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Damoh: जंगली जानवरों से फसलों को बचाने 15 गांव के किसान कर रहे रतजगा, जंगल सीमा से सटे गांवों के लोग परेशान
Sun, 14 Jan 2024 05:42 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 14 Jan 2024 05:42 PM IST
सार
दमोह जिले के मडियादो बफरक्षेत्र से जुड़े गांव में जंगली जानवरों से फसल नुकसान की समस्या बहुत ज्यादा है। किसानों के अनुसार रात 10 बजे से 2 बजे तक जानवर आते हैं। ये न सिर्फ फसल खाते हैं बल्कि उसे कुचलते और उखाड़ते हैं।
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दमोह जिले के ग्रामीण इलाकों में जंगली जानवर फसलें बर्बाद कर रहे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दमोह जिले के हटा ब्लॉक के वनांचल में रहने वाले करीब 15 गांव के किसानों की फसलों को जंगली जानवर तबाह कर रहे हैं। आलम यह है कि इन गांव के सैकड़ों किसान भय के कारण रातों को जाग रहे हैं। फसल नुकसानी के दो दर्जन से अधिक प्रकरण भी शासकीय कार्यालय पहुंच गए हैं।
जंगली सुअर, नीलगाय और आवारा मवेशी किसानों की फसलों के लिए परेशानी बने हुए हैं। मडियादो पहुंचे दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल से भी किसान जंगली जानवरों की समस्या की शिकायत कर चुके हैं।
मडियादो बफरक्षेत्र से जुड़े गांव में जंगली जानवरों से फसल नुकसान की समस्या बहुत ज्यादा है। इस क्रम में तिंदनी, कनकपुरा, पाली, पाठा, निवास, वर्धा, पौंडी, अमझीर, ढूला, ढोरिया, नारायणपुरा, मनकपुरा, पनारी, दमोतीपुरा, करीवारा, भूलखेड़ा, मदनपुरा, पाटन, जुनेरी, चंदेना, मादो, शिवपुर, लखनपुरा, रमपुरा, मडियादो सहित अन्य गांव में जंगली जानवर फसलें चट करने में लगे हुए हैं। यहां के किसानों के अनुसार रात 10 बजे से 2 बजे तक जानवर आते हैं। किसान लखन व्यास ने बताया कि वे फसल नुकसानी की शिकायत बफरक्षेत्र प्रबंधन मडियादो और तहसील कार्यालय हटा में कर चुके हैं।
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सभी उपाय बेअसर
किसान देवेंद्र तिवारी ने बताया कि जंगली सुअर झुंड में खेतों में आते हैं। यदि एक घंटे की सुरक्षा में चूक हुई तो पूरा खेत खराब हो जाता है। किसानों द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल, तार फेंसिंग, पटाखे फोड़ना, आग जलाना जैसे उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन फसलों को बचाने में नाकाम हैं। कुछ किसानों द्वारा फसल सुरक्षा के लिए करंट झटका मशीन उपयोग की जा रही है। गोविंद आदिवासी ने बताया कि जंगली जानवर न सिर्फ फसल खाते हैं बल्कि उसे कुचलते और उखाड़ते हैं।
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जंगली सुअर, नीलगाय और आवारा मवेशी किसानों की फसलों के लिए परेशानी बने हुए हैं। मडियादो पहुंचे दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल से भी किसान जंगली जानवरों की समस्या की शिकायत कर चुके हैं।
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मडियादो बफरक्षेत्र से जुड़े गांव में जंगली जानवरों से फसल नुकसान की समस्या बहुत ज्यादा है। इस क्रम में तिंदनी, कनकपुरा, पाली, पाठा, निवास, वर्धा, पौंडी, अमझीर, ढूला, ढोरिया, नारायणपुरा, मनकपुरा, पनारी, दमोतीपुरा, करीवारा, भूलखेड़ा, मदनपुरा, पाटन, जुनेरी, चंदेना, मादो, शिवपुर, लखनपुरा, रमपुरा, मडियादो सहित अन्य गांव में जंगली जानवर फसलें चट करने में लगे हुए हैं। यहां के किसानों के अनुसार रात 10 बजे से 2 बजे तक जानवर आते हैं। किसान लखन व्यास ने बताया कि वे फसल नुकसानी की शिकायत बफरक्षेत्र प्रबंधन मडियादो और तहसील कार्यालय हटा में कर चुके हैं।
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सभी उपाय बेअसर
किसान देवेंद्र तिवारी ने बताया कि जंगली सुअर झुंड में खेतों में आते हैं। यदि एक घंटे की सुरक्षा में चूक हुई तो पूरा खेत खराब हो जाता है। किसानों द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवॉल, तार फेंसिंग, पटाखे फोड़ना, आग जलाना जैसे उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन फसलों को बचाने में नाकाम हैं। कुछ किसानों द्वारा फसल सुरक्षा के लिए करंट झटका मशीन उपयोग की जा रही है। गोविंद आदिवासी ने बताया कि जंगली जानवर न सिर्फ फसल खाते हैं बल्कि उसे कुचलते और उखाड़ते हैं।
