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Damoh: पौड़ी जलाशय फूटने के मामले में दो अफसरों पर गिरी गाज, सागर कमिश्नर ने किया निलंबित
Wed, 26 Jul 2023 07:50 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 26 Jul 2023 07:50 PM IST
सार
पौड़ी जलाशय फूटने के मामले में जल संसाधन विभाग दमोह के अनुविभागीय अधिकारी एलके द्विवेदी और उपयंत्री डीके असाटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। दोनों पर लापरवाही बरतने का आरोप है।
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पौड़ी जैतगढ़ जलाशय फूटने से दो गांव डूब गए थे।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दमोह के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के पौड़ी जलाशय फूटने के मामले में सागर संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने सख्ती दिखाई है। पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में जल संसाधन विभाग दमोह के अनुविभागीय अधिकारी एलके द्विवेदी और उपयंत्री डीके असाटी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। कमिश्नर द्वारा यह कार्रवाई कलेक्टर दमोह मयंक अग्रवाल के प्रस्ताव पर की गई है।
दरअसल कलेक्टर दमोह मयंक अग्रवाल ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके अवलोकन के बाद पाया गया कि अनुविभागीय अधिकारी एलके द्विवेदी और उपयंत्री डीके असाटी द्वारा पौड़ी जैतगढ़ जलाशय के फूटने की अशंका होने के बावजूद भी जलाशय में समुचित देखरेख एवं जलाशय के बचाव के लिए पूर्व से कोई उपाय नहीं किए। उनका यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में की गई घोर लापरवाही का द्योतक होकर म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम का उल्लघंन है। निलंबन अवधि में मुख्यालय, कार्यालय कलेक्टर जिला दमोह नियत किया गया है।
बता दें दमोह जिले की तहसील तेन्दूखेड़ा अंतर्गत स्थित पौड़ी जैतगढ़ जलाशय में 24 जुलाई की रात्रि से जल रिसाव प्रारंभ हो गया था, जिसकी सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन 25 जुलाई की सुबह 5 बजे के लगभग उक्त जलाशय फूट गया। इससे दो गांव पानी में डूब गए और 28 परिवारों की गृहस्थी पानी में बह गई थी।
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दरअसल कलेक्टर दमोह मयंक अग्रवाल ने कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा था। इसके अवलोकन के बाद पाया गया कि अनुविभागीय अधिकारी एलके द्विवेदी और उपयंत्री डीके असाटी द्वारा पौड़ी जैतगढ़ जलाशय के फूटने की अशंका होने के बावजूद भी जलाशय में समुचित देखरेख एवं जलाशय के बचाव के लिए पूर्व से कोई उपाय नहीं किए। उनका यह कृत्य पदीय दायित्वों के निर्वहन में की गई घोर लापरवाही का द्योतक होकर म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम का उल्लघंन है। निलंबन अवधि में मुख्यालय, कार्यालय कलेक्टर जिला दमोह नियत किया गया है।
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बता दें दमोह जिले की तहसील तेन्दूखेड़ा अंतर्गत स्थित पौड़ी जैतगढ़ जलाशय में 24 जुलाई की रात्रि से जल रिसाव प्रारंभ हो गया था, जिसकी सूचना मिलते ही तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन 25 जुलाई की सुबह 5 बजे के लगभग उक्त जलाशय फूट गया। इससे दो गांव पानी में डूब गए और 28 परिवारों की गृहस्थी पानी में बह गई थी।
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