कृषि कानूनों पर दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी को घेरा, कहा- किसान तो भोला-भाला, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे
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दिल्ली की सीमाओं पर तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। कांग्रेस ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने अपनी ही पार्टी पर तंज कसते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश के किसान तो भोले-भाले हैं, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों को उठना चाहिए और कानूनों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के तलेन में एक रैली को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, हरियाणा, पंजाब, यूपी और राजस्थान के किसान कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं क्योंकि पीएम मोदी उनके साथ अन्याय कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के किसान भोले-भाले हैं, लेकिन कांग्रेसी भी सो रहे हैं। जागो, पदयात्रा में शामिल हो जाओ और इन कानूनों के खिलाफ आवाज उठाओ।
Farmers of Haryana, Punjab, UP & Rajasthan are protesting against farm laws because PM Modi is doing injustice to them. Farmers of Madhya Pradesh are innocent but even Congressmen are sleeping. Wake up, join the stir & raise voices against these laws: Digvijaya Singh, Congress pic.twitter.com/ZBQ25NInln
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 26, 2020
गौरतलब है कि शुक्रवार को तलेन में कांग्रेस नेताओं द्वारा तीन कृषि कानूनों और जिले के किसानों को मुआवजा नहीं मिलने के विरोध में दांडी यात्रा निकाली गई थी। यह यात्रा तलेन से भोपाल रवाना हुई। इसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने खुद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में किसानों के साथ-साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। इसका समापन 28 दिसंबर को भोपाल में विधानसभा भवन पर होगा।
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बता दें कि दिल्ली की कई सीमाओं पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन का आज 32वां दिन है। सरकार और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी बेनतीजा रही हैं। सरकार के वार्ता के नए प्रस्ताव पर किसान संगठन आज फैसला ले सकते हैं। किसान संगठनों ने शुक्रवार को भी इस पर विचार किया था। सरकार को उम्मीद है कि दो-तीन दिनों में किसानों के साथ बातचीत शुरू हो सकती है।
