{"_id":"6207a1a33f5e4b546e1c33f1","slug":"dewas-government-employee-accused-of-naming-the-temple-land-in-his-own-name-residents-complained-to-the-collector","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवास: शासकीय कर्मचारी पर मंदिर की जमीन को खुद के नाम करने के आरोप, रहवासियों ने कलेक्टर से की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवास: शासकीय कर्मचारी पर मंदिर की जमीन को खुद के नाम करने के आरोप, रहवासियों ने कलेक्टर से की शिकायत
Sat, 12 Feb 2022 05:31 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवास
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Sat, 12 Feb 2022 05:31 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के देवास में शासकीय कर्मचारी पर मंदिर की जमीन हड़पने के आरोप लगे हैं। रहवासियों ने कलेक्टर कार्यालय में शिकायत की है और आरोप लगाए हैं कि दस्तावेजों में हेरफेर कर षड़यंत्र किया है।
विज्ञापन
अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए रहवासीगण
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आमतौर पर यह देखा जाता है कि लोग भगवान के मंदिर के लिए जमीन दान करते हैं, मगर मध्यप्रदेश के देवास में भगवान की जमीन पर खुद का आधिपत्य जमाने का मामला सामने आया है। कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ शासकीय कर्मचारी पर इसके आरोप लगे हैं और रहवासियों ने शिकायत की है।
शिकायत में शासकीय सेवक ने अपने पद का दुरूपयोग कर शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना एवं षड़यंत्र करके शासकीय भूमि को स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। सिविल लाइन कुबेर नगर के निवासी एवं श्री संकट मोचन बाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के सदस्य इस मामले में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भोजराज सिंह जादौन ने बताया कि 7 फवरी 2022 को कुबेर नगर सिविल लाइन थाने के सामने संकटमोचन बाल हनुमान मंदिर स्थित है। वहां पर अमित चौधरी, राजस्व विभाग के किसी आरआई एवं अन्य लोगों के साथ आए और वहां पर शासकीय जमीन की नपती करने लगे। जब इन लोगों ने हनुमान मंदिर और उससे लगी भूमि जो कि मंदिर के व्रत-उत्सवों, धार्मिक गतिविधियों एवं अनुष्ठानों के लिए हिन्दू समाज के लोग उपयोग करते हैं। उसकी नपती करना प्रारंभ की तो इस पर स्थानीय लोग वहां पर एकत्रित हुए। तब अमित चौधरी जो कि नजूल विभाग कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत है ने बताया कि यह सारी जमीन मेरी और मेरे परिवार की है। इस पर उपस्थित लोगों ने कहा कि हनुमान जी का मंदिर लगभग 70 से 80 साल पुराना है। कुबेर नगर कॉलोनी को बने हुए कई वर्ष हो गए हैं और भूमि तो शासकीय है। यह जमीन किसी की निजी कैसे हो सकती है। इतना सुनकर नपती करने आए अधिकारी सहम गए और चले गए। भूमि की जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि से अमित शर्मा का कुछ भी लेना देना नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर की जमीन हड़पने का प्रयास करने वाला अमित चौधरी शासकीय कर्मचारी है। काफी समय से उक्त व्यक्ति की मंदिर की जमीन पर नजर बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आस्था व श्रद्धा का केन्द्र संकटमोचन बाल हनुमान मंदिर एवं इससे लगी हुई। उक्त मामले की जांच निष्पक्ष रूप से जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। उक्त मामले को लेकर शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की गई तो नगर में आंदोलन, जागरण एवं सत्याग्रह किया जाएगा।
विज्ञापन
शिकायत में शासकीय सेवक ने अपने पद का दुरूपयोग कर शासकीय दस्तावेजों में कूटरचना एवं षड़यंत्र करके शासकीय भूमि को स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। सिविल लाइन कुबेर नगर के निवासी एवं श्री संकट मोचन बाल हनुमान मंदिर सेवा समिति के सदस्य इस मामले में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में भोजराज सिंह जादौन ने बताया कि 7 फवरी 2022 को कुबेर नगर सिविल लाइन थाने के सामने संकटमोचन बाल हनुमान मंदिर स्थित है। वहां पर अमित चौधरी, राजस्व विभाग के किसी आरआई एवं अन्य लोगों के साथ आए और वहां पर शासकीय जमीन की नपती करने लगे। जब इन लोगों ने हनुमान मंदिर और उससे लगी भूमि जो कि मंदिर के व्रत-उत्सवों, धार्मिक गतिविधियों एवं अनुष्ठानों के लिए हिन्दू समाज के लोग उपयोग करते हैं। उसकी नपती करना प्रारंभ की तो इस पर स्थानीय लोग वहां पर एकत्रित हुए। तब अमित चौधरी जो कि नजूल विभाग कलेक्टर कार्यालय में कार्यरत है ने बताया कि यह सारी जमीन मेरी और मेरे परिवार की है। इस पर उपस्थित लोगों ने कहा कि हनुमान जी का मंदिर लगभग 70 से 80 साल पुराना है। कुबेर नगर कॉलोनी को बने हुए कई वर्ष हो गए हैं और भूमि तो शासकीय है। यह जमीन किसी की निजी कैसे हो सकती है। इतना सुनकर नपती करने आए अधिकारी सहम गए और चले गए। भूमि की जानकारी प्राप्त करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त भूमि से अमित शर्मा का कुछ भी लेना देना नहीं है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मंदिर की जमीन हड़पने का प्रयास करने वाला अमित चौधरी शासकीय कर्मचारी है। काफी समय से उक्त व्यक्ति की मंदिर की जमीन पर नजर बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि आस्था व श्रद्धा का केन्द्र संकटमोचन बाल हनुमान मंदिर एवं इससे लगी हुई। उक्त मामले की जांच निष्पक्ष रूप से जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। उक्त मामले को लेकर शीघ्र ही कार्यवाही नहीं की गई तो नगर में आंदोलन, जागरण एवं सत्याग्रह किया जाएगा।
विज्ञापन
