एमपी: चंबल नदी पर 35 करोड़ से बन रहा फोरलेन ब्रिज, छह महीने में खड़े हुए 15 पिलर; मार्च तक बाकी काम का लक्ष्य
घाटाबिल्लौद क्षेत्र में चंबल नदी पर करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से 24 मीटर चौड़ा अत्याधुनिक फोरलेन ब्रिज बनाया जा रहा है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के इस प्रोजेक्ट के तहत अप्रैल में निर्माण शुरू हुआ था और छह महीने में कुल 30 में से 15 पिलर तैयार हो चुके हैं।
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घाटाबिल्लौद क्षेत्र में चंबल नदी पर बन रहे अत्याधुनिक फोरलेन ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल 24 मीटर चौड़ा होगा। इसके निर्माण से क्षेत्र के लोगों और उद्योग जगत को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कम बारिश के कारण नदी में जलस्तर नियंत्रित रहने से निर्माण एजेंसी को काम तेजी से पूरा करने का अवसर मिला है। पिछले छह महीनों में 30 में से 15 पिलर तैयार किए जा चुके हैं। अब शेष 15 पिलरों का निर्माण पूरा करने के लिए मार्च तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तैयार पिलरों पर पुल का प्लेटफॉर्म और गर्डर बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
छह महीने में तैयार हुए 15 पिलर, बाकी का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य
मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) के अंतर्गत चल रहे इस प्रोजेक्ट में कुल 30 पिलर बनाए जाने हैं। निर्माण एजेंसी ने अप्रैल में काम शुरू किया था। इसके बाद महज छह महीने के भीतर 15 पिलर खड़े कर दिए गए हैं। अब बाकी 15 पिलरों के निर्माण पर काम जारी है। निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए तैयार पिलरों पर पुल का प्लेटफॉर्म बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके तहत गर्डर आदि लगाने का काम किया जाएगा। निर्माण एजेंसी को कम बारिश के चलते नदी में जलस्तर नियंत्रित रहने का फायदा मिला है। इससे नदी क्षेत्र में निर्माण कार्य को गति देने में मदद मिली है।
एप्रोच रोड के रास्ते में आ रहे कुछ मकान, जांच के बाद जारी होंगे नोटिस
पुल के पहुंच मार्ग यानी एप्रोच रोड के निर्माण के दौरान कुछ मकानों के हिस्से बाधा बन रहे हैं। राहत की बात यह है कि इन मकानों का लगभग 10 से 15 फीट हिस्सा ही प्रस्तावित एप्रोच रोड की जद में आ रहा है।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह जांच की जा रही है कि प्रभावित हिस्से अतिक्रमण के दायरे में आते हैं या वैध निर्माण हैं। स्थिति स्पष्ट होने के बाद संबंधित मकान मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद नियमानुसार उचित समाधान निकाला जाएगा, ताकि एप्रोच रोड का निर्माण आगे बढ़ाया जा सके।
150 साल पुराने जर्जर पुल की जगह लेगा नया ब्रिज
घाटाबिल्लौद में बन रहा नया ब्रिज करीब 150 साल पुराने जर्जर पुल की जगह लेगा। नए पुल के तैयार होने से इंदौर, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर की ओर आने-जाने वाले लोगों का सफर अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में आवागमन बेहतर होगा और पुराने पुल पर निर्भरता भी कम होगी।
औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा फायदा, भारी वाहनों की आवाजाही होगी आसान
नए फोरलेन ब्रिज से क्षेत्र के औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। बदनावर में विकसित हो रहे पीएम मित्रा पार्क, पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और भैंसोला के नए औद्योगिक क्षेत्र के बीच संपर्क बेहतर होगा। इससे व्यावसायिक गतिविधियों और भारी वाहनों के आवागमन को सुविधा मिलेगी। पुल के निर्माण से क्षेत्रीय नागरिकों के साथ उद्योग जगत को भी लाभ मिलने की संभावना है।
मार्च तक बाकी पिलरों का काम पूरा करने की योजना
एमपीआरडीसी के प्रोजेक्ट अधिकारी प्रदीप चौहान के अनुसार, नदी क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। एप्रोच रोड की खुदाई पूरी कर ली गई है, लेकिन कुछ मकानों के हिस्से रास्ते में आने के कारण आगे का काम नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। कुल 30 पिलरों में से 15 तैयार हो चुके हैं और शेष पिलरों पर काम जारी है। निर्माण एजेंसी ने बाकी पिलरों का काम मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। प्रदीप चौहान, प्रोजेक्ट अधिकारी, एमपीआरडीसी ने बताया कि निर्माण कार्य को गति देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
