विधायकों की खरीद-फरोख्त पर बोले कमलनाथ- फोकट का पैसा मिल रहा है, ले लो
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मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा प्रदेश में सरकार बनाने के लिए विधायकों को पैसा देकर उनकी खरीद फरोख्त कर रही है। जिसपर राज्य के मुख्यमंत्री कमलनाथ का बयान आया है। उनका कहना है कि मैं विधायकों से कह रहा हूं फोकट का पैसा मिल रहा है, ले लो।
कमलनाथ ने दिग्विजय के भाजपा पर लगाए आरोपों पर कहा, 'विधायक ही कह रहे हैं मुझे। हमें इतना पैसा दिया जा रहा है। मैं तो विधायकों को कह रहा हूं कि फोकट का पैसा मिल रहा है। ले लेना।' वहीं भाजपा ने सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया और उन पर आदतन झूठ बोलने का आरोप लगाया है।
#WATCH Madhya Pradesh Chief Minister Kamal Nath on Digvijaya Singh's allegations that BJP is trying to buy Congress MLAs in MP: Vidhayak hi keh rahe hain mujhe, hume itna paisa diya jaa raha hai. Main toh Vidhayakon ko keh raha hoon ki phokat ka paisa mil raha hai, le lena. pic.twitter.com/XFL7RGJMvq
— ANI (@ANI) March 3, 2020
2018 में भी हुई थी कोशिश
दिग्विजय सिंह का कहना है कि 2018 में भी भाजपा ने सरकार बनाने के लिए कुछ कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश की थी। हालांकि यह अभियान विफल हो गया क्योंकि कांग्रेस विधायकों ने उनके विचार को खारिज कर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री बनने को लेकर शिवराज सिंह चौहान और नरोत्तम मिश्रा के बीच मतभेद थे।
दिग्विजय ने कहा, 'अब वे एक समझौते पर पहुंचे हैं कि चौहान को मुख्यमंत्री बनाया जाएगा और मिश्रा उप-मुख्यमंत्री बनेंगे यदि उन्हें राज्य में सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायक मिल जाते हैं।' सिंह का कहना है कि पांच से सात विधायकों को भाजपा नेताओं का फोन आया है। जिसमें उन्हें पहली किश्त के तौर पर पांच करोड़ रुपये और राज्यसभा चुनाव के बाद बाकी के पैसे देने की बात कही गई है।
कांग्रेस के पास 114, भाजपा के पास हैं 107 विधायक
230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं। उसकी सरकार चार निर्दलीय विधायक, दो बसपा विधायक और एक सपा विधायक पर टिकी हुई है। वहीं भाजपा के 104 विधायक हैं। इस महीने राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने वाले हैं। वर्तमान में तीन में से दो सीटें भाजपा के पास हैं।
राज्यसभा की एक सीट के लिए चाहिए 58 वोट
किसी भी पार्टी को राज्यसभा की एक सीट के लिए 58 वोट चाहिए। भाजपा और कांग्रेस बहुत आसानी से एक-एक सीट जीत सकते हैं। वहीं तीसरी सीट के लिए भाजपा के पास 49 और कांग्रेस के पास 56 वोट हैं। जिसके कारण निर्दलीय और दोनों पार्टियों के वोट काफी अहम हो जाते हैं।
