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MP News: नकली खाद का प्रकोप, सैलवाड़ा गांव के आधा दर्जन किसानों की फसलें सूखी, पीड़ित ने एसडीएम को सौंपा आवेदन
Wed, 01 Mar 2023 04:22 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 01 Mar 2023 04:22 PM IST
सार
गांव के आधा दर्जन किसानों के खेत में लगी फसल एक दुकानदार के द्वारा दी गई नकली खाद से सूख गई। जब किसान उस दुकानदार के पास पहुंचे तो पहले उसने सुधार कराने की बात कही, लेकिन अब वही दुकानदार किसानों से ये कह रहे हैं कि उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है।
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नकली खाद से आधा दर्जन किसानों की फसलें सूखी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में खेत में फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए खाद डालने के बाद आधा दर्जन किसानों की फसल खेत में खड़े-खड़े ही सूख गईं। किसानों ने दुकान विक्रेता पर नकली खाद बेचने का आरोप लगाते हुए एसडीएम को आवेदन दिया है। तेंदूखेड़ा ब्लॉक में 90 प्रतिशत लोगों का व्यवसाय खेती है। खेती से ही इनके परिवार का भरण पोषण होता है और यदि फसल खराब हुई तो इन लोगों को मजदूरी करने यहां-वहां जाना पड़ता है।
मामला तेंदूखेड़ा ब्लॉक के सैलवाड़ा गांव का है। यहां के आधा दर्जन किसानों के खेत में लगी फसल एक दुकानदार के द्वारा दी गई नकली खाद से सूख गई। जब किसान उस दुकानदार के पास पहुंचे तो पहले उसने सुधार कराने की बात कही, लेकिन अब वही दुकानदार किसानों से ये कह रहे हैं कि उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। किसानों ने फसल खराब होने की शिकायत तेंदूखेड़ा एसडीएम और कृषि विभाग में भी जाकर की है, लेकिन आज तक कोई सुनाई नहीं हुई।
सितंबर-अक्टूबर माह में किसान बटरी, चना, गेंहू की खेती करते हैं। सैलवाड़ा के अन्य किसानों की तरह गोविंद साहू, अरविंद कुशवाहा, मंजू कुशवाहा, गनेश रैकवार, परम यादव ने अपने खेतों में बटरी, चना, गेंहू की बुआई की थी। उस समय डबल लॉक तेंदूखेड़ा में खाद की कमी थी। इसलिये इन सभी किसानों ने 27 मील पर किराने की दुकान संचालित करने वाले कमलेश साहू के पास से खाद खरीदी थी। खाद डालने के बाद ही फसल सूखने लगी थी। जिसकी शिकायत तत्काल जाकर दुकानदार से की थी। दुकानदार ने उस समय कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया था, जिनसे उसने खाद खरीदी थी। उन्होंने कई तरह की दवाइयां किसानों को बताई जिनका छिड़काव किसानों ने किया, लेकिन फसल नहीं सुधरी। उसके बाद किसानों ने इसकी लिखित शिकायत तेन्दूखेड़ा एसडीएम के पास की और एक शिकायत कृषि विभाग में की।
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कर्ज और भरण पोषण की बनी चिंता
किसान अरविंद कुशवाहा ने बताया कि 90 दिन पूर्व कमलेश साहू 27 मील की दुकान से उसने 1400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद खरीदी थी। जैसे ही उसने खाद खेत में लगी बटरी की फसल में डाली फसल उसी समय से सूखना शुरू हो गई। कुछ समय तो कंपनी के कर्मचारियों ने सुधार की बात कही, लेकिन जैसे ही समय बीतता गया अब वह भी आना बंद हो गए और पूरी फसल सूखी पड़ी हुई है। दुकानदार भी अपनी जिम्मेदारी से हटने लगा है। अरविंद ने बताया कि उसके पूरे परिवार का भरण पोषण इसी खेती से चलता है और अब फसल भी सूख गई है। उसके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा।
दूसरे किसान अशोक साहू ने बताया कि उसने भी कमलेश साहू से 25 बोरी खाद खरीदी थी, जिसे उसने खेत में लगी फसल में डाला था। खाद डालने के बाद उसकी पूरी फसल सूख गई उसके साथ दो अन्य किसानों ने भी खाद डाली थी। उन सभी के खेतों में आज सूखी फसल लगी हुई है। हम लोग लगातार अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हम दोनों की सुनाई नहीं हो रही।
तेंदूखेड़ा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जीपी बेन ने बताया कि शिकायत आई थी। मैंने जिले से टीम गठित की है जो शीघ्र ही किसानों के खेतो में जाकर निरीक्षण करेगी और उसके बाद रिपोर्ट का प्रतिवेदन एसडीएम को भेजा जायेगा। तेंदूखेड़ा एसडीएम अविनाश रावत ने बताया कि किसान शिकायत लेकर आये थे। वरिष्ट कृषि अधिकारी को जांच के लिए पत्र भेजा गया है प्रतिवेदन आने के बाद ही कार्यवाई होगी।
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मामला तेंदूखेड़ा ब्लॉक के सैलवाड़ा गांव का है। यहां के आधा दर्जन किसानों के खेत में लगी फसल एक दुकानदार के द्वारा दी गई नकली खाद से सूख गई। जब किसान उस दुकानदार के पास पहुंचे तो पहले उसने सुधार कराने की बात कही, लेकिन अब वही दुकानदार किसानों से ये कह रहे हैं कि उसकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। किसानों ने फसल खराब होने की शिकायत तेंदूखेड़ा एसडीएम और कृषि विभाग में भी जाकर की है, लेकिन आज तक कोई सुनाई नहीं हुई।
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सितंबर-अक्टूबर माह में किसान बटरी, चना, गेंहू की खेती करते हैं। सैलवाड़ा के अन्य किसानों की तरह गोविंद साहू, अरविंद कुशवाहा, मंजू कुशवाहा, गनेश रैकवार, परम यादव ने अपने खेतों में बटरी, चना, गेंहू की बुआई की थी। उस समय डबल लॉक तेंदूखेड़ा में खाद की कमी थी। इसलिये इन सभी किसानों ने 27 मील पर किराने की दुकान संचालित करने वाले कमलेश साहू के पास से खाद खरीदी थी। खाद डालने के बाद ही फसल सूखने लगी थी। जिसकी शिकायत तत्काल जाकर दुकानदार से की थी। दुकानदार ने उस समय कंपनी के कर्मचारियों को बुलाया था, जिनसे उसने खाद खरीदी थी। उन्होंने कई तरह की दवाइयां किसानों को बताई जिनका छिड़काव किसानों ने किया, लेकिन फसल नहीं सुधरी। उसके बाद किसानों ने इसकी लिखित शिकायत तेन्दूखेड़ा एसडीएम के पास की और एक शिकायत कृषि विभाग में की।
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कर्ज और भरण पोषण की बनी चिंता
किसान अरविंद कुशवाहा ने बताया कि 90 दिन पूर्व कमलेश साहू 27 मील की दुकान से उसने 1400 रुपये प्रति बोरी के हिसाब से खाद खरीदी थी। जैसे ही उसने खाद खेत में लगी बटरी की फसल में डाली फसल उसी समय से सूखना शुरू हो गई। कुछ समय तो कंपनी के कर्मचारियों ने सुधार की बात कही, लेकिन जैसे ही समय बीतता गया अब वह भी आना बंद हो गए और पूरी फसल सूखी पड़ी हुई है। दुकानदार भी अपनी जिम्मेदारी से हटने लगा है। अरविंद ने बताया कि उसके पूरे परिवार का भरण पोषण इसी खेती से चलता है और अब फसल भी सूख गई है। उसके परिवार का भरण पोषण कैसे होगा।
दूसरे किसान अशोक साहू ने बताया कि उसने भी कमलेश साहू से 25 बोरी खाद खरीदी थी, जिसे उसने खेत में लगी फसल में डाला था। खाद डालने के बाद उसकी पूरी फसल सूख गई उसके साथ दो अन्य किसानों ने भी खाद डाली थी। उन सभी के खेतों में आज सूखी फसल लगी हुई है। हम लोग लगातार अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं, लेकिन हम दोनों की सुनाई नहीं हो रही।
तेंदूखेड़ा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जीपी बेन ने बताया कि शिकायत आई थी। मैंने जिले से टीम गठित की है जो शीघ्र ही किसानों के खेतो में जाकर निरीक्षण करेगी और उसके बाद रिपोर्ट का प्रतिवेदन एसडीएम को भेजा जायेगा। तेंदूखेड़ा एसडीएम अविनाश रावत ने बताया कि किसान शिकायत लेकर आये थे। वरिष्ट कृषि अधिकारी को जांच के लिए पत्र भेजा गया है प्रतिवेदन आने के बाद ही कार्यवाई होगी।
