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रिश्वतखोर प्राचार्य: अंजड़ के कॉलेज में बगीचा बनाने के बिल को पास करने के लिए मांगे 5 हजार रुपये, लोकायुक्त ने पकड़ा
Wed, 08 Dec 2021 05:23 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बडवानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बडवानी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 08 Dec 2021 05:23 PM IST
सार
अंजड़ के सरकारी कॉलेज के प्राचार्य ने 27 हजार रुपये का बिल पास करने के लिए 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के बडवानी जिले में स्थित अंजड़ के सरकारी कॉलेज के प्राचार्य सुनील मोरे को लोकायुक्त पुलिस ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्राचार्य ने जनभागीदारी समिति के पैसे हुए बगीचे के काम का बिल पास करने के लिए 20 प्रतिशत कमीशन मांगा था। रिश्वत बाबू दिनेश बड़ोले ने ली और अपनी पेंट में रखी थी। उसके खिलाफ भी लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर लोकायुक्त को मंगलवार को शिकायत मिली थी कि मोरे बिल पास करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत करने वाला भी अंजड़ के ही कॉलेज में पदस्थ है। डॉ. सुरेश काप ने ही मामले की शिकायत लोकायुक्त को की थी। इसकी रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। आज दोपहर को रिश्वत देने की बात तय हुई थी। जैसे प्राचार्य मोरे ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी, शिकायतकर्ता ने वह राशि बाबू दिनेश बड़ोले को दे दी। उसी समय लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल का कहना है कि कॉलेज परिसर में जनभागीदारी से बगीचा विकसित किया गया है। इस काम के लिए 27 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इसके बिल पास करने के लिए प्राचार्य ने पांच हजार रुपये की घूस मांगी थी। घूसखोरी पकड़े जाने के बाद इंदौर संभाग के अतिरिक्त संचालक सुरेश सिलावट ने प्राचार्य का प्रभार बदल दिया है। बड़वानी से नटवरलाल गुप्ता को अंजड़ कॉलेज का प्रभार दिया गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर लोकायुक्त को मंगलवार को शिकायत मिली थी कि मोरे बिल पास करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत करने वाला भी अंजड़ के ही कॉलेज में पदस्थ है। डॉ. सुरेश काप ने ही मामले की शिकायत लोकायुक्त को की थी। इसकी रिकॉर्डिंग भी सौंपी थी। आज दोपहर को रिश्वत देने की बात तय हुई थी। जैसे प्राचार्य मोरे ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी, शिकायतकर्ता ने वह राशि बाबू दिनेश बड़ोले को दे दी। उसी समय लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ लिया।
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लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल का कहना है कि कॉलेज परिसर में जनभागीदारी से बगीचा विकसित किया गया है। इस काम के लिए 27 हजार रुपये खर्च हुए हैं। इसके बिल पास करने के लिए प्राचार्य ने पांच हजार रुपये की घूस मांगी थी। घूसखोरी पकड़े जाने के बाद इंदौर संभाग के अतिरिक्त संचालक सुरेश सिलावट ने प्राचार्य का प्रभार बदल दिया है। बड़वानी से नटवरलाल गुप्ता को अंजड़ कॉलेज का प्रभार दिया गया है।
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