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MP Election 2023: जबेरा से फिर प्रताप सिंह, पथरिया और हटा से निर्दलीय चुनाव हार चुके प्रत्याशियों को मिला टिकट
Sun, 15 Oct 2023 04:08 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sun, 15 Oct 2023 04:08 PM IST
सार
MP Election 2023: लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने अपने 144 विधानसभा प्रत्याशियों की सूची रविवार सुबह जारी कर दी है। इसमें दमोह जिले की तीन विधानसभा क्षेत्र भी शामिल हैं। वहीं, दमोह विधानसभा सीट को अभी होल्ड रखा गया है।
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दमोह की तीन विधानसभा सीट में प्रत्याशी घोषित
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह में पथरिया से जिला पंचायत सदस्य राव बृजेंद्र सिंह, हटा से प्रदीप खटीक और जबेरा से पूर्व विधायक प्रताप सिंह को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया है। इन तीनों ही प्रत्याशियों में प्रताप सिंह तीसरी बार कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, साल 2019 में वह प्रहलाद पटेल के सामने दमोह लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जहां उन्हें भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा था।
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कांग्रेस ने पथरिया विधानसभा से जिला पंचायत सदस्य राव ब्रजेंद्र सिंह पर अपना दांव लगाया है। बता दें, साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भी राव बृजेंद्र सिंह ने टिकट की दावेदारी की थी। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला था और कांग्रेस का टिकट गौरव पटेल को दिया गया था, जिससे राव बृजेंद्र सिंह ने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और काफी अधिक वोट उन्होंने खींच लिए।
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नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पटेल की बहुत बड़ी हार हो गई और बीएसपी प्रत्यासी रामबाई सिंह परिहार यहां से विधायक चुनी गई थीं। भाजपा प्रत्याशी लखन पटेल के सामने पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमरिया निर्दलीय खड़े हो गए थे, जिससे भाजपा के काफी वोट उन्हें मिल गए और कुसमरिया के साथ ही लखन पटेल भी चुनाव हार गए थे।
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वहीं, कुछ दिन पहले कांग्रेस के सभी दावेदारों ने मंदिर में जाकर गंगा की कसम खाई थी कि टिकट किसी को भी मिले, वह मिलकर कांग्रेस का विधायक बनाएंगे। अब कांग्रेस का टिकट घोषित हो गया है तो देखने लायक होगा कि नेता अपनी कसम पर कब तक कायम रहते हैं। इसी तरह हटा से प्रदीप खटीक भी साल 2018 में कांग्रेस का टिकट न मिलने पर विधानसभा चुनाव निर्दलीय लड़ चुके हैं और यह चुनाव वह हार गए थे। कांग्रेस ने इस बार हटा विधानसभा से उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है।
बता दें, इसके पहले दो चुनाव में हरिशंकर चौधरी को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी बनाया था और दोनों ही बार वह चुनाव हार गए, जिस समय 2020 में कांग्रेस के विधायक भाजपा में गए, उसके बाद हरिशंकर चौधरी ने भी भाजपा की सदस्यता ले ली थी और हटा में कांग्रेस का कोई बड़ा नेता नहीं था, जिसके बाद प्रदीप खटीक को टिकट दिया गया है। हालांकि, अभी यहां से भाजपा की टिकट घोषित नहीं की गई है।
10 साल में लड़े तीन चुनाव
जबेरा विधानसभा से कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है। प्रताप सिंह साल 2013 में पहली बार विधायक बने थे और तब से लेकर अब तक वह तीन चुनाव लड़ चुके हैं और चौथा चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। साल 2013 में प्रताप सिंह ने भाजपा प्रत्याशी दशरथ सिंह को करीब 11,000 मतों से हराया था।
वहीं, साल 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी धर्मेंद्र सिंह ने प्रताप सिंह को 3,500 मतों से हरा दिया था। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रताप सिंह को दमोह लोकसभा का कांग्रेस प्रत्याशी बनाया गया था। भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद पटेल ने उन्हें करीब तीन लाख वोटों से हरा दिया था। अब एक बार फिर कांग्रेस ने प्रताप सिंह पर भरोसा जताया है।
दमोह विधानसभा सीट होल्ड
जिले की चार विधानसभा सीटों में तीन पर कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। वहीं, दमोह विधानसभा सीट को होल्ड रखा गया है। यहां वर्तमान विधायक अजय टंडन रेस में सबसे आगे हैं, लेकिन इसके अलावा पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनु मिश्रा भी दावेदारी कर रहे हैं, जिससे दमोह विधानसभा की टिकट को अभी रोक दिया गया है।
