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MP News: बिना जानकारी विदेशी जीवों को पालना अब अपराध, 31 अगस्त तक कराएं पंजीयन, जानें क्या है तरीका
Tue, 20 Aug 2024 05:38 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2024 05:38 PM IST
सार
अब विदेशी पशु-पक्षियों को पालने वाले लोगों को 31 अगस्त तक वन विभाग के परिवेश पोर्टल पर उनके पंजीकरण की जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर वन विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। यह कदम वन्य जीवों की सुरक्षा और निगरानी के उद्देश्य से उठाया गया है। पंजीकरण के बिना विदेशी जीवों और पक्षियों को पालना अब अपराध माना जाएगा।
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घर पर रखने से पहले विदेशी जीवों की देनी होगी जानकारी।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विदेशी पशु-पक्षी को पालने वाले लोगों को अब वन विभाग के पोर्टल पर जीवों की जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है। वन विभाग के परिवेश एप में ये नई जानकारी अपलोड करनी होगी।
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बता दें जंगली जीव-जंतु और पक्षी वन विभाग की धरोहर हैं। उनकी देखरेख और रखवाली करना वन विभाग की जिम्मेदारी है। चाहे वह भारत में जन्मी नस्ल हो या विदेश से आये प्रवासी पक्षी या जीव-जंतु, जिनको कोई भी आम आदमी पाल लेता है। अब प्रवासी पक्षियों और जीव जंतुओं की जानकारी देना अनिवार्य होगा। 31 अगस्त तक ऐसे लोगों को पोर्टल पर यह जानकारी अपलोड करना जरूरी हो गया है। केंद्र और राज्य सरकार ने इनकी जानकारी रखने के लिए परिवेश पोर्टल शुरू किया है।
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पक्षी हो या जानवर पंजीयन जरूरी
परिवेश पोर्टल पर उन सभी लोगों को अपने घर पर पालने वाले विदेशी पक्षी और जानवरों की जानकारी दर्ज करनी होगी। 31 अगस्त तक यह पोर्टल चालू रहेगा। जिन विदेशी पक्षी को लोग ज्यादा पालते हैं, उनमें इगुआना, लव बर्ड, अफ्रीकी तोते, मार्मोसेट्स जैसे पालतू विदेशी जानवर शामिल हैं। इस पोर्टल के माध्यम से शासन पता कर सकता है कि जिस पक्षी या जानवर को अपने घर रखे हैं वह कौन सा जानवर है। उसकी प्रजाति कौन सी है और उसकी स्तिथि क्या है। इसकी जानकारी शासन पोर्टल के माध्यम से ले सकती है और अधिकारी भी उसकी ऑनलाइल पोर्टल के माध्यम समीक्षा कर सकते हैं।
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यह है परिवेश पोर्टल
यह एक भूमिका-आधारित और वेब-आधारित अनुप्रयोग है। इसे वनों, पर्यावरण और वन्य जीवन से संबंधित प्रस्तावों की निगरानी और ऑनलाइन प्रस्तुत करने के लिए शुरू किया गया था। इस पोर्टल के माध्यम से सरकार उन प्रस्तावों पर नज़र रखती है, जिनमें ऑनलाइन प्रस्तुति शामिल है। यह केंद्र, राज्य और जिला स्तरों के लिए एकल खिड़की प्रणाली है। यह जिम्मेदारी से व्यवसाय करने का अवसर बढ़ाता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति किसी जीव, जंतु का पालनकर्ता है तो उसको इसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करनी होगी।
पंजीयन के बिना रखना अपराध
डीएफओ एमएस उईके ने बताया विदेशी पक्षियों या जानवरों का कोई व्यक्ति पालन करना चाहता है या कर रहा है तो उसको इसकी जानकारी 31 अगस्त तक परिवेश पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। यदि जानकारी छिपाकर कोई जानवर और पक्षी का पालन पोषण करता मिलता है तो उस पर अब वन विभाग कार्रवाई करेगा। विदेशी पक्षियों और जीव जंतुओं को पंजीयन के बिना रखना अपराध की श्रेणी में कहलाएगा।
