोदी उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के किसान भोले-भाले हैं, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे हैं। जागो, पदयात्रा में शामिल हो जाओ और इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठाओ। 
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गौरतलब है कि शुक्रवार को तलेन में कांग्रेस नेताओं द्वारा तीन कृषि कानूनों और जिले के किसानों को मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में दांडी यात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा तलेन से भोपाल रवाना हुई। इसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने खुद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में किसानों के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इसका समापन 28 दिसंबर को भोपाल में विधानसभा भवन पर होगा। 


यह भी पढ़ें: जावड़ेकर ने कहा- गुमराह किए गए आंदोलनरत किसान, राहुल को दी खुली बहस की चुनौती

बता दें कि दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 32वां दिन है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रही हैं। सरकार के वार्ता के नए प्रस्ताव पर किसान संगठन आज फैसला ले सकते हैं। किसान संगठनों ने शुक्रवार को भी इस पर विचार किया था। सरकार को उम्मीद है कि दो-तीन दिनों में किसानों के साथ बातचीत शुरू हो सकती है। 

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