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Damoh News: नेशनल हाईवे को मंजूरी, पहले फेज में दमोह से जबेरा तक बनेगी 45 किमी लंबी सड़क, टेंडर प्रक्रिया पूरी
Sat, 10 May 2025 07:44 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 07:44 PM IST
सार
सड़क निर्माण से दमोह से जबेरा की यात्रा में समय की बचत होगी और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण के दौरान कई बाईपास भी प्रस्तावित हैं। हाईवे का निर्माण तीन चरणों में होगा। दमोह से जबेरा, सिंग्रामपुर से कटंगी, और कटंगी से जबलपुर।
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दमोह जबलपुर मार्ग।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह से जबलपुर के बीच 110 किमी लंबे नेशनल हाईवे का निर्माण जल्द ही शुरू होने वाला है। NHAI ने पहले फेज में दमोह से जबेरा तक 42 किमी लंबे सड़क खंड के निर्माण के लिए पहला टेंडर जारी कर दिया है, जो इसी महीने मई में खुलेगा। लोगों को जल्द ही जबलपुर तक पहुंचने में सुविधा हो जाएगी, जिसके लिए लोग काफी समय से इंतजार कर रहे थे। 335 करोड़ की लागत से बनने वाली इस सड़क को दो साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। यह सड़क बनने पर दमोह के रहवासियों को जबेरा तक सफर करने में महज 40 मिनट का समय लगेगा, जबकि अभी सड़क जर्जर होने की वजह से सफर करने में वाहन चालकों को 1 से 1.25 घंटे का समय लगता है। निर्माण के दौरान अभाना और नोहटा क्षेत्र में बाईपास भी प्रस्तावित है, ताकि यातायात सुगम और बाधा रहित बना रहे। इस मार्ग में छह बाईपास बनाने की बात भी कही जा रही है, लेकिन यह तभी तय होगा जब सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा।
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प्रोजेक्ट का पहला पड़ाव पास
NHAI के महाप्रबंधक अमृत लाल साहू ने बताया दमोह से जबलपुर के बीच हाईवे तीन चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में दमोह से जबेरा तक की सड़क बनेगी। इसके बाद दूसरा चरण सिंग्रामपुर से कटंगी और तीसरा चरण कटंगी से जबलपुर तक होगा। दिल्ली से पहले पहले फेस की स्वीकृति मिल गई है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया चालू हो गई है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के निर्माण से पहले एनएचएआई को वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स से सर्वे कराना होगा, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरता है। सिंग्रामपुर से कटंगी के बीच में कई जगह वन विभाग का हिस्सा आ गया है। ऐसे में विभाग से अनुमति मांगी गई है। इस हिस्से में सड़क बनेगी या ओवरब्रिज यह फैसला सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा। जब तक वन विभाग की अनुमति नहीं मिलती, तब तक बाकी दोनों चरणों का कार्य आरंभ नहीं हो सकेगा। पहले चरण की डिजाइन और ड्राइंग कंपलीट होने के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया चालू कर दी गई है। इससे पहले टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण एनएचएआई ने सड़क के गड्ढे भरवाकर मरम्मत कराई थी।
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बता दें दमोह-जबलपुर की दूरी 110 किमी है और यह मार्ग 2022 से स्वीकृत है। उस समय दमोह से तत्कालीन सांसद प्रहलाद पटेल थे उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मार्ग को स्वीकृत कराया था। नेशनल हाइवे 2024 अगस्त में एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया गया और अब दमोह से जबेरा के बीच 42 किमी सड़क बनाने का पहला टेंडर जारी होने वाला है।
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प्रोजेक्ट का पहला पड़ाव पास
NHAI के महाप्रबंधक अमृत लाल साहू ने बताया दमोह से जबलपुर के बीच हाईवे तीन चरणों में बनाया जाएगा। पहले चरण में दमोह से जबेरा तक की सड़क बनेगी। इसके बाद दूसरा चरण सिंग्रामपुर से कटंगी और तीसरा चरण कटंगी से जबलपुर तक होगा। दिल्ली से पहले पहले फेस की स्वीकृति मिल गई है। जिसकी टेंडर प्रक्रिया चालू हो गई है। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण के निर्माण से पहले एनएचएआई को वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स से सर्वे कराना होगा, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के बीच से गुजरता है। सिंग्रामपुर से कटंगी के बीच में कई जगह वन विभाग का हिस्सा आ गया है। ऐसे में विभाग से अनुमति मांगी गई है। इस हिस्से में सड़क बनेगी या ओवरब्रिज यह फैसला सर्वे रिपोर्ट के आधार पर होगा। जब तक वन विभाग की अनुमति नहीं मिलती, तब तक बाकी दोनों चरणों का कार्य आरंभ नहीं हो सकेगा। पहले चरण की डिजाइन और ड्राइंग कंपलीट होने के बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया चालू कर दी गई है। इससे पहले टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण एनएचएआई ने सड़क के गड्ढे भरवाकर मरम्मत कराई थी।
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बता दें दमोह-जबलपुर की दूरी 110 किमी है और यह मार्ग 2022 से स्वीकृत है। उस समय दमोह से तत्कालीन सांसद प्रहलाद पटेल थे उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से इस मार्ग को स्वीकृत कराया था। नेशनल हाइवे 2024 अगस्त में एनएचएआई को हैंडओवर कर दिया गया और अब दमोह से जबेरा के बीच 42 किमी सड़क बनाने का पहला टेंडर जारी होने वाला है।
