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देवास: दूषित जल के उपचार की नहीं मिली कोई व्यवस्था, तीन उद्योगों की बिजली काटकर किया सील
Tue, 28 Dec 2021 03:34 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Tue, 28 Dec 2021 03:34 PM IST
सार
इंदौर में औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बाद अब देवास में भी प्रशासन हरकत में आया है। दूषित जल के उपचार की व्यवस्था न होने पर तीन उद्योगों को सील किया है। बिजली कनेक्शन भी काटा गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंदौर में औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के बाद अब देवास में भी प्रशासन हरकत में आया है। यहां भी ऐसे उद्योगों के खिलाफ कार्रवाई की जाने लगी है जहां दूषित जल के उपचार की व्यवस्था नहीं है। इस कड़ी में तीन उद्योगों को सील किया है। बिजली कनेक्शन भी काटा है।
दरअसल इंदौर में उद्योगों के दूषित पानी के कान्ह नदी व अन्य नालों में मिलने की शिकायत पर प्रशासन ने उद्योगों को सील किया था। कहा था कि जब तक दूषित जल का ट्रीटमेंट नहीं होगा, तब तक उद्योग बंद रहेंगे। नगर निगम ने भी इसके लिए निर्देश दिए थे और जल की हर हफ्ते जांच की बात कही थी। इंदौर से लगे देवास में भी प्रशासन ने इस विषय पर ध्यान दिया और तीन उद्योगों को सील किया। कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के निर्देश पर तहसीलदार पूनम तोमर ने कार्रवाई की।
देवास स्थित मेसर्स महाकाली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन उद्योगों की बिजली काटकर सील किया। तीनों उद्योग एक ही परिसर में अलग-अलग प्लॉट पर स्थापित हैं। ये तीनों उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति प्राप्त किए बगैर संचालित हो रहे थे। बोर्ड द्वारा पूर्व में स्थानीय स्तर से उद्योग को बंद करने का नोटिस भी जारी किया गया था। मेसर्स महाकाली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के इन तीनों उद्योगों में स्थापित दूषित जल उपचार व्यवस्था संचालित नही थी। इन उद्योगों से जल प्रदूषण और वायू प्रदूषण की स्थिति निर्मित हो रही थी तथा उद्योगों के जल प्रदूषण के कारण शिप्रा नदी में जल प्रदूषण की आशंका बढ़ रही थी।
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नागधम्मन नदी में छोड़ते हैं केमिकलयुक्त पानी
उद्योगों के लिहाज से देखें तो देवास में सैकड़ों उद्योग संचालित हैं, लेकिन इनमें नियमों का पालन न किए जाने की शिकायत मिलती है। देवास की नाग धम्मन नदी का पानी इन उद्योगों के गंदे पानी के कारण जहरीला (केमिकलयुक्त) हो गया है। कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक शिकायतें हुईं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। नाग धम्मन नदी का पानी शिप्रा में मिलता है और यही पानी आगे उज्जैन तक जाता है। पिछले दिनों जब साधु संतों का दल भ्रमण के लिए आया था तब भी यह मामला उठा था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं किया। औद्योगिक क्षेत्र में कई उद्योगों में दूषित जल के उपचार की व्यवस्था नहीं है, लेकिन देवास प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसके चलते प्रदूषण बढ़ रहा है।
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दरअसल इंदौर में उद्योगों के दूषित पानी के कान्ह नदी व अन्य नालों में मिलने की शिकायत पर प्रशासन ने उद्योगों को सील किया था। कहा था कि जब तक दूषित जल का ट्रीटमेंट नहीं होगा, तब तक उद्योग बंद रहेंगे। नगर निगम ने भी इसके लिए निर्देश दिए थे और जल की हर हफ्ते जांच की बात कही थी। इंदौर से लगे देवास में भी प्रशासन ने इस विषय पर ध्यान दिया और तीन उद्योगों को सील किया। कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला के निर्देश पर तहसीलदार पूनम तोमर ने कार्रवाई की।
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देवास स्थित मेसर्स महाकाली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के तीन उद्योगों की बिजली काटकर सील किया। तीनों उद्योग एक ही परिसर में अलग-अलग प्लॉट पर स्थापित हैं। ये तीनों उद्योग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सम्मति प्राप्त किए बगैर संचालित हो रहे थे। बोर्ड द्वारा पूर्व में स्थानीय स्तर से उद्योग को बंद करने का नोटिस भी जारी किया गया था। मेसर्स महाकाली फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के इन तीनों उद्योगों में स्थापित दूषित जल उपचार व्यवस्था संचालित नही थी। इन उद्योगों से जल प्रदूषण और वायू प्रदूषण की स्थिति निर्मित हो रही थी तथा उद्योगों के जल प्रदूषण के कारण शिप्रा नदी में जल प्रदूषण की आशंका बढ़ रही थी।
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नागधम्मन नदी में छोड़ते हैं केमिकलयुक्त पानी
उद्योगों के लिहाज से देखें तो देवास में सैकड़ों उद्योग संचालित हैं, लेकिन इनमें नियमों का पालन न किए जाने की शिकायत मिलती है। देवास की नाग धम्मन नदी का पानी इन उद्योगों के गंदे पानी के कारण जहरीला (केमिकलयुक्त) हो गया है। कई बार प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तक शिकायतें हुईं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। नाग धम्मन नदी का पानी शिप्रा में मिलता है और यही पानी आगे उज्जैन तक जाता है। पिछले दिनों जब साधु संतों का दल भ्रमण के लिए आया था तब भी यह मामला उठा था, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं किया। औद्योगिक क्षेत्र में कई उद्योगों में दूषित जल के उपचार की व्यवस्था नहीं है, लेकिन देवास प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इसके चलते प्रदूषण बढ़ रहा है।
