मध्य प्रदेश: डीजल चोरी के आरोप में तीन आदिवासियों को नंगा करके पीटा
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मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में तीन आदिवासी कर्मचारियों को नंगा करके पीटने के आरोप में एक ट्रांसपोर्टर और उसके दोस्त के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने आदिवासियों की पिटाई इसलिए की क्योंकि उन्होंने 120 लीटर डीजल की चोरी की थी। मामला 11 जुलाई की रात का बताया जा रहा है।
पीड़ितों ने शिकायत इसलिए दर्ज नहीं करवाई क्योंकि उन्हें डर था कि अगर उन्होंने ऐसा किया तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस को इस बारे में पता चला। आरोपियों की पहचान गुड्डू शर्मा और शेरू के तौर पर हुई है। गुड्डू ट्रांसपोर्टर का काम करता है। दोनों ही जबलपुर के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी इस वक्त फरार हैं, पुलिस द्वारा उनकी तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक पीड़ित व्यक्तियों के नाम सुरेश ठाकुर (46), आशीष गोंड (24) और गोलू ठाकुर (23) है। तीनों ही मंगला जिले के रहने वाले हैं। पहले तो तीनों को नंगा किया गया और बाद में इन्हें अंध मूक बाईपास रोड स्थित एक दुकान के शटर की तरफ मुंह करके पीटा गया। इन पर 120 लीटर डीजल चुराने का आरोप लगाते हुए इनकी पिटाई की गई। दोनों आरोपियों के खिलाफ इन्हें पीटने, गाली देने और एससी/एसटी अत्याचार रोकथान अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पीड़ित नहीं करवाना चाहते शिकायत दर्ज
पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की मेडिकल जांच हो चुकी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गुड्डू गालियां देते हुए बास्केटबॉल बैट से इनकी पिटाई कर रहा है। वह इनसे कह रहा है कि या तो अपने हाथ ऊपर कर लो नहीं तो वह हाथों पर मार मारके इन्हें तोड़ देगा। गुड्डू इनसे यह भी कह रहा है कि अपने दर्द से वह हमेशा याद रखेंगे कि उन्होंने चोरी की है।
वीडियो बनाते हुए गुड्डू का साथी कह रहा है कि इन्होंने अपराध किया है तो अब भुगतना तो पड़ेगा ही। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि एक पीड़ित जब अचेत अवस्था में नीचे गिर जाता है तब भी मुख्य आरोपी उस पर हमला कर रहा होता है। वीडियो से लग रहा है कि आरोपी को इस बारे में पता है कि कोई पूरी घटना की रिकॉर्डिंग कर रहा है। वहीं घटनास्थल पर बहुत से लोग मौजूद थे लेकिन कोई भी इन आदिवासियों की मदद के लिए आगे नहीं आया।
संजीवनी नगर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज भुवनेश्वरी चौहान का कहना है कि तीनों पीड़ित अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं करवाना चाहतें हैं। वह आरोपियों के क्रोध से अभी तक डरे हुए हैं। हालांकि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा।