Coronavirus Covid 19 Patient in Madhya Pradesh (MP) खंडवा: कोरोना संक्रमित को पुलिस ने बेरहमी से पीटा, बचाने आए परिजनों को भी नहीं बख्शा
घटना रविवार को सिरसोद बंजारी गांव में हुई। पुलिस व स्थानीय लोगों द्वारा स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम पर हमले की जांच की जा रही है। घटना के बाद सजा के तौर पर दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।
विस्तार
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की खबर सामने आई है। दरअसल, रविवार को पुलिसकर्मियों द्वारा एक पुरुष और दो महिलाओं की पिटाई किए जाने एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो के वायरल होने से हंगामा मच गया। लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये पुलिसकर्मियों की इस हरकत की जमकर निंदा की। साथ ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
इधर, मध्यप्रदेश पुलिस ने कहा कि कार्रवाई के तहत घटना में शामिल दो अधिकारियों को खंडवा में लाइन हाजिर कर दिया गया है। बता दें, घटना के वीडियो में दो पुलिसकर्मियों को एक व्यक्ति को प्लास्टिक की छड़ों से मारते हुए देखा जा सकता है। इतना ही नहीं, फिर वह दो महिलाओं को भी पीटते हुए दिख जाएंगे जो शख्स का बचाव कर रही थीं। यह घटना रविवार के दिन छैगांव माखन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिरसोद बंजारी गांव में हुई।
पहले स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों में हुआ था विवादमध्य प्रदेश के खंडवा जिले में पुलिकर्मियों ने कोरोना मरीज एवं महिला समेत उनके परिजनों पर लाठी-डंडों से बेरहमी से हमला किया। न्याय देने के बजाए पुलिस ने उल्टा पीड़ित परिवार पर ही केस दर्ज कर दिया। तत्काल इन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना चाहिए। ये बहुत ही पीड़ादायक है। pic.twitter.com/bKFK5UyTfN
विज्ञापन विज्ञापन— Chandra Shekhar Aazad (@BhimArmyChief) April 11, 2021
इस घटना को लेकर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और एक स्थानीय कोविड-19 रोगी के परिवार के सदस्यों के बीच विवाद के बाद हुई। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की एक टीम शुक्रवार को कोविड-19 पॉजिटिव आए 20 वर्षीय लड़के को अस्पताल ले जाने के लिए सिरसोद बंजारी गांव पहुंची थी। हालांकि, लड़के के परिजनों ने रविवार के दिन स्वास्थ्यकर्मियों को उसे ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया और जोर देकर कहा कि उसे घर पर छोड़ दिया जाए।
इसके चलते स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान परिजनों ने टीम पर हमला भी किया गया। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जो घटनास्थल पर पहुंची। स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमले के संबंध में थाने में एक शिकायत भी दर्ज की गई है। हालांकि, बताया यह जा रहा है कि मौके पर पहुंची पुलिस की टीम कोविड-19 मरीज के परिजनों और उन्हें बचाने आई दो महिलाओं पर लाठी-डंडे बरसाने लगी। इधर, कुछ गांव वालों का तो यह भी कहना है कि पुलिसकर्मियों ने कोरोना मरीज की भी पिटाई की।
छैगांव माखन थाना प्रभारी जी कनैल ने कहा, ‘स्वास्थ्य कर्मियों पर रोगी के परिवार द्वारा हमला किए जाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस की एक टीम सिरसोद गांव में पहुंची। उन पर भी हमला हुआ और एक उप-निरीक्षक और एक सहायक उप-निरीक्षक सहित दो स्वास्थ्य कर्मी घायल हो गए।’
पुलिसकर्मियों के आचरण की जांच
खंडवा के पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने कहा, 'इस घटना के सिलसिले में छैगांव माखन थाना प्रभारी और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर सजा के तौर पर पुलिस लाइन में तैनात किया गया।’ उन्होंने कहा कि शहर के पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) ललित गथरे की देखरेख में इस मामले में पुलिसकर्मियों के आचरण की जांच की जाएगी।
