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Damoh News: पहले दिन ही दुर्गावती टाइगर रिजर्व ने वापस लिया अपना आदेश, अब रात में गुजर सकेंगे भारी वाहन
Tue, 02 Apr 2024 07:46 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 02 Apr 2024 07:46 PM IST
सार
रानी दुर्गावती टाइगर पार्क प्रबंधन ने भारी वाहनों के अभयारण्य में रात के समय प्रवेश पर पाबंदी संबंधित अपना आदेश वापस ले लिया है। बस चालकों ने अपनी परेशानी बताई थी। इसके बाद नौरादेही प्रबंधन ने यह कदम उठाया।
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वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व ने अपना आदेश वापस लिया।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रानी दुर्गावती टाईगर रिजर्व के नौरादेही अभयारण्य प्रबंधन ने एक अप्रैल से सूर्यास्त के बाद मार्ग से गुजरने वाले भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। इस आदेश को पहले ही दिन वापस ले लिया गया है। इसके बाद रात में भी भारी वाहन और चार पहिया वाहन रिजर्व से गुजर सकेंगे।
जैसे ही नियम लागू होने का समय आया, उससे पहले बड़े वाहन मालिकों ने इस संबंध में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्हें बताया कि यदि बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगता है तो शासन के साथ उन्हें भी हानि पहुंच सकती है। उसके नफे-नुकसान के बारे में बताया। अधिकारियों ने बड़े वाहन मालिकों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए कुछ समय के लिए आदेश को वापस ले लिया है।
यह आदेश जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए जारी किया गया था। रात्रि के समय जंगली जानवरों का मुख्य मार्ग पर आवागमन रहता है। ऐसी स्थिति में भारी वाहन इन जानवरों को कोई नुकसान न पहुंचा दें या फिर कोई जंगली जानवर जैसे बाघ या अन्य जानवर किसी राहगीर को नुकसान न पहुंच सके इसके लिए यह नियम बनाया गया था। फिलहाल इसे टाल दिया गया है।
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कई बसों का होता है संचालन
सागर से जबलपुर और सागर से झलौन, दमोह, सर्रा, रहली मार्ग पर दर्जनों यात्री बसों का संचालन होता है। इसके बस मालिकों के पास आरटीओ से उस रुट का परमिट भी है। बस मालिकों को एक अप्रैल से लागू नए नियम की जानकारी लगी तो वह नियम लागू होने के एक दिन पूर्व नौरादेही अभयारण्य के अधिकारियों से मिले और उन्होंने बताया कि यदि मार्ग पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो दर्जनों बसों का आवागमन बंद हो जाएगा। आवागमन के बदले बस मालिक प्रतिमाह शासन को परिवहन विभाग के माध्यम से जो टैक्स अदा करते हैं वह भी बंद हो जाएगा।
पार्क नहीं, पीडब्ल्यूडी की सड़क
बस मालिकों ने यह भी बताया कि जिस मार्ग से उनकी बसों का आवागमन हो रहा है वह टाइगर रिजर्व की नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी की सड़क है। वहां पर यह नियम लागू करना उचित नहीं होगा। बस मालिकों की समस्या के बाद नोरादेही प्रबंधन ने विचार करने के बाद पहले ही दिन इस आदेश को वापस ले लिया।
ग्रामीण भी कर रहे थे विरोध
बस मालिकों के साथ तारादेही मार्ग पर बसे दर्जनों गांव के लोग भी इस आदेश का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि हम लोगों के घरों में आवागमन दिन,रात लगा रहता है। रिश्तेदार आते हैं। विवाह होते हैं। यदि ऐसी स्थिति में यह नियम लागू होगा तो हम लोग विरोध करेंगे। तेंदूखेड़ा, तारादेही, खमतरा मार्ग से सीधे महराजपुर मार्ग पर दिन-रात आवागमन होता है। नियम लागू होगा तो इस मार्ग पर रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। प्रबंधन के आदेश वापस लेने के बाद बस मालिकों के साथ उन सैकड़ों ग्रामीणों को भी राहत दी है जो एक अप्रेल से परेशान हो सकते थे।
पुराना आदेश स्थगित करने कराया लेख
टाइगर रिजर्व की सीमा में नियम लागू होने का तत्काल प्रचार प्रसार कराया जाता है। पूर्व में ज़ब 1 अप्रैल से आवागमन में प्रतिबंध लगाया जा रहा था तो उसके काफी दिन पूर्व उसका प्रचार प्रसार कराया गया था। लेख कराये गये थे, लेकिन अब वह नियम वापस ले लिया गया है तो उसका भी उसी तरह प्रसार, प्रचार कराया जा रहा है जिस तरीके से नियम लागू करने का कराया गया था। मुहली रेंजर नीरज बिसेन ने बताया कि बस मालिकों की कुछ समस्याओं को लेकर और प्रचार-प्रसार के अभाव के कारण पुराने आदेश को अभी कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है।
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जैसे ही नियम लागू होने का समय आया, उससे पहले बड़े वाहन मालिकों ने इस संबंध में वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के अधिकारियों से मुलाकात की। उन्हें बताया कि यदि बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगता है तो शासन के साथ उन्हें भी हानि पहुंच सकती है। उसके नफे-नुकसान के बारे में बताया। अधिकारियों ने बड़े वाहन मालिकों की समस्याओं का निराकरण करने के लिए कुछ समय के लिए आदेश को वापस ले लिया है।
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यह आदेश जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए जारी किया गया था। रात्रि के समय जंगली जानवरों का मुख्य मार्ग पर आवागमन रहता है। ऐसी स्थिति में भारी वाहन इन जानवरों को कोई नुकसान न पहुंचा दें या फिर कोई जंगली जानवर जैसे बाघ या अन्य जानवर किसी राहगीर को नुकसान न पहुंच सके इसके लिए यह नियम बनाया गया था। फिलहाल इसे टाल दिया गया है।
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कई बसों का होता है संचालन
सागर से जबलपुर और सागर से झलौन, दमोह, सर्रा, रहली मार्ग पर दर्जनों यात्री बसों का संचालन होता है। इसके बस मालिकों के पास आरटीओ से उस रुट का परमिट भी है। बस मालिकों को एक अप्रैल से लागू नए नियम की जानकारी लगी तो वह नियम लागू होने के एक दिन पूर्व नौरादेही अभयारण्य के अधिकारियों से मिले और उन्होंने बताया कि यदि मार्ग पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो दर्जनों बसों का आवागमन बंद हो जाएगा। आवागमन के बदले बस मालिक प्रतिमाह शासन को परिवहन विभाग के माध्यम से जो टैक्स अदा करते हैं वह भी बंद हो जाएगा।
पार्क नहीं, पीडब्ल्यूडी की सड़क
बस मालिकों ने यह भी बताया कि जिस मार्ग से उनकी बसों का आवागमन हो रहा है वह टाइगर रिजर्व की नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी की सड़क है। वहां पर यह नियम लागू करना उचित नहीं होगा। बस मालिकों की समस्या के बाद नोरादेही प्रबंधन ने विचार करने के बाद पहले ही दिन इस आदेश को वापस ले लिया।
ग्रामीण भी कर रहे थे विरोध
बस मालिकों के साथ तारादेही मार्ग पर बसे दर्जनों गांव के लोग भी इस आदेश का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि हम लोगों के घरों में आवागमन दिन,रात लगा रहता है। रिश्तेदार आते हैं। विवाह होते हैं। यदि ऐसी स्थिति में यह नियम लागू होगा तो हम लोग विरोध करेंगे। तेंदूखेड़ा, तारादेही, खमतरा मार्ग से सीधे महराजपुर मार्ग पर दिन-रात आवागमन होता है। नियम लागू होगा तो इस मार्ग पर रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। प्रबंधन के आदेश वापस लेने के बाद बस मालिकों के साथ उन सैकड़ों ग्रामीणों को भी राहत दी है जो एक अप्रेल से परेशान हो सकते थे।
पुराना आदेश स्थगित करने कराया लेख
टाइगर रिजर्व की सीमा में नियम लागू होने का तत्काल प्रचार प्रसार कराया जाता है। पूर्व में ज़ब 1 अप्रैल से आवागमन में प्रतिबंध लगाया जा रहा था तो उसके काफी दिन पूर्व उसका प्रचार प्रसार कराया गया था। लेख कराये गये थे, लेकिन अब वह नियम वापस ले लिया गया है तो उसका भी उसी तरह प्रसार, प्रचार कराया जा रहा है जिस तरीके से नियम लागू करने का कराया गया था। मुहली रेंजर नीरज बिसेन ने बताया कि बस मालिकों की कुछ समस्याओं को लेकर और प्रचार-प्रसार के अभाव के कारण पुराने आदेश को अभी कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है।
