फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh District Jail built during the British period was sold for 161 crores

MP News: 161 करोड़ में बिकी थी अंग्रेजों के समय की बनी दमोह जिला जेल, अभी तक नहीं शुरू हुआ नई जेल का काम

Tue, 23 Jan 2024 03:04 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिरोही Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 23 Jan 2024 03:04 PM IST
सार

MP News: अंग्रेजों के जमाने में बनी जिला जेल 161 करोड़ रुपए में बिकने के बाद नई जेल का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक जेल बनाने का टेंडर 82 करोड़ रुपए में हुआ था। इसके बदले में पुरानी जेल में रहने वाले 333 कैदी शिफ्ट करने के लिए नई जेल बनाई जानी थी।

विज्ञापन
Damoh District Jail built during the British period was sold for 161 crores
दमोह जिला जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह में अंग्रेजों के जमाने में बनी जिला जेल 161 करोड़ रुपए में बिकने के बाद नई जेल का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया। जबकि नई जेल शहर से बाहर शिफ्ट होनी थी और इस प्रक्रिया के प्रारंभ होने से पहले ही वह रुक गई है। जिस एजेंसी ने शहर के बाहर बरपटी पहाड़ी पर जेल बनाने का टेंडर लिया था, वह अभी तक काम करने के लिए दमोह नहीं पहुंचीं है।

विज्ञापन


ऐसे में नई जेल बनाने का काम अधर में लटक गया है। जबकि हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने नई जेल बनाने के लिए जबलपुर बाईपास मार्ग पर बरपटी पहाड़ी पर मॉडल कॉलेज के सामने 25 एकड़ जमीन भी उपलब्ध करा दी थी, लेकिन इसके बाद एजेंसी नहीं आई तो प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।
विज्ञापन


700 कैदी रखने की क्षमता 
मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक जेल बनाने का टेंडर 82 करोड़ रुपए में हुआ था। इसके बदले में पुरानी जेल में रहने वाले 333 कैदी शिफ्ट करने के लिए नई जेल बनाई जानी थी, जिसमें एक साथ 700 कैदी रखने की क्षमता तय की गई थी। नई जेल बनाने के लिए हाउसिंग बोर्ड की ओर से टेंडर जारी किया गया था। पहले इसकी टेंडर प्रक्रिया रुक गई थी। बाद में टेंडर के लिए तीन फर्म सामने आईं थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


161 करोड़ रुपये में टेंडर लिया
उनमें एक योगेश एंड कंपनी भोपाल ने 161 करोड़ और जबलपुर की फर्म समदड़िया ने 151 करोड़ रुपए का टेंडर डाला था। इसके अलावा एक अन्य फर्म भी इसमें शामिल हुई थी। आठ जून को टेंडर खोले गए। जिसमें भोपाल की योगेश एंड कंपनी ने सबसे ज्यादा 161 करोड़ रुपये में टेंडर लिया था। एजेंसी को पहले बरपटी पर नई जेल बनानी थी, उसके बाद उसमें पुरानी जेल शिफ्ट करनी थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। क्योंकि एजेंसी काम करने के लिए दमोह पहुंची ही नहीं। 

कोई पत्र व्यवहार नहीं हुआ
इस संबंध में हाउसिंग बोर्ड के जिला महाप्रबंधक रामकुमार बाथम का कहना है कि जिस एजेंसी ने टेंडर लिया है, वह काम करने के लिए दमोह नहीं आई है। आगे वह काम करेगी कि नहीं इसको लेकर भी कोई पत्र व्यवहार नहीं हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed