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दिल्ली में फायरिंग की घटनाओं पर दिग्विजय ने उठाए सवाल, सामी को पद्मश्री देने पर केंद्र को घेरा

Mon, 03 Feb 2020 05:30 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल/इंदौर Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 03 Feb 2020 05:30 AM IST
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Digvijay raised questions on firing incidents in Delhi
दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : फेसबुक

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने दिल्ली में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के विरोध में हुई फायरिंग की घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। वहीं, अदनान सामी को पद्मश्री सम्मान देने पर भी उन्होंने केंद्र की आलोचना की।

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उन्होंने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा हाल ही में एक चुनावी रैली के दौरान सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों की आलोचना के बाद कथित तौर पर भड़काऊ नारे लगवाये जाने के मामले की ओर इशारा किया। इसके साथ ही, इस मामले को जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय के नजदीक सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों के समूह पर गोली चलाए जाने की सनसनीखेज घटना से जोड़ते हुए भाजपा पर हमला किया।
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वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, 'केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हमें क्रोनोलॉजी बतायी कि पहले सीएए आयेगा, फिर एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) आयेगा और इसके बाद एनआरसी आएगी। लेकिन हमें एक और क्रोनोलॉजी समझ आ रही है कि पहले भारत सरकार का एक मंत्री कहता है- गोली मारो। इसके बाद इन्हीं लोगों का एक व्यक्ति तमंचा लेकर आता है और दिल्ली पुलिस हाथ पर हाथ रखकर खड़ी दिखाई देती है।
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फिर यह व्यक्ति गोली चला देता है।' दिग्विजय ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के मंत्री की भड़काऊ नारेबाजी के गंभीर मामले में चुनाव आयोग ने उन्हें उचित दंड नहीं दिया है।

आंदोलनकारियों से सीधे संवाद करें प्रधानमंत्री और गृह मंत्री

सिंह ने कहा कि सीएए, एनपीआर और एनआरसी आंदोलन राजनेताओं और राजनीतिक दलों के हाथ से निकल गया है क्योंकि यह एक भावनात्मक मुद्दा है। इस संकट को हल करने के लिये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को आंदोलनकारियों से सीधे संवाद करना चाहिए।

भोपाल से धार जाने के दौरान सीहोर में संवाददाताओं से बातचीत में दिग्विजय ने कहा, ‘नागरिकता संशोधन कानून (सीएए), राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) का आंदोलन राजनेताओं तथा सभी राजनीतिक दलों के हाथ से निकल चुका है क्योंकि यह भावनात्मक मुद्दा है और भावनात्मक मुद्दे को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए।’

उन्होंने कहा, ‘अमित शाह ने खुद कहा था कि पहले सीएए बिल आएगा, फिर एनपीआर और बाद में एनआरसी आएगा। ये क्रोनोलॉजिकल ऑडर बताया था उन्होंने। तो अब अगर इसको संभालना है तो मोदी जी और अमित शाह जी को, जितने लोग धरने पर बैठे हैं उनको बुलाकर संवाद की स्थिति लाना चाहिए और उनके मन में जो भ्रम है, उसे दूर करना चाहिए अन्यथा देश की हालत और बिगड़ेगी।’

अमित शाह के बयान कि भाजपा कार्यकर्ताओं को दिल्ली विधानसभा चुनाव में इतनी वोटिंग कराना चाहिए कि उसका असर शाहीन बाग में दिखे के सवाल पर दिग्विजय ने कहा, ‘फिर वही बात आ गई। इनके पास हिंदू-मुसलमान के अलावा कोई मुद्दा नहीं है। देश में आग लगा रहे हैं, ये लोग।’

'अदनान सामी के पिता ने हमारे खिलाफ बम बरसाए थे'

वहीं, पाकिस्तानी मूल के भारतीय गायक अदनान सामी को पद्मश्री पुरस्कार के लिये चुने जाने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस कलाकार के पिता ने पाकिस्तानी वायु सेना के लड़ाकू पायलट के रूप में भारत के खिलाफ बम बरसाए थे।

शहर के एक सामाजिक संगठन की आयोजित 'संविधान बचाओ, देश बचाओ' रैली में दिग्विजय सिंह ने कहा, 'पाकिस्तान से भारत आए सामी चूंकि एक कलाकार हैं। इसलिये मैंने ही उन्हें भारतीय नागरिकता देने के लिये भारत सरकार से उनके मामले की सिफारिश की थी। उन्हें मोदी सरकार के राज में ही भारत की नागरिकता मिली है।’

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