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Damoh: एंबुलेंस नहीं मिला तो ऑटो रिक्शा में ऑक्सीजन लगाकर मां को लेकर अस्पताल पहुंचा बेटा, लगाया ये आरोप

Fri, 01 Mar 2024 12:29 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 01 Mar 2024 12:29 PM IST
सार

108 एंबुलेंस नहीं मिला तो ऑटो रिक्शा में ऑक्सीजन लगाकर बेटा मां को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। समय पर एंबुलेंस न मिलने का आरोप भी लगाया।

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Damoh When ambulance was not found son took his mother to hospital with oxygen in auto rickshaw
अस्पताल में मां और बेटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार के द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं लोगों को मुहैया करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और निकल कर सामने आती है। गुरुवार रात दमोह में इसी प्रकार का मामला सामने आया, जब एक महिला को हिंडोरिया स्वास्थ्य केन्द्र में 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली तो उसका बेटा ऑटो रिक्शा में ऑक्सीजन लगाकर मां को इलाज के लिए दमोह जिला अस्पताल लेकर पहुंचा और आरोप लगाया कि करीब पांच घंटे तक उसे 108 वाहन उपलब्ध नहीं हुआ। तब मां की सेहत बिगड़ते देख आटो में ही ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर जिला अस्पताल पहुंचा।

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अस्पताल पहुंचे बाबू सिंह ठाकुर ने बताया कि उसकी मां भगवती ठाकुर को सीने में दर्द होने पर गुरुवार रात करीब आठ बजे हिंडोरिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचा था। जहां से मां की तबीयत अधिक खराब होने पर जिला अस्पताल ले जाने की बात कही गई थी। उसने 108 एंबुलेंस के लिए कॉल सेंटर पर फोन लगाया, लेकिन उसे बताया गया कि अभी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और कुछ देर तक वाहन उपलब्ध नहीं हो पाएगा। मां की सेहत लगातार ही बिगड़ती जा रही थी, इसके बाद उसने एक सवारी ऑटो को किराए पर लिया और एक ऑक्सीजन सिलेंडर उस ऑटो में रखा और मां को ऑक्सीजन लगाकर रात करीब 1 बजे जिला अस्पताल पहुंचा।
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ऑटो चालक माधव सिंह ठाकुर ने बताया कि वह एक महिला मरीज को अपने ऑटो से जिला अस्पताल लेकर पहुंचा है। क्योंकि उसे 108 वाहन की सुविधा नहीं मिली थी। उनका बेटा ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर अपनी मां को अस्पताल तक लाया था। लेकिन जिला अस्पताल में भी हद दर्ज की लापरवाही सामने आई। जब अस्पताल के गेट पर कोई वार्ड बॉय मौजूद नहीं था और बेटा हाथों में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर अपनी मां को अस्पताल के अंदर दाखिल हुआ और उसके बाद मां का इलाज शुरू किया गया।
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जब लापरवाही और आरोपों के संबंध में दमोह सीएमएचओ सरोजिनी जेम्स बैक को अवगत कराया गया तो उन्होंने कहा कि वह हिंडोरिया बीएमओ से बात करती हैं कि आखिर 108 वाहन क्यों नहीं मिला और जिला अस्पताल में उस समय वार्ड बॉय क्यों मौजूद नहीं थे, इसकी भी वह जानकारी लेगी।

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