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Damoh Mission Hospital: एंबुलेंस ड्राइवर ने जहर खाया, कहा- प्रबंधक ने शराब की पेटी देने को कहा, मना किया तो..

Wed, 23 Apr 2025 05:21 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Wed, 23 Apr 2025 05:21 PM IST
सार

कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मिशन अस्पताल के कर्मचारी ने जहर खा लिया है। पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची है। पीड़ित का इलाज चल रहा है, मामले की जांच की जाएगी।

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Mission Hospital's ambulance driver consumed poison
जिला अस्पताल में चल रहा एंबुलेंस चालक का इलाज।

विस्तार

दमोह के मिशन अस्पताल में एंबुलेंस चलाने वाले ड्राइवर नसीम मंसूरी ने बुधवार दोपहर जहर खा लिया। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। ड्राइवर ने आरोप लगाया कि मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे ने उससे शराब की पेटी लेकर पूर्व प्रबंधक संजीव लैंबर्ट के पास भेजने के लिए कहा था। मना कर पर पुष्पा खरे ने धमकी दी कि एंबुलेंस चोरी के मामले में तेरे ऊपर केस दर्ज करवा दूंगी।

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नसीम ने बताया कि वह मंगलवार को इस मामले की शिकायत करने कोतवाली गया था, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। इससे परेशान हो कर उसने बुधवार को जहर खा लिया। नसीम मंसूरी ने बताया कि मंगलवार को पुष्पा खरे ने उसे बुलाया और कहा कि दिलीप खरे, क्षितिज और मेरा आदेश है कि तुम संजीव लैंबर्ट के यहां एक शराब की पेटी लेकर जाओ। जब उसने ऐसा करने से मना किया तो उसे झूठा केस दर्ज कराने की धमकी दी गई। उसने कहा कि प्रबंधन से जुड़े ये सभी लोग उसे दो साल से प्रताड़ित कर रहे हैं। उसे इस तरह के काम करने के लिए मजबूर करते हैं। नसीम ने यह भी कहा कि डॉ. अजय लाल को भी ये लोग मिलकर फंसा रहे हैं, जबकि वह बहुत अच्छे इंसान हैं।  
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मामले में मिशन अस्पताल के लीगल एडवाइजर अधिवक्ता धर्मेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली थी कि नसीम मंसूरी सरस्वती स्कूल के पास बेहोशी की हालत में पड़ा है। कुछ देर बाद पता चला कि उसे जिला अस्पताल पहुंचा दिया गया है, इसके बाद वे भी अस्पताल पहुंचे। धमेंद्र ने कहा कि मुझे मामले की पूरी जानकारी नहीं है। कुछ अन्य लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, नसीम मंसूरी को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। उसने वेतन की मांग की तो प्रबंधक द्वारा उसे धमकाया गया, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।

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बता दें कि जिस संजीव लैंबर्ट का जिक्र किया जा रहा है, वह पूर्व में मिशन अस्पताल के प्रबंधक के रूप में कार्यरत था और बाद में मिशन अस्पताल की प्रबंध समिति में भी शामिल रहा। फर्जी डॉक्टर और मिशन अस्पताल में हुई मौतों के मामलों में जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है, उनमें एक आरोपी संजीव लैंबर्ट भी है। वर्तमान में मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित होने के कारण वह बंद है। कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि मिशन अस्पताल के कर्मचारी ने जहर खा लिया है। पुलिस टीम जिला अस्पताल पहुंची है। पीड़ित का इलाज चल रहा है, मामले की जांच की जाएगी।
 

पीड़ित का जिला अस्पताल में चल रहा इलाज

 

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