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Damoh: पीएम आवास योजना में मकान बनाकर हितग्राही ने साढ़े चार लाख में बेचा, जांच में खुलासा, CEO ने काटे नोटिस

Thu, 12 Dec 2024 03:50 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: शबाहत हुसैन Updated Thu, 12 Dec 2024 03:50 PM IST
सार

Damoh: पीएम आवास योजना का लाभ लेकर मकान बनवाया और उसके बाद साढ़े चार लाख रुपए में सरकारी शिक्षक को बेच दिया। इस कहानी में में गजब का मोड़ आया। आइये जानते है मामला

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The beneficiary built a house under the PM Housing Scheme and sold it for Rs 4.5 lakh
पीएम आवास योजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में पीएम आवास योजना में संपन्न परिवार के लोग लाभ ले रहे हैं। जबकि जरूरतमंद आज भी योजना से वंचित हैं। ब्लॉक की बमोरी ग्राम पंचायत से ऐसा ही मामला सामने आया, जहां एक सक्षम परिवार ने पीएम आवास योजना का लाभ लेकर मकान बनवाया और उसके बाद साढ़े चार लाख रुपए में सरकारी शिक्षक को बेच दिया।   जांच में इस बात का खुलासा हुआ तो जनपद सीईओ ने नोटिस जारी किया। शिक्षक ने जवाब में लिखा उसने मकान खरीदा है जबकि हितग्राही जवाब देने से बच रहा है।

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हकीकत यह है जरूरतमंद आज भी कच्ची टपरियों में रहने मजबूर है, लेकिन सक्षम लोग इस योजना का लाभ जरूर ले रहे हैं। जबकि इसमें अधिकारियों की सबसे बड़ी लापरवाही है जो सक्षम लोगों से साठगांठ करके उन्हें इस योजना के लिए पात्र बना रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना उन गरीब लोगों के लिए चलाई जा रही योजना है, जिसके पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है और वह कच्चे मकान में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे है, लेकिन योजना शुरू हुई तो गरीब को कम और सक्षम लोगों को ज्यादा लाभ दिया गया।
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वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बमोहरी गांव में एक संपन्न लोधी परिवार को योजना के तहत आवास मिला था, लेकिन वह आवास कहां बना है यह जानकारी किसी को नहीं है। पंचायत  कर्मचारी उस आवास को हर्रई गांव में बने होने की बात कर रहे है।  बाद में उस मकान की पुष्टि हुई तो मकान में रहने वाले मालिक ने बताया की वह मकान उसका है और उसने मकान को चार लाख 52 हजार रुपया में खरीदा है।

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आकार में मकान काफ़ी बड़ा दिख रहा है और शासकीय शिक्षक अपने परिवार के साथ निवासरत है। जिसके बाद जनपद सीईओ द्वारा  काटे गये नोटिस में भी शिक्षक ने जबाब दिया है कि जिस मकान को पंचायत सचिव और रोजगार सहायक प्रधानमंत्री आवास बता रहे है वह उसने खरीदा है।

 

ऐसे हुआ मामले का खुलासा
रामदेही गांव निवासी रवि घोसी का आवास योजना में नाम आया था, लेकिन  पंचायत  सचिव ने उसका आवास निरस्त कर दिया। आरोप था की रवि घोसी के नाम ट्रैक्टर है, इसलिए उसको आपत्र किया गया है। वहीं रवि घोसी ने कहा ज़ब मेरे आवास को निरस्त किया गया है तो जिनके परिवार में जेसीबी, डंफर, ट्रैक्टर है, उनको आवास कैसे मिल गया।  रवि ने बताया आवास मिलने के बाद हितग्राही ने बनकर उसे  बेच दिया और आज उस आवास में हितग्राही की जगह शासकीय शिक्षक रह रहा है वह कैसे पात्र है।  इसकी जानकारी तेंदूखेड़ा जनपद सीईओ मनीष बागरी को दी गई।  उन्होंने जांच कराई तो वर्तमान समय में  एक शासकीय शिक्षक निवास करता मिला जिसने बताया कि मकान उसने खरीदा है।

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