{"_id":"6261a71c8c4e564911565a6e","slug":"conference-of-mp-forest-committees-7-union-ministers-including-amit-shah-will-be-present-in-bhopal-will-give-three-big-gifts-to-the-tribals","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP वन समितियों का सम्मेलन: आज अमित शाह समेत 8 केंद्रीय मंत्री रहेंगे मौजूद, आदिवासियों को मिलेंगी तीन बड़ी सौगात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP वन समितियों का सम्मेलन: आज अमित शाह समेत 8 केंद्रीय मंत्री रहेंगे मौजूद, आदिवासियों को मिलेंगी तीन बड़ी सौगात
Fri, 22 Apr 2022 02:03 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Fri, 22 Apr 2022 02:03 AM IST
सार
राजधानी भोपाल में केन्द्रीय मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वन समितियों के सम्मेलन और पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह के साथ 7 केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे।
विज्ञापन
जंबूरी मैदान में वन समितियों के सम्मेलन के लिए तैयार मंच
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजधानी भोपाल में केन्द्रीय मंत्री अमित शाह शुक्रवार को कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे। वन समितियों के सम्मेलन और पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह के साथ साथ केन्द्रीय मंत्री शामिल होंगे।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारी को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समीक्षा की। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल और देश का ह्दय प्रदेश अमित शाह का स्वागत करने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने भोपाल कलेक्टर से जंबूरी मैदान में होने वाले वन समितियों के सम्मेलन की सभी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। इस सम्मेलन में वन समितियों और प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समतियों के सदस्य शामिल होंगे और वन समितियों के सदस्यों और नागरिकों को वर्चुअली जोड़ने के प्रबंध किए गए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री अमित शाह जनजातीय वर्ग के भाई-बहनों की जिंदगी बदलने की तीन सौगातें देंगे। अब वन ग्रामों के निवासियों का जीवन आसान होगा। तेंदूपत्ता संग्रहण के बोनस की 67 करोड़ रुपए की राशि के वितरण के साथ ही इमारती लकड़ी आदि से होने वाली आय जो पहले पूरी तरह सरकार के पास जाती थी, अब उसका पांचवां हिस्सा अर्थात 20 प्रतिशत राशि वन समतियों को देने की व्यवस्था की गई है। यह राशि ग्राम सभाओं के माध्यम से प्राथमिकता तय कर खर्च किया जा सकेगा। केंद्रीय गृहमंत्री प्रदेश में काष्ठ और बॉस के लाभांश की 55 करोड़ रुपए की राशि के वितरण का कार्य प्रतीक स्वरूप कुछ हितग्राहियों को प्रदान करेंगे। इसके अलावा वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तन की है। अब वन ग्रामों में रहने वालों को भी आवश्यक सुविधाएं प्राप्त होगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 सितंबर 2021 को अमर शहीद रघुनाथ शाह, शंकर शाह के बलिदान दिवस पर जलबपुर में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय समुदाय के पक्ष में अनेक घोषणाएं हुई थी। राज्य सरकार गंभीरता से उन घोषणाएं के क्रियान्वयन का काम कर रही है। पेसा एक्ट मध्य प्रदेश में लागू हो रहा है। सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार भी दिया जा रहा है। इस सिलसिले में देवारण्य योजना सहित आजीविका के अनेक कदम उठाए गए हैं। यह सब प्रदेश में जनजातीय वर्ग के लोगों की जिंदगी बदलने का अभियान है।
भोपाल में आयोजित वन समितियों के सम्मेलन कार्यक्रम और पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिहं तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉक्टर एल मुरूगन, प्रहलाद सिंह पटेल, अजय कुमार मिश्रा, निशिथ प्रमाणिक उपस्थित रहेंगे। शासकीय व्यस्तताओं के कारण प्रदेश से केंद्र में मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और वीरेंद्र कुमार खटीक कार्यक्रम में आयोजित नहीं होंगे।
यह घोषणाएं की गई थी 18 सितंबर को
- राजा शंकर शाह के नाम पर होगा छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम।
- जनजातीय बहुल विकासखण्डों में प्रारंभ होगी ‘राशन आपके द्वार व्यवस्था।
- प्रदेश में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जायेगा पेसा एक्ट।
- आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है। ऐसे बलिदानी, जिनका इतिहास में जिक्र नहीं है, उनके इतिहास को खोजकर संजोने के लिए संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। देशभर में 9 स्थानों का चयन किया गया है, जिसमें 200 करोड़ की लागत से कार्य करवाए जा रहे हैं। इनमें मध्यप्रदेश का छिंदवाड़ा भी शामिल है। संग्रहालयों का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
- प्रदेश में जनजातीय नायकों को समर्पित भव्य स्मारकों का निर्माण कराया जायेगा।
- भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवम्बर जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई जायेगी।
- सामुदायिक वन प्रबंधन का अधिकार जनजातीय भाई-बहनों को मिलेगा। पेसा एक्ट चरणबद्ध तरीके से प्रदेश में लागू किया जायेगा। पेसा एक्ट ग्राम सभा को सामुदायिक संसाधनों की सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार देता है। वन भी सामुदायिक संसाधन है। इस कारण पेसा एक्ट वनों की सुरक्षा और संरक्षण का भी अधिकार ग्राम सभा को देता है। इसे अमलीजामा पहनाने के लिये सामुदायिक वन प्रबन्धन समितियों के गठन की जिम्मेदारी ग्राम सभा को मिलेगी। अब सामुदायिक वन प्रबंधन समितियां वर्किंग प्लान के अनुसार हर साल का माइक्रो प्लान बनाएंगी और उसे ग्राम सभा से अनुमोदित कराएंगी। समितियाँ ही उस प्लान को क्रियान्वित करेंगी।
- राशन आपके ग्राम : जनजातीय बहुल विकासखण्डों में 1 नवम्बर मध्यप्रदेश स्थापना दिवस से राशन आपके ग्राम व्यवस्था प्रारंभ होगी। प्रदेश के 89 जनजातीय बहुल विकासखण्डों में अब किसी भी जनजातीय भाई-बहन को राशन लेने के लिए दुकानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
- मछली पालन, मुर्गीपालन और बकरी पालन के लिए एकीकृत योजना में कार्य होगा। जनजातीय भाई-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिये मछली पालन, मुर्गीपालन और बकरी पालन में अपार संभावना है। इसके लिए एकीकृत योजना लागू होगी। जो उद्यमी बनना चाहे, उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन विकास के लिए आर्थिक सहायता और बिक्री के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध कराये जायेंगे।
- जनजातीय शिक्षा में क्रान्ति : जनजातीय बच्चों और युवाओं को नई शिक्षा नीति का लाभ दिलाने में सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। विज्ञान, तकनीकी और चिकित्सा क्षेत्र में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थी अपना भविष्य बनायें, इसके लिए पाठ्यक्रम को भी आज की आवश्यकताओं के अनुरूप बनायेंगे। जनजातीय बेटा-बेटियों को फौज और पुलिस में चयन के लिये प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रारंभ की जायेगी।
- बैकलॉग के पदों की पूर्ति : एक वर्ष के भीतर जनजाति वर्ग के सभी रिक्त पद भर दिये जायेंगे।
- जनजातीय क्षेत्रों में साहूकारी का धंधा करने वालों के लिए पंजीयन शुल्क में वृद्धि की गई है। यदि तय नियमों से कोई ज्यादा ब्याज लेगा, उस पर कार्यवाही की जायेगी। जनजातीय भाई-बहनों के कल्याण के लिये राज्य सरकार ने अनेक कल्याणकारी कार्य किये हैं।
