Dhar News: चूना खदान के लिए सर्वे करने पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने किया पथराव, जान बचाकर भागा प्रशासन
Dhar News: धार जिले की कुक्षी तहसील में प्रशासन और कंपनी की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। चूना पत्थर खदान के सर्वे और ड्रिलिंग कार्य के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने मशीनों और वाहनों पर पथराव कर दिया।
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जानकारी के मुताबिक, राजस्थान की श्री सीमेंट कंपनी द्वारा लाइमस्टोन खोज कार्य की शुरुआत बुधवार से बाग ब्लॉक के ग्राम टकारी से की गई थी। कंपनी के लोग ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन पर सैंपलिंग के लिए पहुंचे थे। कंपनी के प्रतिनिधियों ने मशीनें लगाकर सर्वे की तैयारी शुरू की, तभी ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध करने लगे। उनका आरोप था कि कंपनी ने ग्रामसभा की अनुमति लिए बिना जबरदस्ती कार्य शुरू किया। विरोध के बाद कंपनी के लोग वाहन छोड़कर दूर चले गए।
प्रशासन की सुरक्षा के बावजूद बढ़ा विवाद
पुलिस और प्रशासन की टीम विरोध की आशंका को देखते हुए पहले से तैयारी करके गई थी। कुक्षी के 8 थानों के पुलिस बल को भी बुलाया गया था ताकि कंपनी को सुरक्षा प्रदान करते हुए ड्रिलिंग कार्य शुरू किया जा सके। लेकिन जैसे ही मशीनें खेत में लगाई गईं, बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं पारंपरिक हथियार लेकर सड़क पर उतर आईं। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर पुलिस के काफिले को रोक दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और भीड़ ने अधिकारियों की गाड़ियों और मशीनों पर पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
'जल-जंगल-जमीन की लड़ाई'
मशीनों के कार्य शुरू होने की सूचना पर जयस के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रविराज बघेल ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने पूर्व में ग्राम मोगरा में ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि बिना जन-सहमति के कोई कार्य नहीं होगा, फिर भी पुलिस बल के दम पर ड्रिलिंग क्यों की गई। बघेल ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को कानूनी दायरे में रहकर लड़ें।
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खाली हाथ लौटी प्रशासन की टीम
धार जिले के कुक्षी, बाग और आलीराजपुर जिले के जॉबट ब्लॉक के कई गांवों में चूना पत्थर की खोज का विरोध पिछले कई महीनों से चल रहा है। पिछले महीने हुए चक्का जाम के बाद प्रशासन ने शांति का आश्वासन दिया था, लेकिन बुधवार को विवाद फिर बढ़ गया। ग्रामीण अपनी जमीन कंपनी को देने के लिए किसी भी हालत में तैयार नहीं थे। विरोध के कारण घंटों चली गहमागहमी के बाद प्रशासन की पूरी टीम को वापस लौटना पड़ा। इस दौरान हुई पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन के कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
