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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Demand for MP Old Pension Scheme: Permission for demonstration in Bhopal canceled, memorandum will be submitted to DM in the names of CMs in districts

MP पुरानी पेंशन योजना की मांग: भोपाल में प्रदर्शन की अनुमति निरस्त, जिलों में CM के नाम DM को सौंपे जाएंगे ज्ञापन

Sat, 12 Mar 2022 01:42 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 12 Mar 2022 01:42 PM IST
सार

राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार के पुरानी पेंशन बहाली करने के निर्णय के बाद मध्य प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने भोपाल में रविवार को होने वाले प्रदर्शन की अनुमति निरस्त कर दी है। अब कर्मचारी संगठन सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

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Demand for MP Old Pension Scheme: Permission for demonstration in Bhopal canceled, memorandum will be submitted to DM in the names of CMs in districts
मध्य प्रदेश का वल्लभ भवन (भोपाल) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने भोपाल में रविवार को होने वाले प्रदर्शन की अनुमति निरस्त कर दी है। अब कर्मचारी संगठन सीएम के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।
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मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन की मांग को लेकर कर्मचारी संगठन एकजुट होते जा रहे हैं। पेंशन बहाली की मांग को लेकर भोपाल में अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने रविवार को कलियासोत मैदान पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन प्रदर्शन की अनुमति को शुक्रवार को प्रशासन ने निरस्त कर दिया। इस पर अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने शनिवार को एक बयान जारी कर सभी जिलों के कार्यकर्ताओं से अनुरोध किया है कि प्रदर्शन की अनुमति निरस्त हो गई है। इसलिए अब जिलों में ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्टर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को देकर विरोध जताएं।
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प्रदर्शन की अनुमति निरस्त करने संबंधी पुलिस उपायुक्त सुरक्षा की तरफ से कर्मचारी संगठन को लिखे पत्र में कहा गया कि आपके द्वारा प्रदर्शन स्थल के स्वामी एवं विभाग से अनुमति नहीं ली गई है। अलग-अलग जिलों से 20 से 25 हजार लोगों के स्वयं के वाहन, कार और बस से आने से सड़क पर जाम लगने की संभावना रहेगी। साथ ही यह भी ज्ञात हुआ है कि आयोजक कर्ता का प्रदर्शनकारियों पर पूर्ण नियंत्रण नहीं रह पाएगा। इससे शांति भंग होने की आशंका बनी रहेगी। इसलिए आयोजन की अनुमति को निरस्त किया जाता है। बता दें प्रदेश में स्कूली शिक्षा विभाग के 2.37 लाख शिक्षक, जनजाति कार्य विभाग के 52 हजार शिक्षक और अन्य संवर्ग के 57 हजार कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम के दायरे में आते हैं।
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