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Damoh: पांच ब्लैक स्पॉट पर हुए 38 हादसों में चली गई 29 लोगों की जान, इस साल हुए सड़क हादसों ने तोड़ा रिकॉर्ड

Mon, 30 Dec 2024 04:10 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Mon, 30 Dec 2024 04:10 PM IST
सार

यातायात विभाग द्वारा दमोह जिले के पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। जहां पर पिछले तीन साल के दौर 38 सड़क हादसे हुए। इनमें 29 लोगों की मौत हुई। तीन साल में तेंदूखेड़ा में सबसे ज्यादा 900 बाइक हादसे हुए हैं।

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Damoh 29 people lost their lives in 38 accidents at five black spots this year road accidents broke records
सड़क हादसों में क्षतिग्रस्त वाहन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के पांच स्थानों पर ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। जहां हुए 38 सड़क हादसों में 29 लोगों की जान चली गई। यातायात विभाग द्वारा इन हादसों को रोकने प्रयास तो किए जाते हैं, लेकिन वाहन चालकों की लापरवाही से हादसे होते हैं। दो दिन पहले सांसद राहुल सिंह की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तेंदूखेड़ा में सबसे ज्यादा 900 बाइक हादसे और नरसिंहगढ़ सीमेंट फैक्टरी के सामने अवैध पार्किंग का मुद्दा उठा। इस पर सांसद ने अधिकारियों से सवाल जवाब किए।

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उन्होंने अफसरों से निरंतर एक्सीडेंट होने की वजह पूछी। साथ में ब्लैक स्पॉट और ब्लाइंड स्पॉट दोनों चिह्नित करने के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कहां पर स्पीड ब्रेकर बनाने हैं और कहां पर साइन बोर्ड लगाने हैं इसकी सतत ट्रैफिक की मॉनिटरिंग की जाए। बैठक में बताया गया कि समन्ना में भी ब्लॉक स्पॉट बन गया है। वहां पर हादसे बढ़ रहे हैं। नरसिंहगढ़ और इमलाई में सीमेंट फैक्टरी के सामने वाहन खड़े किए जा रहे हैं, जिससे हादसे का डर रहता है। यहां पर 15 साल पहले पार्किंग बनी थी, लेकिन व्यवस्था बिगड़ गई। जिले में जो पांच जगह ब्लैक स्पॉट बने थे उन पर कोई काम नहीं हुआ।
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यातायात विभाग ने चिह्नित किए पांच ब्लैक स्पॉट
यातायात विभाग द्वारा जिले के पांच ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां पर पिछले तीन साल के दौर 38 सड़क हादसे हुए। इनमें 29 लोगों की मौत हुई। इनमें इमलाई बाइपास सीमेंट फैक्ट्री के आगे तक 400 मीटर एरिया में तीन साल के दौरान नौ भीषण सड़क हादसे हुए हैं, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई है। वहीं, समन्ना तिराहा से बांदकपुर रोड पर मिड-वे के आगे 500 मीटर की दूरी पर सात सड़क हादसे हुए हैं। इनमें छह लोगों की मौत हुई है। जबेरा थाना क्षेत्र के बिदारी घाटी से 500 मीटर एरिया की सड़क में छह सड़क हादसे हुए। इनमें से चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सतघटिया घाटी से सिंग्रामपुर की तरफ 500 मीटर की रोड पर छह हादसे हुए, इनमें से छह लोगों की मौत हुई। वहीं, फल्को नाला से सिंग्रामपुर तक 500 मीटर की सड़क पर 10 सड़क हादसे हुए, इनमें से सात लोगों की मौत हुई। यह हादसे वर्ष 2021 से 2023 के बीच के हैं।
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बीते साल से 254 सड़क हादसे अधिक
पिछले साल जिले में कुल 496 सड़क हादसे हुए थे। इनमें 223 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि इस साल अभी तक 750 सड़क हादसे हो चुके हैं। मरने वालों की संख्या 235 पहुंच गई है। आंकड़ों से स्पष्ट है बीते साल की अपेक्षा इस बार 254 हादसे अधिक हुए हैं। इसके पीछे तेज रफ्तार व नशे की हालत में वाहन चलाना, अंधे मोड, बिना हेलमेट के बाइक चालना एवं ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा के पर्याप्त उपाय न किए जाना सामने आ रहे हैं।

सड़क हादसों में क्षतिग्रस्त वाहन

सड़क हादसों में क्षतिग्रस्त वाहन

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