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कांग्रेसी नेताओं पर बरसे दिग्विजय, कहा- आधे को नहीं पता क्या है अनुच्छेद 370

Fri, 15 Nov 2019 08:23 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 15 Nov 2019 08:23 AM IST
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Digvijay Singh says more than half congressmen does not know what is article 370
दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को निरस्त कर दिया था। हालांकि कांग्रेस इस चीज को लेकर भ्रमित है कि वह इसका समर्थन करें या विरोध। गुरुवार को मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद दिग्विजय सिंह ने अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वाले कांग्रेसियों को आड़े हाथ लिया। 

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उन्होंने कहा कि आधे से ज्यादा कांग्रेसियों को यह नहीं पता है कि आखिर अुच्छेद 370 क्या है? देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेता ने कहा, 'आधे से ज्यादा कांग्रेसियों को यही नहीं मालूम है कि 370 क्या है। वे कहते हैं कि केंद्र सरकार ने अच्छा काम किया। क्या अच्छा किया?' 
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दिग्विजय का कहना है कि कश्मीर हमारे हाथ से फिसल रहा है। यदि हम कश्मीर चाहते हैं तो कश्मीरियों को साथ लेना होगा। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री के प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले मध्यप्रदेश के ही दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन किया था। 
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वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि जब अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने का विधेयक संसद में आया था तो हमने इसका समर्थन किया था। लेकिन इसे हटाने के तौर-तरीकों का विरोध किया था। केवल इतना ही नहीं हरियाणा के दीपेंद्र सिंह हुड्डा और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने भी सरकार के फैसले का समर्थन किया था।

सबरीमाला पर फैसले को स्वीकार करे भाजपा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में उच्चतम न्यायालय के फैसले के मामले में कहा कि आरएसएस और भाजपा को अदालत के इस फैसले को भी ठीक वैसे ही स्वीकार करना चाहिए जैसे उन्होंने अयोध्या मामले में किया था। वह सबरीमाला और इसी तरह के धार्मिक मुद्दों को एक बड़ी पीठ को संदर्भित करने के शीर्ष अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा हमारी पार्टी का हमेशा से यह मत रहा है कि अदालत को अयोध्या विवाद जैसे मुद्दों पर फैसला करना चाहिए और मुझे खुशी है कि सभी पार्टियों ने इस (अयोध्या) मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को स्वीकार किया।

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