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Damoh: जिस नंबर से दर्ज कराई सीएम हेल्पलाइन में शिकायत, उसे कर्जदार छुड़ा ले गए, पंचायतकर्मी तलाश रहे मोबाइल
Thu, 07 Nov 2024 04:12 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Thu, 07 Nov 2024 04:12 PM IST
सार
शिकायतकर्ता ने जिस नंबर से शिकायत की उसका वह मोबाइल कर्जदार छुड़ा ले गए। अब समस्या का निराकरण हो गया है, लेकिन उस मोबाइल नंबर पर बात नहीं हो रही जिससे शिकायत बंद नहीं हो रही है। इस कारण पंचायतकर्मी भी परेशान हैं।
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तेंदूखेड़ा जनपद कार्यालय
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बिलतरा में सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने का एक अनोखा मामला सामने आया है। इसमें शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन जिस नंबर से शिकायत की उसका वह मोबाइल कर्जदार छुड़ा ले गए। अब समस्या का निराकरण हो गया है, लेकिन उस मोबाइल नंबर पर बात नहीं हो रही जिससे शिकायत बंद नहीं हो रही है। इस कारण पंचायतकर्मी भी परेशान है और वह उस शिकायतकर्ता और मोबाइल नंबर को ढूंढ रहे हैं। क्योंकि जब तक सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करता अपनी शिकायत बंद नहीं कराएगा। तब तक शिकायत इसी तरह अधिकारियों के पास पहुंचती रहेगी। अब यह अनोखा मामला सामने आने के बाद अधिकारी भी हैरान है की शिकायत का निराकरण किस तरह से किया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन योजना का उदेश्य था। आम लोगों की परेशानियों का निराकरण करवाने के साथ जो पीड़ित है उनको न्याय मिले, लेकिन बर्तमान में 70 प्रतिशत लोगों ने इस योजना को अपना व्यवसाय बना लिया है। शासन ने अब इस योजना में एक और सुविधा जोड़ दी है। जिसकी समस्या का निराकरण हुआ है उसके नंबर पर एक ओटीपी जाएगी जिसे बताने पर अधिकारी उसका निराकरण डालेगा। उसके बाद आवेदक फोन लगाकर अपनी शिकायत के निराकरण की जानकारी देगा फिर शिकायत बंद होगी।
कर्जदार ले गए मोबाइल
तेंदूखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत बिलतरा में रहने वाले शिवचरण यादव ने कहा कि साफ सफाई का अभाव है। नालियां बनाई गई हैं, लेकिन एक वर्ष से उनकी साफ सफाई नहीं हुई है। सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। पंचायत में प्रस्ताव भी रखा गया था कि नाली का निर्माण उन जगहों पर किया जाएगा, लेकिन अनदेखा कर दिया गया। इसके साथ ही एक और शिकायत उसी नंबर से दर्ज है वह भी सार्वजनिक है।
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पंचायत उस समस्या का निराकरण भी करने तैयार हो गई, लेकिन अब उस शिकायतकर्ता के पास वह फोन और नंबर ही नहीं बचा जिससे वह अधिकारियों को ये बता सके कि उसकी शिकायत का निराकरण हो चुका है। शिवचरण यादव ने कुछ लोगों से कर्ज लिया था। कर्जदार बार बार पैसे मांग रहे थे, लेकिन शिकायतकर्ता हमेशा उनको गुमराह कर रहा था। इसलिए वह उसका मोबाइल ही छीन कर ले गये। अब न पंचायत कर्मियों को शिकायतकर्ता मिल रहा है न वह कर्जदार जो शिकायतकर्ता का फोन ले गए हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत कैसे बंद होगी यह सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
टंकी बाले ले गये फोन
गांव के लोग बता रहे हैं शिकायत कर्ता ने चार माह की उधारी में प्लास्टिक की चार टंकी ली थी। बाद में चारो टंकी बेच दी और वह लोग वसूली करने गांव आए तो पैसे न देने पड़े इसलिए छुपने लगा। एक दिन टंकी विक्रेता को शिकायतकर्ता मिल गया। उसके पास पैसे नहीं थे कर्जदार उसका फोन ही छीन कर ले गए। अब फोन में घंटी तो जा रही है मगर कोई उठा नहीं रहा। पहले तो कर्जदार शिकायतकर्ता को खोज रहे थे, लेकिन अब पंचायत कर्मी उस व्यक्ति और फोन को खोज रहे हैं जिससे शिकायत हुई है और अब दोनों लापता हो गए हैं।
इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन के नोडल अधिकारी चक्रेश पटेल का कहना है यदि शिकायत का निराकरण हो गया है तो पंचायत सचिव शिकायत को बंद करा सकता है। वह इस बात की जानकारी लिखित में दे दे कि मोबाइल गुम गया है और शिकायत का निराकरण हो चुका है तो यह शिकायत बंद हो जाएगी। बिलतरा पंचायत सचिव गोकुल जैन ने बताया कि गुरुवार तक शिकायतकर्ता नहीं मिला। उसकी जानकारी लेने पर पता चला है की उसने उधारी मे टंकी ली थी जिसकी उधारी नहीं देने पर कर्जदार मोबाइल छीन ले गया है।
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पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन योजना का उदेश्य था। आम लोगों की परेशानियों का निराकरण करवाने के साथ जो पीड़ित है उनको न्याय मिले, लेकिन बर्तमान में 70 प्रतिशत लोगों ने इस योजना को अपना व्यवसाय बना लिया है। शासन ने अब इस योजना में एक और सुविधा जोड़ दी है। जिसकी समस्या का निराकरण हुआ है उसके नंबर पर एक ओटीपी जाएगी जिसे बताने पर अधिकारी उसका निराकरण डालेगा। उसके बाद आवेदक फोन लगाकर अपनी शिकायत के निराकरण की जानकारी देगा फिर शिकायत बंद होगी।
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कर्जदार ले गए मोबाइल
तेंदूखेड़ा जनपद की ग्राम पंचायत बिलतरा में रहने वाले शिवचरण यादव ने कहा कि साफ सफाई का अभाव है। नालियां बनाई गई हैं, लेकिन एक वर्ष से उनकी साफ सफाई नहीं हुई है। सड़कों पर गंदगी फैली हुई है। पंचायत में प्रस्ताव भी रखा गया था कि नाली का निर्माण उन जगहों पर किया जाएगा, लेकिन अनदेखा कर दिया गया। इसके साथ ही एक और शिकायत उसी नंबर से दर्ज है वह भी सार्वजनिक है।
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पंचायत उस समस्या का निराकरण भी करने तैयार हो गई, लेकिन अब उस शिकायतकर्ता के पास वह फोन और नंबर ही नहीं बचा जिससे वह अधिकारियों को ये बता सके कि उसकी शिकायत का निराकरण हो चुका है। शिवचरण यादव ने कुछ लोगों से कर्ज लिया था। कर्जदार बार बार पैसे मांग रहे थे, लेकिन शिकायतकर्ता हमेशा उनको गुमराह कर रहा था। इसलिए वह उसका मोबाइल ही छीन कर ले गये। अब न पंचायत कर्मियों को शिकायतकर्ता मिल रहा है न वह कर्जदार जो शिकायतकर्ता का फोन ले गए हैं। ऐसी स्थिति में शिकायत कैसे बंद होगी यह सभी के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
टंकी बाले ले गये फोन
गांव के लोग बता रहे हैं शिकायत कर्ता ने चार माह की उधारी में प्लास्टिक की चार टंकी ली थी। बाद में चारो टंकी बेच दी और वह लोग वसूली करने गांव आए तो पैसे न देने पड़े इसलिए छुपने लगा। एक दिन टंकी विक्रेता को शिकायतकर्ता मिल गया। उसके पास पैसे नहीं थे कर्जदार उसका फोन ही छीन कर ले गए। अब फोन में घंटी तो जा रही है मगर कोई उठा नहीं रहा। पहले तो कर्जदार शिकायतकर्ता को खोज रहे थे, लेकिन अब पंचायत कर्मी उस व्यक्ति और फोन को खोज रहे हैं जिससे शिकायत हुई है और अब दोनों लापता हो गए हैं।
इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन के नोडल अधिकारी चक्रेश पटेल का कहना है यदि शिकायत का निराकरण हो गया है तो पंचायत सचिव शिकायत को बंद करा सकता है। वह इस बात की जानकारी लिखित में दे दे कि मोबाइल गुम गया है और शिकायत का निराकरण हो चुका है तो यह शिकायत बंद हो जाएगी। बिलतरा पंचायत सचिव गोकुल जैन ने बताया कि गुरुवार तक शिकायतकर्ता नहीं मिला। उसकी जानकारी लेने पर पता चला है की उसने उधारी मे टंकी ली थी जिसकी उधारी नहीं देने पर कर्जदार मोबाइल छीन ले गया है।
