{"_id":"66ebdc79980743d2530094a7","slug":"damoh-cycle-distribution-scheme-got-entangled-in-verification-cycle-not-received-even-after-three-and-a-half-months-of-school-opening-damoh-news-c-1-1-noi1223-2122599-2024-09-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: दमोह में सत्यापन के फेर में उलझ गई साइकिल वितरण योजना, स्कूल खुलने के साढ़े तीन माह बाद भी नहीं मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: दमोह में सत्यापन के फेर में उलझ गई साइकिल वितरण योजना, स्कूल खुलने के साढ़े तीन माह बाद भी नहीं मिली
Thu, 19 Sep 2024 05:31 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Thu, 19 Sep 2024 05:31 PM IST
सार
जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने बताया कि साइकिल वितरण योजना के तहत प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है। जानकारी पोर्टल पर फीड की जा रही है। संभवतः अगले माह से बच्चों को साइकिल मिल सकती है।
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा छठवी और नवमीं के छात्रों को शिक्षा सत्र शुरू होने के साढ़े तीन माह बाद भी साइकिलें नहीं मिल पाई हैं, जिससे पात्र बच्चों को पैदल ही स्कूल जाना पड़ रहा है। यह योजना सत्यापन के फेर में उलझकर रह गई है।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा गांव में पढ़ने वाले बच्चों की सुविधा के लिए यह योजना शुरू की गई थी, जिसमें 6वीं व 9वीं कक्षा के ऐसे छात्र जिनके गांव की दूरी स्कूल से दो किमी दूर है, उन्हें निशुल्क साइकिल दी जाती है। ताकि वह नियमित रूप से स्कूल पहुंच सकें, लेकिन इस बार अभी तक बच्चों को साइकिल प्रदान नहीं की गई है। हालात यह हैं कि कई गांव में तो बच्चे कच्चे मार्ग से होकर स्कूल पहुंचते हैं।
विज्ञापन
8707 बच्चों की हो गई मैपिंग
दरअसल, शिक्षा विभाग द्वारा अभी तक साइकिल वितरण के लिए सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। अनेक संकुल केंद्रों द्वारा मैपिंग का काम किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 8707 बच्चों की मैपिंग हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों में अभी भी बच्चे प्रवेश ले रहे हैं। ऐसे में कोई भी पात्र बच्चा छूट न जाएं, इसके लिए इस कार्य में कुछ समय लग रहा है। दो, तीन दिन में मैपिंग पूर्ण होने की बात कही जा रही है। इसके बाद पूरी जानकारी भोपाल भेजी जाएगी। ऐसे में अभी बच्चों को साइकिल वितरण के लिए एक माह का और समय लग सकता है।
विज्ञापन
बता दें कि शासन द्वारा बीते साल साइकिल की 4500 रुपये की राशि बच्चों के खाते में डाली गई थी। ताकि वह अपनी मनपसंद साइकिल खरीद सकें। बीते साल जिले के नौ हजार बच्चों को इस योजना के तहत निशुल्क साइकिल मिली थी। जबकि इस बार अभी तक 8707 बच्चे पात्र पाए गए हैं। यह संख्या कुछ और बढ़ सकती है।
दमोह जनपद के ग्राम बहेरा के बच्चे कक्षा आठवीं में पढ़ने के बाद 9वीं से 8 किमी दूर बालाकोट गांव जाते हैं। साइकिलें न मिलने की वजह से ये बच्चे पैदल ही स्कूल जाते हैं, जिससे आने-जाने में करीब एक घंटे का समय लग जाता है। गांव के बलवंत सिंह का कहना है कि डैम का पानी पुल पर आने से रास्ता बंद हो गया है, जिससे अब पूरे गांव के बच्चे पैदल ही जाते हैं। इधर, तेजगढ़ के बच्चों को भी भीलमपुर हाईस्कूल तक पैदल ही जाना पड़ रहा है।
साइकिल वितरण की ब्लॉक में स्थिति
बटियागढ़ ब्लॉक में 1073 पात्र छात्र, दमोह में 845, हटा में 1245, जबेरा में 1465, पटेरा में 1015, पथरिया में 987 और तेंदूखेड़ा ब्लॉक में 1077 पात्र छात्र हैं। जिला शिक्षा अधिकारी एसके नेमा ने बताया की साइकिल वितरण योजना के तहत प्रक्रिया अंतिम दौर में चल रही है। जानकारी पोर्टल पर फीड की जा रही है। संभवतः अगले माह से बच्चों को साइकिल मिल सकती है।
