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Damoh: घुटनों तक भरे पानी से शव यात्रा निकालने मजबूर ग्रामीण, श्मशान घाट जाने वाले रास्ते में पड़ता है नाला
Sat, 06 Jul 2024 08:44 AM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 06 Jul 2024 08:44 AM IST
सार
एसडीएम अविनाश रावत का कहना है कि मैं जनपद सीईओ से इस बारे में बात करूंगा। ताकि श्मशान घाट तक जाने के लिए रास्ता बेहतर हो सके। स्टॉप डैम निर्माण के लिए जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा।
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पानी में से शव यात्रा लेकर जाते ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के जबेरा तहसील अंतर्गत आने वाले सिंग्रामपुर गांव में शुक्रवार को एक बुजुर्ग की मौत हो जाने पर ग्रामीणों को घुटनों तक भरे पानी से होकर शव यात्रा निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा। दरअसल, यहां श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर एक नाला है, जो बारिश शुरू होते ही सड़क को डुबो देता है। बारिश के मौसम में जब भी गांव में किसी व्यक्ति का निधन होता है तो उसके अंतिम संस्कार की शव यात्रा को गहरे पानी से होकर ले जाना पड़ता है। कई वर्ष से गांव के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं और परेशान हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि उनकी समस्या का समाधान एक पुल बनने से हो सकता है। सिग्रामपुर गांव निवासी 65 वर्षीय राजकुमार उर्फ राजू जैन का शुक्रवार को निधन हो गया। शव यात्रा निकालने की तैयारी हुई तो बारिश के कारण नाले का पानी सड़क पर आ गया, लेकिन शव यात्रा ले जाना मजबूरी थी। इसलिए ग्रामीण घुटनों तक भरे गहरे पानी से शव यात्रा लेकर श्मशान घाट पहुंचे और अंतिम संस्कार किया।
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स्थानीय निवासी रमेश राय ने बताया कि कई सालों से इस समस्या से परेशान है। श्मशान घाट जाने के लिए यही एक रास्ता है, जिसमें बारिश के समय नाले का पानी सड़क पर आ जाता है और यदि इस नाले को पार करना हो तो गहरे पानी से होकर निकलना पड़ता है। सामान्य व्यक्ति को निकलने में भी परेशानी होती है। ऐसे में शव यात्रा लेकर जाना और भी कठिन हो जाता है। इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा। यदि यहां एक पुल बन जाए तो पूरी समस्या का समाधान हो जाएगा।
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गांव के युवा अखिलेश जैन ने बताया कि जब से उन्होंने होश संभाला है, यही स्थिति देखी है। हर साल बारिश के दिनों में यदि गांव में किसी के यहां निधन हो जाता है तो उसे इसी तरह गहरे पानी से नाला पार करके निकलना पड़ता है। श्मशान घाट में भी कोई टीन शेड तक नहीं है, जहां अंतिम संस्कार पूरी सुरक्षा के साथ हो सके। उनका कहना है कि सरकार यहां पर पुल बना दे और श्मशान घाट में कुछ व्यवस्थाएं कर दे तो अंतिम संस्कार की सभी क्रियाएं सही ढंग से हो जाएंगी।
एसडीएम अविनाश रावत का कहना है कि मैं जनपद सीईओ से इस बारे में बात करूंगा। ताकि श्मशान घाट तक जाने के लिए रास्ता बेहतर हो सके। स्टॉप डैम निर्माण के लिए जो भी जरूरी कार्रवाई होगी, उसे पूरा करने की कोशिश करूंगा।
