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Damoh News: व्यारमा नदी पर पानी पीने गई भैंस का मगरमच्छ ने किया शिकार, दहशत में ग्रामीण
Sun, 25 Aug 2024 02:33 PM IST
दमोह ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दमोह ब्यूरो
Updated Sun, 25 Aug 2024 02:33 PM IST
सार
MP: दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत झलोन रेंज के सेहरी गांव में व्यारमा नदी पर पानी पीने गई भैंस पर मगरमच्छ ने हमला कर उसका शिकार कर दिया। जब मगरमच्छ ने भैंस का आधा शव खा लिया तभी ग्रामीणों की नजर पड़ी उन्होंने अन्य लोगों को सूचना दी। जिसके बाद मगर पानी में चला गया।
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नदी किनारे बैठा मगरमच्छ
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लाक अंतर्गत झलोन रेंज के सेहरी गांव में व्यारमा नदी पर पानी पीने गई भैंस पर मगरमच्छ ने हमला कर उसका शिकार कर दिया। बता दें कि इस समय व्यारमा नदी में सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ निवास कर रहे हैं, जो आए दिन ग्रामीणों के अलावा जानवरों को अपना निशाना बना रहे हैं l भैंस का शिकार करने की घटना शनिवार दोपहर की है। ग्रामीण ज़ब नदी किनारे से गुजर रहे थे तब उन्होंने घटना देखी और मामले की जानकारी भैंस मालिक और वन विभाग को दी।
वन विभाग की पहुंची टीम
व्यारमा नदी में रहने वाले मगरमच्छ ने भैंस पर हमला कर दिया और शिकर करने के बाद उसे खा रहा था। उसी समय ग्रामीण श्रीधर यादव, गेंदा यादव वहां से गुजरे तो उन्होंने घटनाक्रम देखा और जानकारी वन विभाग को दी। बाद में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बाद ने बेटनरी विभाग को जानकारी दी तो तेंदूखेड़ा से पशु चिकत्सक की टीम मौके पर पहुंची और मृत अवस्था मे पड़ी भैंस का पोस्टमार्टम किया।
पशु चिकतसा अधिकारी श्रीकांत बिलबार ने ग्रामीणों से कहा कि इस समय नदियो में पानी ज्यादा है। मगरमच्छ नदियों से निकलते रहते है। इसलिए नदियों के निकट न जाये और ना अपने मवेशी और जानवरों को जाने दे।
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रहवासी इलाके से गुजरती है नदी
वैसे तो व्यारमा नदी जंगली क्षेत्र से बहकर आई है, लेकिन तेंदूखेड़ा ब्लाक में रहवासी क्षेत्र से होकर गुजरती है। तारादेही, बिलतरा, ससना, झापन, सेहरी होकर यह सीधे राजघाट पहुंची है। इस बीच मगरमच्छों की तादात सैकड़ों से भी ज्यादा है। सेहरी गांव में इससे पहले भी मगरमच्छ के कई मामले सामने आए हैं। इसके आलावा झलोन के पुल और आसपास मार्गो पर भी आये दिन मगरमच्छ घूमते नजर आते हैं।
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वन विभाग की पहुंची टीम
व्यारमा नदी में रहने वाले मगरमच्छ ने भैंस पर हमला कर दिया और शिकर करने के बाद उसे खा रहा था। उसी समय ग्रामीण श्रीधर यादव, गेंदा यादव वहां से गुजरे तो उन्होंने घटनाक्रम देखा और जानकारी वन विभाग को दी। बाद में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बाद ने बेटनरी विभाग को जानकारी दी तो तेंदूखेड़ा से पशु चिकत्सक की टीम मौके पर पहुंची और मृत अवस्था मे पड़ी भैंस का पोस्टमार्टम किया।
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पशु चिकतसा अधिकारी श्रीकांत बिलबार ने ग्रामीणों से कहा कि इस समय नदियो में पानी ज्यादा है। मगरमच्छ नदियों से निकलते रहते है। इसलिए नदियों के निकट न जाये और ना अपने मवेशी और जानवरों को जाने दे।
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रहवासी इलाके से गुजरती है नदी
वैसे तो व्यारमा नदी जंगली क्षेत्र से बहकर आई है, लेकिन तेंदूखेड़ा ब्लाक में रहवासी क्षेत्र से होकर गुजरती है। तारादेही, बिलतरा, ससना, झापन, सेहरी होकर यह सीधे राजघाट पहुंची है। इस बीच मगरमच्छों की तादात सैकड़ों से भी ज्यादा है। सेहरी गांव में इससे पहले भी मगरमच्छ के कई मामले सामने आए हैं। इसके आलावा झलोन के पुल और आसपास मार्गो पर भी आये दिन मगरमच्छ घूमते नजर आते हैं।
