{"_id":"65d04c40158f38fc310365bb","slug":"damoh-news-family-members-created-ruckus-over-the-death-of-an-innocent-child-in-the-district-hospital-2024-02-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Damoh News: जिला अस्पताल में मासूम की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Damoh News: जिला अस्पताल में मासूम की मौत पर परिजनों ने किया हंगामा, डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप
Sat, 17 Feb 2024 11:33 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Sat, 17 Feb 2024 11:33 AM IST
सार
दमोह जिला अस्पताल में मासूम की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं पहुंचा। लापरवाही की। इस वजह से बच्ची की जान गई है।
विज्ञापन
दमोह जिला अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिला अस्पताल में इलाजरत एक माह की मासूम बच्ची की मौत हो जाने पर परिवार के लोगों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि सूचना के बाद भी ड्यूटी डॉक्टर बच्ची का इलाज करने नहीं पहुंचे। इलाज के अभाव में उसकी जान चली गई।
विज्ञापन
चंदोरा गांव निवासी मासूम के पिता धर्मेंद्र पटेल ने बताया कि शुक्रवार रात करीब दो बजे उनकी बच्ची प्रकृति पटेल की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बाद उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां ड्यूटी डॉक्टर ने उन्हें बच्ची को आईसीयू में ले जाने के लिए कहा। वहां लेकर पहुंचे तो नर्स ने कहा कि यहां डॉक्टर नहीं है। फिर 27 नंबर कमरे में गए तो डॉक्टर महेश पटेल ने एक सिरप दिया। उसके बाद वह वहीं पर बैठे रहे। कुछ देर बाद डॉक्टर महेश सिंह ने उन्हें फिर से आईसीयू में बच्ची को ले जाकर भर्ती करने को कहा। वहां जाकर उन्होंने नर्स से मिन्नत की, लेकिन वह नहीं मानी। आईसीयू के ड्यूटी डॉक्टर आरिफ खान को 27 नंबर कमरे में बैठे डॉक्टर महेश सिंह ने फोन भी लगाया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस तरह उनकी बेटी का इलाज नहीं हो सका। डॉक्टर आरिफ खान की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। इन आरोपों पर डॉ. आरिफ खान से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन नहीं हो सका। इस मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. राजेश नामदेव का कहना है कि रात में बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल पहुंची थी। उसे डॉ. महेश सिंह ने अटेंड किया था। इलाज न हो पाने का आरोप गलत है।
विज्ञापन
