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Damoh News: पर्यटकों के लिए खुल गया वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व, दो गेटों से दिया जायेगा प्रवेश
Tue, 01 Oct 2024 03:40 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 01 Oct 2024 03:40 PM IST
सार
Damoh: वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भी मंगलवार एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुल गया है। तीन महीने बाद टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों को देखने पहुंचे सैलानियों का उत्साह भी देखते बन रहा है। इस वर्ष दो गेट से पर्यटकों को एंट्री दी जा रही है।
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टाइगर रिजर्व में घूमता बाघ
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
दमोह जिले की सीमा में फैला वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व भी मंगलवार एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए खुल गया है। इसके साथ ही प्रदेश के अन्य अन्य पार्क और अभ्यारण भी खुल गए हैं। तीन महीने बाद टाइगर रिजर्व में जंगली जानवरों को देखने पहुंचे सैलानियों का उत्साह भी देखते बन रहा है। इस वर्ष दो गेट से पर्यटकों को एंट्री दी जा रही है। बता दें तेंदूखेड़ा ब्लॉक का आधा हिस्सा इसी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है, इसके चलते बाघ आए दिन लोगों को सड़क पार करते भी दिखाई दिए थे।
आपको बता दें कि वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व नोरादेही अभ्यारण और वीरांगना रानीदुर्गावती अभ्यारण से मिलकर बना है। इसका आधा हिस्सा व्यारमा नदी के उस पार है और आधा इस पार जो दमोह जिले की सीमा से लगा हुआ है। टाइगर रिजर्व की स्थापना बीस सितंबर 2023 में हुई थी और एक वर्ष इस टाइगर रिजर्व के लिए पूरा एक साल हो गया है। वर्तमान में यहां करीब 18 बाघ हैं जो सैलानियों को देखने मिलेंगे।
दो गेट से दी जा रही एंट्री
वीरांगना दुर्गावती टाईगर रिजर्व में पर्यटन वर्ष 2024-25 अंतर्गत एक अक्टूबर से पर्यटन को चालू किया गया है। टाईगर रिजर्व में 02 प्रवेश गेट है। हिनौती एंट्री गेट रहली एवं बीना एन्ट्री गेट देवरी से पर्यटकों को टाईगर रिजर्व में भ्रमण के लिए प्रवेश दिया जायेगा। टाईगर रिजर्व में पर्यटकों को भ्रमण के लिए प्रवेश का समय सुबह 6 बजे एवं वापसी का समय 11 बजे तक है। शाम को टाईगर रिजर्व में प्रवेश का समय 3 बजे से और वापसी का समय 6 बजे रहेगा। पर्यटकों को पार्क में प्रवेश के लिए प्रति पर्यटक प्रवेश शुल्क 125 रूपए + 18 प्रतिशत जीएसटी सहित, गाइड शुल्क 480 रूपए एवं पर्यटक जिप्सी शुल्क 2000 रूपए होगी।
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इन जानवरों की है मौजूदगी
मध्य प्रदेश के रानीदुर्गावती टाइगर रिजर्व में कई तरह के जानवर पाए जाते हैं। जिनमें मांसाहारी जानवर बाघ, तेंदुआ, भेड़िया, जंगली कुत्ता, सियार, ग्रे फ्रॉक्स , धारीदार लकड़बग्घा, मगरमच्छ शामिल है। इसी तरह शाकाहारी जानवर सांभर, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, चार सींग वाला मृग (चौसिंघा), कृष्णमृग, ग्रे लंगूर, रीसस मकाक मॉनिटर छिपकली, मीठे पानी का कछुआ, स्थलीय कछुआ, मीठे पानी का मगरमच्छ और पक्षियों में सारस, इग्रेट, लैपविंग, गिद्ध, चील, उल्लू, किंगफ़िशर, ईगल, पैट्रिज, बटेर, कबूतर जैसे पक्षी निवास करते है।
नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में भारतीय भेड़िया को प्रमुख प्रजाति माना जाता है, लेकिन अब यह अभ्यारण वीरांगना रानीदुर्गाबती टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता है। एक अक्टूबर को वीरांगना रानी दुर्गवाती टाइगर रिजर्व में पहले दिन सैर करने सागर जिले से कुछ युवा और उनके साथ बच्चे मुहली पहुंचे। जहां रेंजर नीरज बिशेन ने उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया। उसके बाद सभी जिपसी की मदद से टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर निकले।
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आपको बता दें कि वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व नोरादेही अभ्यारण और वीरांगना रानीदुर्गावती अभ्यारण से मिलकर बना है। इसका आधा हिस्सा व्यारमा नदी के उस पार है और आधा इस पार जो दमोह जिले की सीमा से लगा हुआ है। टाइगर रिजर्व की स्थापना बीस सितंबर 2023 में हुई थी और एक वर्ष इस टाइगर रिजर्व के लिए पूरा एक साल हो गया है। वर्तमान में यहां करीब 18 बाघ हैं जो सैलानियों को देखने मिलेंगे।
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दो गेट से दी जा रही एंट्री
वीरांगना दुर्गावती टाईगर रिजर्व में पर्यटन वर्ष 2024-25 अंतर्गत एक अक्टूबर से पर्यटन को चालू किया गया है। टाईगर रिजर्व में 02 प्रवेश गेट है। हिनौती एंट्री गेट रहली एवं बीना एन्ट्री गेट देवरी से पर्यटकों को टाईगर रिजर्व में भ्रमण के लिए प्रवेश दिया जायेगा। टाईगर रिजर्व में पर्यटकों को भ्रमण के लिए प्रवेश का समय सुबह 6 बजे एवं वापसी का समय 11 बजे तक है। शाम को टाईगर रिजर्व में प्रवेश का समय 3 बजे से और वापसी का समय 6 बजे रहेगा। पर्यटकों को पार्क में प्रवेश के लिए प्रति पर्यटक प्रवेश शुल्क 125 रूपए + 18 प्रतिशत जीएसटी सहित, गाइड शुल्क 480 रूपए एवं पर्यटक जिप्सी शुल्क 2000 रूपए होगी।
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इन जानवरों की है मौजूदगी
मध्य प्रदेश के रानीदुर्गावती टाइगर रिजर्व में कई तरह के जानवर पाए जाते हैं। जिनमें मांसाहारी जानवर बाघ, तेंदुआ, भेड़िया, जंगली कुत्ता, सियार, ग्रे फ्रॉक्स , धारीदार लकड़बग्घा, मगरमच्छ शामिल है। इसी तरह शाकाहारी जानवर सांभर, चीतल, नीलगाय, चिंकारा, चार सींग वाला मृग (चौसिंघा), कृष्णमृग, ग्रे लंगूर, रीसस मकाक मॉनिटर छिपकली, मीठे पानी का कछुआ, स्थलीय कछुआ, मीठे पानी का मगरमच्छ और पक्षियों में सारस, इग्रेट, लैपविंग, गिद्ध, चील, उल्लू, किंगफ़िशर, ईगल, पैट्रिज, बटेर, कबूतर जैसे पक्षी निवास करते है।
नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य में भारतीय भेड़िया को प्रमुख प्रजाति माना जाता है, लेकिन अब यह अभ्यारण वीरांगना रानीदुर्गाबती टाइगर रिजर्व के नाम से जाना जाता है। एक अक्टूबर को वीरांगना रानी दुर्गवाती टाइगर रिजर्व में पहले दिन सैर करने सागर जिले से कुछ युवा और उनके साथ बच्चे मुहली पहुंचे। जहां रेंजर नीरज बिशेन ने उनका फूल माला पहनाकर स्वागत किया। उसके बाद सभी जिपसी की मदद से टाइगर रिजर्व के भ्रमण पर निकले।
